मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के माताबसैया थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले किशनपुर गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां चरित्र पर शक के चलते एक पति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी एक ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
सोते समय कुल्हाड़ी से किया हमला
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह भयानक वारदात किशनपुर गांव के रहने वाले हरिचरण कुशवाहा के बेटे बलराम सिंह कुशवाहा के घर के भीतर घटित हुई। शुक्रवार की देर रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, तब पैंतीस वर्षीय बलराम कुशवाहा ने हिंसक रूप धारण कर लिया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और सबसे पहले अपनी बत्तीस वर्षीय पत्नी रबीता कुशवाहा पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने अपने ही दो मासूम बेटों, आठ साल के देवू और पांच साल के आरव पर भी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए। कुल्हाड़ी के वार इतने घातक थे कि रबीता और दोनों बच्चों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घर के भीतर चारों तरफ खून फैल गया और तीनों की सांसें हमेशा के लिए थम गईं।
हत्या के बाद रेलवे ट्रैक पर दी जान
अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी बलराम कुशवाहा घर से बाहर निकल गया। वह भागकर गांव से कुछ दूरी पर स्थित शिकारपुर रेलवे फाटक पर पहुंचा। वहां उसने सामने से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से बलराम की भी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई, जिसके बाद कड़ियां जुड़ते ही पुलिस बलराम के घर तक पहुंची और वहां का खौफनाक मंजर देखकर दंग रह गई। घर के अंदर पत्नी और दोनों मासूम बच्चों के रक्तरंजित शव पड़े हुए थे।
धार्मिक नृत्य के वीडियो पर था विवाद
इस खौफनाक कदम के पीछे की वजहों को तलाश रही पुलिस को मृत बलराम कुशवाहा के मोबाइल फोन से एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। बलराम के मोबाइल में एक वीडियो मिला है, जो इस पूरे विवाद की मुख्य वजह माना जा रहा है। इस वीडियो में उसकी पत्नी रबीता गांव के ही एक मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दौरान धार्मिक नृत्य करती हुई दिखाई दे रही है। बलराम को अपनी पत्नी का इस तरह सार्वजनिक रूप से नृत्य करना बिल्कुल पसंद नहीं था और उसने इस पर गहरी आपत्ति जताई थी। बात सिर्फ आपत्ति तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि बलराम ने अपनी नाराजगी जताते हुए इस वीडियो को अपने कई रिश्तेदारों को भी भेजा था। चरित्र पर शक और इस वीडियो को लेकर उसका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने पूरे परिवार को खत्म करने का फैसला कर लिया।
पारिवारिक कलह और मारपीट के आरोप
इस बीच, मृतका रबीता के मायके वालों ने बलराम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रबीता के पिता मलखान सिंह कुशवाहा और उसकी बहन भारती ने बताया कि बलराम अक्सर रबीता के साथ मारपीट करता था। चरित्र पर शक करने की वजह से वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान और गुस्से में रहता था। घटना से करीब दस दिन पहले बलराम ने अपने ससुर मलखान सिंह को फोन किया था और उनसे कहा था कि वे रबीता और बच्चों को अपने घर वापस ले जाएं। इसके बाद दोनों पक्षों में बातचीत हुई और रिश्तेदारों की मध्यस्थता के बाद 24 जून को वह रबीता और बच्चों को वापस अपने घर लेकर आया था। लेकिन घर लौटने के महज चार दिन बाद ही उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस और FSL की जांच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विजय भदौरिया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ FSL की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटना स्थल से उंगलियों के निशान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए मुरैना जिला अस्पताल भेज दिया है। DSP विजय भदौरिया ने बताया कि पुलिस पड़ोसियों, रिश्तेदारों और मायके पक्ष के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि घटना के हर पहलू को समझा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













