मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक मोर्चे पर आज का दिन बेहद सरगर्मियों से भरा हुआ है। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन बड़े राजनीतिक हंगामे और अहम आर्थिक फैसलों का गवाह बनने जा रहा है, वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में प्रशासन से लेकर नीतिगत चर्चाओं का दौर तेज है। दोनों राज्यों के प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में मौसम, अपराध, विकास और राजनीति से जुड़े कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही, एक ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुखद घटना और मध्य प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री के अचानक अस्वस्थ होने से दिन की गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज इन दोनों राज्यों में कौन सी बड़ी हलचलें हो रही हैं।
इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत
रेलवे नेटवर्क पर एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां भोपाल से ग्वालियर की तरफ जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग यात्री ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, इस बुजुर्ग का नाम विश्वास राव जाधव था, जो अपनी पत्नी के साथ विदिशा से ट्रेन में सवार हुए थे और ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान जब ट्रेन पनिहार रेलवे स्टेशन के करीब पहुंची, तो अचानक उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। दुर्भाग्यवश, कोई भी उचित मेडिकल सहायता मिलने से पहले ही उनकी जान चली गई। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने के तुरंत बाद, वहां तैनात जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने तय प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और मौत की असल चिकित्सकीय वजह जानने के लिए उसे पोस्टमार्टम (पीएम) के लिए अस्पताल भेज दिया है। यह घटना सफर के दौरान खासकर बुजुर्गों को होने वाली मेडिकल इमरजेंसी के खतरे को उजागर करती है।
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का व्यस्त प्रशासनिक कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है, क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज का पूरा कार्यक्रम बेहद व्यस्त और अहम बैठकों से भरा हुआ है। तय आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह ठीक 10:45 बजे अपने सरकारी निवास (सीएम हाउस) से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे। मंत्रालय पहुंचने के बाद, सुबह 11 बजे वे यूनिसेफ के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक करेंगे, जिसमें राज्य के बच्चों के विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस महत्वपूर्ण बैठक के तुरंत बाद, सुबह 11:40 बजे मुख्यमंत्री अपनी मंत्री परिषद के साथ बैठक करेंगे, जहां सरकार की आगामी रणनीतियों और नीतियों की समीक्षा की जाएगी। मंत्रालय के सभी कामकाज निपटाने के बाद, सीएम साय विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने उनके निवास पर जाएंगे। इस राजनीतिक और प्रशासनिक मुलाकात के बाद, दोपहर 2:45 बजे मुख्यमंत्री अपने निवास के लिए वापस प्रस्थान करेंगे।
मध्य प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट और विपक्ष का भारी हंगामा
मध्य प्रदेश की सियासत आज पूरी तरह से उफान पर रहने वाली है, क्योंकि राज्य विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है और कई महत्वपूर्ण वित्तीय और विधायी कार्यों पर मुहर लगनी है। आज सदन की कार्यवाही का सबसे बड़ा बिंदु राज्य सरकार के अनुपूरक बजट पर होने वाली एक घंटे की विस्तृत चर्चा है। यह अनुपूरक बजट कुल 7 हजार 4 सौ 55 करोड़ 76 लाख 55 हजार 54 रुपये का है, जिसे राज्य के विकास कार्यों और प्रशासनिक जरूरतों के लिए अहम माना जा रहा है। बजट के अलावा, सदन में कुल 6 अहम विधेयकों पर भी गंभीर चर्चा होनी है। इनमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता संशोधन, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन, आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन और निरसन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। इसके अलावा, जनता से जुड़े 9 अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाए जाएंगे। हालांकि, सदन का माहौल शांतिपूर्ण रहने की कोई उम्मीद नहीं है। विपक्ष आज राहुल गांधी की गिरफ्तारी के मुद्दे के साथ-साथ कई अन्य विषयों पर सरकार को घेरने और भारी हंगामा करने की पूरी तैयारी में है। मंगलवार रात से ही विपक्षी दल सदन के अंदर से लेकर सड़क तक अपना कड़ा विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं, जिससे आज का दिन काफी हंगामेदार होने के आसार हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का स्वास्थ्य बिगड़ा, दिल्ली रेफर
इस बीच, मध्य प्रदेश कैबिनेट के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की तबीयत अचानक काफी ज्यादा खराब हो गई है, जिसके चलते उन्हें बेहतर और त्वरित इलाज के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि तोमर पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज बुखार की समस्या से जूझ रहे थे। राज्य में इलाज के बावजूद जब उनके स्वास्थ्य में कोई सकारात्मक सुधार नहीं दिखा, तो उन्हें फोर्टिस अस्पताल, दिल्ली में भर्ती कराने का फैसला लिया गया। फिलहाल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और उनका इलाज जारी है। एक ऐसे समय में जब विधानसभा का इतना अहम सत्र चल रहा हो, एक प्रमुख मंत्री का इस तरह अस्वस्थ होकर अस्पताल में भर्ती होना चिंता का विषय है। उनके समर्थक और पार्टी के नेता उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।



















