एसपी दफ्तर से सिर्फ 300 मीटर दूर चल रही थी कट्टे बनाने की फैक्ट्री, लाउड म्यूजिक की आड़ में पिता-पुत्र का काला कारोबार बेनकाबmadhya-pradesh
2 घंटे पहले· 0

एसपी दफ्तर से सिर्फ 300 मीटर दूर चल रही थी कट्टे बनाने की फैक्ट्री, लाउड म्यूजिक की आड़ में पिता-पुत्र का काला कारोबार बेनकाब

भिंड शहर में एक घर के अंदर तेज म्यूजिक की आड़ में देशी कट्टे बनाने और बेचने वाली अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई, जो एसपी कार्यालय से महज 300 मीटर दूर चल रही थी। पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर 10 कट्टे और तीन जिंदा राउंड बरामद किए।

घर के भीतर से लगातार तेज म्यूजिक की आवाज आ रही थी — पड़ोसियों के लिए यह बस किसी का शौक भर लगता था। लेकिन इसी शोर के पीछे एक ऐसा राज छिपा था, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। भिंड शहर में जिस मकान में दिन-रात गाने बजते थे, उसके अंदर असल में देशी कट्टों की पूरी फैक्ट्री चल रही थी। और हैरानी की बात यह कि यह ठिकाना एसपी कार्यालय से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर था।

मुखबिर की एक सूचना और खुल गया पूरा खेल

पुलिस को मुखबिर के जरिए इस गुप्त फैक्ट्री की भनक लगी। सूचना मिलते ही भिंड पुलिस की टीम ने शहर के उस घर पर अचानक धावा बोल दिया। अंदर म्यूजिक सिस्टम पूरी आवाज में बज रहा था। जैसे ही पुलिसकर्मी भीतर दाखिल हुए, सामने का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। एक पिता और उसका बेटा मिलकर कट्टे (देशी तमंचे) तैयार कर रहे थे। घर को किसी कारखाने की शक्ल दे दी गई थी — मशीनरी, कच्चा माल और बनकर तैयार हथियार, सब कुछ वहीं मौजूद था।

म्यूजिक क्यों, इसके पीछे की सोच

पिता-पुत्र की चालाकी यह थी कि वे जानबूझकर ऊंची आवाज में गाने चलाते थे। मकसद साफ था — मशीनों के चलने की आवाज को गाने के शोर में दबा देना, ताकि आसपास के लोगों को जरा भी शक न हो कि यहां क्या बन रहा है। यही वजह थी कि इतने दिनों तक यह कारोबार किसी की नजर में नहीं आया, जबकि एसपी दफ्तर महज कुछ कदम की दूरी पर था।

15 हजार में एक कट्टा, दूसरे जिलों तक पहुंच

पूछताछ में पता चला कि आरोपी एक कट्टे को 15 हजार रुपये में बेचते थे। ये अवैध हथियार बड़ी आसानी से स्थानीय अपराधियों के हाथों में और यहां तक कि दूसरे जिलों तक पहुंच रहे थे। यानी यह सिर्फ बनाने का नहीं, बल्कि बाकायदा बेचने का धंधा भी था।

क्या-क्या बरामद हुआ

दबिश के दौरान पुलिस ने मौके से 10 बनकर तैयार कट्टे और तीन जिंदा राउंड बरामद किए। इसके साथ ही कट्टा बनाने की मशीनरी, धातु की छड़ें, स्प्रिंग्स और बाकी पूरा सामान भी जब्त किया गया। पिता और पुत्र, दोनों को मौके पर ही दबोच लिया गया, जबकि दो अन्य आरोपी मौके से भागने में कामयाब रहे। फरार दोनों की तलाश में पुलिस ने छापेमारी तेज कर दी है।

नए एसपी का दावा — पूरा नेटवर्क खुलेगा

नवागत पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने पद संभालते ही इस फैक्ट्री और इसके संचालकों पर शिकंजा कस दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस गिरोह से जुड़े बाकी लोगों को भी जल्द दबोच लिया जाएगा। वर्मा ने कहा, “पकड़े गए पिता-पुत्र से पूछताछ की जा रही है। हम यह पता लगाएंगे कि उन्होंने अब तक कितने हथियार बेचे और किन-किन लोगों को सप्लाई किए। पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएगा।”

आगे क्या

गिरफ्तार पिता-पुत्र को भिंड पुलिस थाने लाकर पूछताछ की जा रही है और उन्हीं से मिले लीड्स के आधार पर छापेमारी का सिलसिला जारी रहेगा। भिंड जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी आसानी से अवैध हथियार बन और बिक रहे थे, यह अपने आप में चिंता की बात है। ऐसी फैक्टरियां सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि समाज में हिंसा और अपराध को भी हवा देती हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा लौटा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आर्म्स एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

नागरिक पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार