मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। एक ओर भोपाल में सरकार बड़े नीतिगत फैसलों की तैयारी में है, तो दूसरी ओर रायपुर में मुख्यमंत्री खुद विभागों की कमान संभालते दिखेंगे। इसी बीच नरसिंहपुर जिले से राजस्व अमले में बड़े फेरबदल और शिकायत निवारण को लेकर सख्ती की खबरें आ रही हैं। भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर से लेकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग तक की हर बड़ी हलचल पर एक नजर।
रायपुर में साय खुद करेंगे विभागों की पड़ताल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर में अलग-अलग विभागों के कामकाज की समीक्षा करने वाले हैं। तय कार्यक्रम के मुताबिक वह सुबह 11.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मंत्रालय में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे और सरकार की योजनाओं तथा चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे।
मोहन कैबिनेट के सामने कई बड़े प्रस्ताव
मध्य प्रदेश में आज मोहन कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला होने की उम्मीद है। यह बैठक दोपहर 12 बजे से मंत्रालय में होगी। सूत्रों के मुताबिक बैठक में स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026 को मंजूरी मिल सकती है। इसके साथ ही ट्रांसफर की अवधि बढ़ाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया जा सकता है। खाद आपूर्ति का मुद्दा भी बैठक की चर्चा में शामिल रहने की संभावना है।
नरसिंहपुर में राजस्व अमले की बड़ी सर्जरी
नरसिंहपुर जिले में राजस्व विभाग ने एक साथ बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। यहां कुल 55 पटवारियों के तबादले कर दिए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर गोटेगांव, गाडरवारा, करेली, तेंदूखेड़ा और नरसिंहपुर तहसील में यह बड़ा फेरबदल हुआ है। जो पटवारी लंबे समय से एक ही हल्के में जमे हुए थे, उन्हें अब दूसरी जगह भेज दिया गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और कसावट लाने के मकसद से उठाया गया है। प्रशासन का दावा है कि इससे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों का निराकरण तेजी से हो सकेगा। तबादला होने वाले पटवारियों को तीन दिन के भीतर अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सीएम हेल्पलाइन पर कलेक्टर का साफ संदेश
नरसिंहपुर में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को लेकर प्रशासन का रुख अब बेहद सख्त हो गया है। कलेक्टर रजनी सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन के हर मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि शिकायतें लेवल-1 और लेवल-2 पर ही खत्म हो जानी चाहिए।
कलेक्टर ने चेतावनी भरे लहजे में अधिकारियों से कहा कि किसी भी विभाग की ग्रेडिंग D नहीं आनी चाहिए और शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग होती रहे। बैठक में यह भी तय हुआ कि जनकल्याण शिविरों से मिले आवेदनों का त्वरित निपटारा किया जाए, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और संबल योजना के तहत श्रमिकों का पंजीयन कर सहायता राशि समय पर दी जाए।













