घरेलू फ्रिज के फ्रीजर कम्पार्टमेंट में बर्फ की मोटी परत जम जाना एक बेहद आम समस्या है, जिसे समय पर साफ न किया जाए तो यह सिरदर्द बन जाती है। जब दीवारों पर पाले और बर्फ की मोटी चट्टानें बनने लगती हैं, तो न केवल खाद्य सामग्री रखने की जरूरी जगह घट जाती है, बल्कि मशीन के पूरे कूलिंग सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लगातार बर्फ जमने से कंप्रेसर को सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा देर तक काम करना पड़ता है, जिसका सीधा असर आपके बिजली के बिल पर दिखाई देता है। इसलिए फ्रिज को लंबे समय तक सही स्थिति में चलाने के लिए नियमित अंतराल पर फ्रीजर की डीफ्रॉस्टिंग करना जरूरी हो जाता है।
नुकीली चीजों और उबलते पानी के इस्तेमाल से बचें
अधिकांश लोग फ्रीजर की बर्फ को जल्दी साफ करने की हड़बड़ी में गंभीर गलतियां कर बैठते हैं। कई घरों में चाकू, चम्मच, पेचकस या किसी नुकीले धातु के औजार से बर्फ को खुरचकर निकालने की कोशिश की जाती है। यह तरीका उपकरण के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। फ्रीजर की भीतरी दीवारों के ठीक पीछे कूलेंट गैस की पतली नालियां बिछी होती हैं। अगर धातु का औजार गलती से भी इन नलियों पर लग जाए, तो गैस पाइपलाइन में छेद हो सकता है। कूलेंट लीक होने पर रेफ्रिजरेटर पूरी तरह से ठंडा करना बंद कर देता है, और इस मरम्मत में हजारों रुपये का भारी खर्च आ सकता है।
इसी तरह कुछ लोग बर्फ को तेजी से पिघलाने के लिए सीधा खौलता हुआ उबलता पानी फ्रीजर के भीतर उड़ेल देते हैं। अचानक अत्यधिक तापमान के संपर्क में आने से फ्रीजर की प्लास्टिक बॉडी, साइड लाइनिंग और आंतरिक पैनल थर्मल शॉक का शिकार हो जाते हैं। इससे प्लास्टिक सिकुड़ सकती है, चटक सकती है या उसमें दरारें पड़ सकती हैं, जिससे उपकरण की बनावट हमेशा के लिए खराब हो जाती है।
फ्रीजर में बर्फ की मोटी परत जमने के मुख्य कारण
फ्रीजर में अतिरिक्त बर्फ जमने की बुनियादी वजह हवा में मौजूद नमी होती है। जब भी फ्रीजर का दरवाजा खुलता है, बाहर के कमरे की गर्म और नम हवा तुरंत भीतर प्रवेश करती है। यह हवा जैसे ही शून्य से नीचे के तापमान वाली ठंडी सतहों से टकराती है, उसकी नमी संघनित होकर बर्फ में बदलने लगती है। यह प्रक्रिया बार-बार दोहराए जाने पर परत दर परत मोटी बर्फ जम जाती है।
- बार-बार दरवाजा खोलना: जब दिन भर में बार-बार बेवजह फ्रीजर का गेट खोला और बंद किया जाता है, तो भारी मात्रा में नमी अंदर जमा होती है।
- खराब डोर गैस्केट या सील: अगर दरवाजे की रबर सील ढीली हो गई है या ठीक से नहीं चिपकती, तो बंद रहने पर भी कमरे की नमी लगातार अंदर रिसती रहती है।
- गर्म खाना रखना: भाप छोड़ते हुए गर्म भोजन को सीधा फ्रीजर में रखने से भारी भाप निकलती है, जो दीवारों पर जम जाती है।
- खुला खाना रखना: बिना ढक्कन या बिना रैप किए रखे गए खाद्य पदार्थों से निकलने वाली प्राकृतिक नमी भी तेजी से बर्फ का रूप ले लेती है।
बर्फ को पिघलाने और साफ करने का सबसे सुरक्षित तरीका
फ्रीजर को साफ करने की शुरुआत हमेशा सुरक्षा नियमों के साथ करनी चाहिए। सबसे पहले रेफ्रिजरेटर का मेन स्विच बंद करके पावर प्लग को दीवार के सॉकेट से बाहर निकालें, ताकि किसी भी तरह के बिजली के झटके का कोई जोखिम न रहे। इसके बाद फ्रीजर में रखी सभी खाद्य सामग्रियों को बाहर निकाल लें। इन चीजों को खराब होने से बचाने के लिए आइस पैक युक्त किसी पोर्टेबल कूलर या ठंडे बॉक्स में सुरक्षित रख दें।
बर्फ को प्राकृतिक और सुरक्षित रूप से ढीला करने के लिए एक या दो गहरे बर्तनों में गुनगुना पानी भरें। इन बर्तनों को फ्रीजर के अंदर रखकर दरवाजा पूरी तरह 10 से 15 मिनट के लिए बंद कर दें। बर्तनों से उठने वाली हल्की भाप फ्रीजर के चारों कोनों में फैलेगी और जमी हुई सख्त बर्फ की पकड़ को दीवारों से कमजोर कर देगी। जब बर्फ नरम और ढीली पड़ने लगे, तो किसी लचीले प्लास्टिक स्क्रेपर या किचन स्पैचुला की मदद से उसे हल्के हाथों से बाहर निकाल लें। याद रखें कि इस प्रक्रिया में किसी भी धातु के बर्तन या चम्मच का प्रयोग बिल्कुल न करें।
जब सारी बर्फ बाहर निकल जाए, तो पिघले हुए पानी को स्पंज या सूखे सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। फ्रिज की दीवारों, कोनों और बेस पर पानी की एक भी बूंद नहीं बची होनी चाहिए। अंदरूनी हिस्से को पूरी तरह सुखाने के बाद ही फ्रिज को बिजली से दोबारा जोड़ें और उसे सामान्य तापमान पर आने दें। पूरी तरह सूखने के बाद ही भोजन को व्यवस्थित तरीके से वापस रखें।


















