मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भोपाल के लिए निकली एक बस शनिवार रात अचानक आग की चपेट में आ गई, जिससे बस में सवार करीब 25 यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें जान बचाने के लिए बस से कूदना पड़ा।
यह वाकया ग्वालियर के चेतक पुरी इलाके में विवेकानंद तिराहे के पास पेश आया, जहां से यह वीडियो कोच बस भोपाल के लिए रवाना हुई थी। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक बस से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिसे देखकर बस में मौजूद हर यात्री दहशत में आ गया।
आग की लपटों के बीच यात्रियों ने बचाई जान
बस में सवार करीब 25 यात्रियों के लिए वे कुछ पल बेहद डरावने थे। आग तेजी से फैलने लगी और यात्रियों के पास बाहर निकलने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। एक-एक कर सभी यात्री बस से नीचे कूद गए ताकि खुद को बचा सकें। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ। हालांकि यात्रियों के पास मौजूद बैग, कपड़े और अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया और देखते ही देखते राख में तब्दील हो गया।
ड्राइवर और क्लीनर की भूमिका पर उठे सवाल
हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों ने ड्राइवर और क्लीनर के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों का कहना है कि सफर शुरू होने से पहले ही बस में कोई तकनीकी खराबी सामने आई थी, जिसे स्टाफ ने रवाना होने से पहले जैसे-तैसे ठीक किया था। उनका आरोप है कि जैसे ही बस से धुआं उठता दिखा, ड्राइवर और क्लीनर बिना किसी यात्री को आगाह किए खुद ही छलांग लगाकर बाहर निकल गए। इससे पीछे बैठे बाकी यात्रियों में और ज्यादा दहशत फैल गई, क्योंकि उन्हें समझ ही नहीं आया कि अचानक क्या हो रहा है। स्टाफ के इस तरह चुपचाप बस छोड़ देने से यात्रियों में गुस्सा भी साफ देखा गया।
राहगीरों और पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
इस दौरान आस-पास से गुजर रहे राहगीरों, अन्य वाहन चालकों और उस समय ड्यूटी पर न रहे कुछ पुलिसकर्मियों ने फौरन मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इन लोगों ने यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और अपने स्तर पर आग बुझाने की शुरुआती कोशिशें भी कीं। कुछ ही देर बाद घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन तब तक बस लगभग पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।


















