नवरात्रि, करवाचौथ और दिवाली के आगमन के साथ ही खरीदारी का माहौल पूरे जोर-शोर से तैयार होने लगा है. नए परिधानों और आभूषणों की तलाश के बीच चूड़ियों का चुनाव भी महिलाओं के श्रृंगार का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाता है. चाहे गरबा उत्सव के लिए बहुरंगी सेट की जरूरत हो, करवाचौथ के व्रत के लिए पारंपरिक लाल और मैरून चूड़ियां चाहिए हों, या फिर दिवाली के खास मौके पर किसी एथनिक पोशाक के साथ तालमेल बिठाने के लिए आकर्षक फैंसी कंगन, हर अवसर के लिए अलग अंदाज की दरकार होती है. दिल्ली के पारंपरिक और आधुनिक बाजारों में इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए ढेरों विकल्प उपलब्ध हैं. फेस्टिव खरीदारी को आसान बनाने के लिए शहर के पांच जाने-माने बाजारों का रुख किया जा सकता है.
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के समीप चूड़ी बाजार
कनॉट प्लेस के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर के निकट लगने वाला चूड़ी बाजार अपनी जीवंत विविधता और पारंपरिक आकर्षण के लिए जाना जाता है. यहां आने वाले खरीदारों को क्लासिक कांच की चूड़ियों के अलावा समकालीन और फैंसी डिजाइनों का व्यापक संग्रह देखने को मिलता है. करवाचौथ के अनुष्ठान के लिए उपयुक्त चटक लाल और गहरे मैरून रंग के सेट हों, नवरात्रि के डांडिया उत्सव के लिए चटख बहुरंगी संयोजन हों, अथवा दिवाली की रोशनी में चमकने वाले नक्काशीदार कंगन, इस बाजार की दुकानों पर घूमकर अपनी पसंद के अनुसार ढेरों शैलियां चुनी जा सकती हैं.
सदर बाजार में चूड़ियों और आभूषणों का विशाल संग्रह
सदर बाजार थोक और खुदरा खरीदारी के लिए राजधानी का सबसे व्यापक केंद्र माना जाता है, जहां चूड़ियों और कृत्रिम आभूषणों की विशाल श्रृंखला मौजूद रहती है. इस बाजार में सादी और पारदर्शी कांच की चूड़ियों से लेकर कुंदन, नग, स्टोन और विभिन्न धातुओं से तैयार की गई भारी बैंगल्स आसानी से मिल जाती हैं. जिन परिवारों को त्योहारों के अवसर पर बड़ी संख्या में चूड़ियां खरीदनी होती हैं या जो अलग-अलग साड़ियों और सूटों के लिए कई सारे मैचिंग सेट तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए सदर बाजार में डिजाइनों और कीमतों की कोई कमी नहीं रहती.
चांदनी चौक की ऐतिहासिक गलियों में पारंपरिक डिजाइन
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक की आभूषण और चूड़ी दुकानों में भारतीय परंपरा की गहरी झलक साफ दिखाई देती है. यहां पारंपरिक रंगों जैसे लाल, हरा, सुनहरा और मल्टीकलर पैलेट में सजी चूड़ियों के साथ-साथ शादी-ब्याह और बड़े उत्सवों के लिए तैयार किए गए भारी वैवाहिक सेट प्रचुर मात्रा में मिलते हैं. करवाचौथ पर सजने-संवरने के लिए विशुद्ध पारंपरिक चूड़ियों का चयन करना हो या फिर नवरात्रि के गरबा परिधानों और लहंगों के साथ मेल खाती चमकदार चूड़ियां चुननी हों, चांदनी चौक के कुशल कारीगरों और व्यापारियों के पास हर पसंद के अनुकूल नायाब संग्रह मौजूद रहता है.
लाजपत नगर में ट्रेंडी और मॉडर्न शैलियों का आकर्षण
जो लोग अपने फेस्टिव लुक में पारंपरिक सादगी के साथ आधुनिक फैशन का पुट जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए लाजपत नगर का सेंट्रल मार्केट एक बेहतरीन गंतव्य है. इस बाजार में ऑक्सीडाइज्ड धातु के कड़े, स्लीक मेटल चूड़ियां, कंटेम्परेरी कटवर्क और आकर्षक रंगों वाले ट्रेंडी सेट विशेष रूप से प्रदर्शित किए जाते हैं. डांडिया अथवा गरबा की रातों में लहंगे-चोली के साथ स्टाइल करने के लिए यहां युवा खरीदारों को फैशनेबल और आरामदायक विकल्प आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं.
जनपथ में बोहो अंदाज और इंडो-वेस्टर्न फ्यूजन
कनॉट प्लेस के पास स्थित जनपथ मार्केट अपनी अनूठी बोहो और फ्यूजन ज्वेलरी के लिए युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है. यहां पारंपरिक शिल्प के साथ-साथ बोहेमियन शैली में गढ़ी गई मेटल चूड़ियां, चमकीले रंग-बिरंगे आभूषण और ऑक्सीडाइज्ड फिनिश वाली कलाकृतियां प्रमुखता से बिकती हैं. यदि आप इस त्योहारी सीजन में पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर कुछ अलग आजमाना चाहते हैं या दिवाली के उत्सव में इंडो-वेस्टर्न पोशाक के साथ बोल्ड और रचनात्मक बैंगल्स पहनना चाहते हैं, तो जनपथ की दुकानें एक उत्तम विकल्प साबित होती हैं.


















