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प्रशासन ने आगर मालवा में सैकड़ों झोपड़ियां जमींदोज कीं, शाम को नेताओं की भिड़ंत में रुकी कार्रवाईमध्य प्रदेश
6 जुल॰ 2026, 12:35 am (45 दिन पहले)· 1

प्रशासन ने आगर मालवा में सैकड़ों झोपड़ियां जमींदोज कीं, शाम को नेताओं की भिड़ंत में रुकी कार्रवाई

आगर मालवा में उज्जैन-झालावाड़ हाईवे किनारे करीब 25 बीघा सरकारी जमीन से 100 से ज्यादा मकान और झोपड़ियां हटाई गईं, लेकिन शाम को बड़ा तालाब इलाके में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के पहुंचने के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी।

आगर मालवा में शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान सोमवार को दिनभर सुर्खियों में रहा। उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे किनारे, आगर बस स्टैंड के पास फैली करीब 25 बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन को प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ खाली कराया। यह कार्रवाई सुबह से शुरू होकर शाम तक चली, लेकिन जब बात बड़ा तालाब इलाके तक पहुंची तो माहौल राजनीतिक टकराव में बदल गया।

सुबह से मैदान में उतरी प्रशासन-पुलिस की संयुक्त टीम

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी। बुलडोजर की मदद से पूरे दिन कार्रवाई चलती रही, जिसमें 100 से ज्यादा कच्चे मकान और झोपड़ियां तोड़ दी गईं। इलाके में कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए करीब 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जबकि प्रशासन के करीब 100 अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर डटे रहे। इतनी बड़ी संख्या में बल तैनाती से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन इस कार्रवाई को लेकर कितना गंभीर था।

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प्रशासन का दावा, नियमों के तहत हुई कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई। उनके मुताबिक, कार्रवाई शुरू करने से पहले मुनादी और एनाउंसमेंट के जरिए रहवासियों को जगह खाली करने की सूचना दी जा चुकी थी। लेकिन प्रभावित परिवारों ने प्रशासन के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका आरोप है कि उन्हें घर खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और उनके खिलाफ एकतरफा तरीके से कार्रवाई की गई। मौके पर मौजूद कई रहवासियों ने यह भी दावा किया कि उनके पास जमीन के वैध पट्टे मौजूद हैं और उनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे थे।

एक दिन पहले सर्व हिन्दू समाज का प्रदर्शन बना वजह

गौरतलब है कि इस बुलडोजर कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले सर्व हिन्दू समाज ने इसी अतिक्रमण को हटाने की मांग उठाई थी। समाज के लोगों ने हाईवे पर चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन भी किया था। अब प्रशासन की इस तेज कार्रवाई को उसी मांग और दबाव का नतीजा माना जा रहा है, यानी संगठन के विरोध के अगले ही दिन बुलडोजर मौके पर पहुंच गया।

बड़ा तालाब इलाके में पहुंचते ही भड़का सियासी विरोध

दिनभर चली इस कार्रवाई ने शाम होते ही सियासी रंग ले लिया। जैसे ही प्रशासन की टीम बड़ा तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची, वहां रहवासियों का विरोध शुरू हो गया। मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर पहुंच गईं और धरने पर बैठ गईं। कुछ ही देर में भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय भी वहां पहुंच गए। दोनों दलों के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसके बाद फिलहाल आगे की कार्रवाई रोक दी गई।

वायरल वीडियो में महिला की गुहार

इस पूरे हंगामे के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इनमें एक पीड़ित महिला भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय के पैर पकड़कर अपना घर बचाने की गुहार लगाती नजर आ रही है। इस वीडियो ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। हालांकि प्रशासन अब भी अपने रुख पर कायम है और उसका कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के दायरे में ही की जा रही है।

सवाल-जवाब

आगर मालवा में बुलडोजर कार्रवाई कहां की गई?
उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे किनारे आगर बस स्टैंड के पास करीब 25 बीघा सरकारी जमीन पर यह कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में कितने मकान हटाए गए?
100 से ज्यादा कच्चे मकान और झोपड़ियां हटाई गईं।
सुरक्षा के लिए कितना पुलिस बल तैनात था?
करीब 150 पुलिसकर्मी और प्रशासन के करीब 100 अधिकारी-कर्मचारी मौके पर तैनात थे।
शाम को कार्रवाई क्यों रोकनी पड़ी?
बड़ा तालाब इलाके में विरोध शुरू होने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर धरने पर बैठ गईं और भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय भी पहुंच गए, जिसके बाद लंबी बातचीत के बाद कार्रवाई रोकी गई।
प्रभावित रहवासियों का क्या आरोप है?
उनका कहना है कि घर खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और उनके पास जमीन के पट्टे और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान होने के बावजूद एकतरफा कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई से एक दिन पहले क्या हुआ था?
सर्व हिन्दू समाज ने इसी अतिक्रमण को हटाने की मांग करते हुए हाईवे पर चक्काजाम और प्रदर्शन किया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्या दिखाया गया है?
इसमें एक पीड़ित महिला भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय के पैर पकड़कर अपना घर बचाने की गुहार लगाती दिख रही है।
क्या प्रशासन ने अपने कदम पर सफाई दी है?
हां, प्रशासन का कहना है कि रहवासियों को पहले मुनादी और एनाउंसमेंट से सूचना दी गई थी और पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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