शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही डांडिया रास और गरबा नाइट्स की धूम हर जगह दिखने लगी है। बाजारों में पारंपारिक परिधानों के साथ डांडिया स्टिक्स की खरीदारी चरम पर है, लेकिन इस उत्सव में एक बड़ा और सकारात्मक रुझान भी सामने आया है। उत्सव प्रेमी अब दुकानों से कमजोर और महंगे प्लास्टिक के डांडिया खरीदने के स्थान पर घर पर खुद अपने हाथों से इन्हें तैयार करने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। यह रचनात्मक विकल्प न केवल त्योहार के बजट को संतुलित रखता है, बल्कि पूरे आयोजन को व्यक्तिगत जुड़ाव और नयापन भी देता है।
घरेलू कबाड़ और अखबारों से तैयार होता है ठोस ढांचा
कारीगरों और स्थानीय लोगों के अनुसार घर में डांडिया स्टिक बनाना काफी सरल होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी है। इसके निर्माण में किसी विशेष प्रशिक्षण या बाजार से भारी लागत वाली सामग्री की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती। घरों में अनुपयोगी पड़े पुराने अखबारों, बेकार पीवीसी पाइपों अथवा लकड़ी की पतली डंडियों को बुनियादी ढांचे की तरह उपयोग में लाया जा रहा है। अगर पुराने अखबार के 4 से 5 पन्नों को एक साथ रखकर बहुत कसकर बेलनाकार रोल तैयार कर दिया जाए, तो वह इतना सख्त रूप ले लेता है कि लकड़ी जैसी मजबूती हासिल कर लेता है। अखबार की यह सघन संरचना गरबा की तेज ताल और जोरदार टक्कर के बीच भी आसानी से नहीं टूटती।
गोटा-पट्टी और घुंघरुओं से सजावट का खास अंदाज
मूल ढांचा तैयार होते ही डांडिया को आकर्षक बनाने का काम शुरू हो जाता है। लोग पिछले त्योहारों के बचे हुए सजावटी सामान जैसे गोटा-पट्टी, रंग-बिरंगी लेस, चमकीले कागज, सैटिन के धागे और रिबन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन पट्टियों को तिरछे कोण में लपेटते हुए डंडी पर मजबूती से चिपका दिया जाता है। अधिकांश लोग अपनी गरबा पोशाक के रंगों और डिजाइन से मेल खाते हुए डांडिया की थीम तय कर रहे हैं। रास के दौरान हाथ से डंडी फिसलने से बचाने के लिए निचले हिस्से में सूती धागे या ऊन की परत चढ़ाकर बेहतर ग्रिप बनाई जाती है। डांडिया के ऊपरी और निचले सिरों पर छोटे घुंघरू और बहुरंगी लटकन लगाए जा रहे हैं, जो हर थाप के साथ गूंजती मधुर झंकार पैदा करते हैं।
कम समय में बचत के साथ बढ़ती है त्योहार की रौनक
उत्सव की तैयारी कर रहे लोगों के मुताबिक बाजार में सामान्य डांडिया की एक जोड़ी 150 से 300 रुपये तक की कीमत में बिक रही है। दुकानों से खरीदे गए ये डांडिया खेल के दौरान कुछ ही घंटों में चटक कर बेकार हो जाते हैं। दूसरी तरफ घर में रखी व्यर्थ सामग्री के सहारे मात्र 15 से 20 मिनट के भीतर मनपसंद डांडिया स्टिक्स बनकर तैयार हो जाती हैं। परिवार के सभी सदस्य जब मिलकर इन सजावटी स्टिक्स को तैयार करते हैं, तो उत्सव का आनंद और आपसी मेलजोल और प्रगाढ़ हो जाता है। कम लागत में अपनी पसंद के रंग रूप वाले डांडिया तैयार करने का यह तरीका त्योहार के उत्साह को दोगुना कर रहा है।



















