उम्र के एक पड़ाव पर पहुंचते ही चेहरे की बनावट में बदलाव आने लगता है, क्योंकि त्वचा की गहराई में स्वाभाविक कोलेजन का उत्पादन धीमा पड़ जाता है। इस प्राकृतिक बदलाव के चलते चेहरे पर बारीक रेखाएं, ढीलापन और झुर्रियां उभरने लगती हैं। कई बार सही पोषण और देखभाल न मिलने पर त्वचा अत्यधिक रूखी और बेजान हो जाती है, जिससे चेहरा हमेशा थका-थका दिखने लगता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आमतौर पर महिलाएं कॉस्मेटिक काउंटरों से महंगे नाइट सीरम और एंटी-एजिंग क्रीम खरीदती हैं, जिन पर हर महीने काफी रकम खर्च होती है। अगर आप बाजार के महंगे उत्पादों की जगह कोई प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय आजमाना चाहती हैं, तो घर की रसोई और बगीचे में मौजूद सामग्रियों से एक बेहतरीन नाइट जेल तैयार कर सकती हैं। अलसी के बीज और अपराजिता के चटक नीले फूलों का यह मिश्रण त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद करता है।
अपराजिता और अलसी के पोषक तत्वों की खूबियां
सौंदर्य विशेषज्ञ सुदर्शन, जो रिदम पार्लर से जुड़े हैं, बताते हैं कि वे इस खास जेल को तैयार करते हैं और स्वयं भी अपनी दिनचर्या में इसका उपयोग करते हैं। उनके अनुसार अलसी के दानों में म्यूसिलेज नामक एक प्राकृतिक लसलसा और चिपचिपा तत्व मौजूद होता है, जो पानी में उबलने पर बिल्कुल सीरम या जेल जैसा गाढ़ा टेक्सचर तैयार करता है। दूसरी तरफ अपराजिता के नीले फूलों में एंथोसायनिन जैसे प्रभावशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा की देखभाल में सहायक माने जाते हैं। इन दोनों के मेल से बनने वाला जेल रूखी त्वचा को जरूरी पोषण और तरलता देने का काम करता है। हालांकि सुदर्शन यह स्पष्ट करते हैं कि इस बात का कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि घर पर बना यह जेल चेहरे की झुर्रियों को पूरी तरह मिटा देगा या इससे त्वचा में कोलेजन बनने की गति बहुत तेज हो जाएगी। फिर भी बुनियादी नमी और ताजगी लौटाने के लिए यह बेहद उपयोगी साबित होता है।
जेल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस प्राकृतिक मिश्रण को बनाने के लिए किसी दुर्लभ या रासायनिक सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती है। आप घर पर उपलब्ध चीजों से इसे आसानी से तैयार कर सकती हैं। इसके लिए नीचे दी गई सामग्री जुटाएं
- 6 से 8 अपराजिता के ताजे या सूखे फूल
- दो बड़े चम्मच अलसी के बीज
- डेढ़ कप साफ पानी
- एक छोटा चम्मच एलोवेरा जेल
- बादाम के तेल की कुछ बूंदें, यदि आपकी त्वचा पर यह तेल अनुकूल रहता हो
स्टेप-बाय-स्टेप तैयार करने की विधि
इस नीले रंग के हर्बल जेल को पकाने की प्रक्रिया बेहद सीधी और आसान है। सबसे पहले एक साफ पैन या बर्तन में डेढ़ कप पानी डालकर आंच पर चढ़ाएं। जब पानी में हल्का उबाल आने लगे, तो उसमें अपराजिता के 6 से 8 फूल डाल दें। इन्हें मध्यम आंच पर करीब 3 से 4 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें, ताकि फूलों की पंखुड़ियों से नीला रंग और उनके तत्व पूरी तरह पानी में घुल जाएं। इसके बाद पानी को आंच से उतारकर किसी छलनी की मदद से छान लें और उबले हुए फूलों को बाहर निकाल दें।
अब इस नीले रंग के पानी को दोबारा बर्तन में डालें और इसमें दो बड़े चम्मच अलसी के बीज मिला दें। गैस की आंच को मध्यम रखें और चम्मच से लगातार हिलाते हुए मिश्रण को करीब 5 से 7 मिनट तक पकने दें। जैसे-जैसे अलसी के बीज पकेंगे, पानी गाढ़ा होना शुरू हो जाएगा और उसमें एक चिकना, चिपचिपा जेल जैसा रूप आने लगेगा। जब मिश्रण पर्याप्त गाढ़ा हो जाए, तो आंच बंद कर दें और बर्तन को नीचे उतारकर थोड़ा ठंडा होने दें।
हल्का गुनगुना रहने पर ही इस मिश्रण को किसी बारीक छलनी या साफ मलमल के कपड़े की मदद से छान लें, जिससे अलसी के बीज अलग हो जाएं और नीचे शुद्ध जेल निकल आए। पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद इसमें एक छोटा चम्मच एलोवेरा जेल अच्छी तरह फेंटें। अगर आपकी त्वचा को बादाम का तेल सूट करता है और इससे कोई परेशानी नहीं होती, तो आप इसमें बादाम के तेल की कुछ बूंदें भी मिला सकती हैं। सभी चीजों को एकसार मिलाने के बाद आपका प्राकृतिक नाइट जेल उपयोग के लिए तैयार है।
लगाने का सही तरीका और पैच टेस्ट की सलाह
इस जेल का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे रात को सोने से ठीक पहले इस्तेमाल करना चाहिए। सबसे पहले किसी सौम्य क्लींजर से अपने चेहरे को अच्छी तरह धोकर साफ करें और तौलिए से हल्के हाथों थपथपाकर सुखा लें। इसके बाद उंगलियों पर जेल की थोड़ी सी मात्रा लें और पूरे चेहरे तथा गर्दन पर हल्के हाथों से मसाज करते हुए फैलाएं। इसे रात भर त्वचा में समाने दें और सुबह उठकर देखें कि आपकी त्वचा पर इसका कैसा निखार और असर दिखता है।
हालांकि प्राकृतिक तत्वों से बने होने के बावजूद हर व्यक्ति की त्वचा की संवेदनशीलता अलग होती है। इसलिए पहली बार पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या कलाई के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें। जेल लगाने के कुछ घंटों के भीतर यदि त्वचा पर किसी तरह की खुजली, जलन, दाने या लालिमा नजर आए, तो इसका प्रयोग तुरंत बंद कर दें।
स्टोरेज के नियम और आवश्यक सावधानियां
घर में तैयार किए जाने वाले इस फॉर्मूले में बाजार के उत्पादों की तरह कोई भी प्रमाणित रासायनिक प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता है। इसी कारण इसे 10 से 15 दिनों तक सुरक्षित रहने वाला मानकर लंबे समय के लिए स्टोर करना सही नहीं है। सामान्य कमरे के तापमान या लंबे समय तक रखे रहने पर इसमें हानिकारक बैक्टीरिया और फफूंद पनपने का गंभीर खतरा रहता है, जो चेहरे को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सुझाव यही है कि आप एक बार में केवल उतनी ही मात्रा में जेल बनाएं जो कुछ ही दिनों में खत्म हो जाए। तैयार जेल को हमेशा एक साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज के अंदर रखें। यदि फ्रिज में रखे जेल के रंग, गंध या बनावट में जरा भी बदलाव महसूस हो, तो उसे तुरंत फेंक दें और नया बैच तैयार करें। जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है या जिन्हें पहले से किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले किसी योग्य त्वचा विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।



















