मणिपुर सरकार ने साफ कर दिया है कि विस्थापित लोगों को उनकी चल संपत्ति के नुकसान का मुआवजा तभी मिलेगा, जब उनका पुनर्वास और स्थानांतरण पूरी तरह पूरा हो जाएगा। यह जानकारी गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को विधानसभा में दी।
कांग्रेस विधायक ने पूछा सवाल
कांग्रेस विधायक कांगुजम रंजीत सिंह ने सदन में पूछा था कि मौजूदा संकट के दौरान अपनी चल संपत्ति गंवा चुके विस्थापितों के लिए सरकार की क्या योजना है। इसके जवाब में गोविंददास कोंथौजम ने बताया कि इस पर विचार पुनर्वास प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
अब तक एक रुपया भी नहीं मिला
गृह मंत्री ने विधानसभा को बताया कि चल संपत्ति के नुकसान के लिए विस्थापितों को अब तक कोई भी मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पुनर्वास का काम राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरने के बाद ही पूरी रफ्तार पकड़ेगा।
समयसीमा को लेकर कोई साफ जवाब नहीं
एक पूरक सवाल के जरिए जब पूछा गया कि मुआवजा देने के लिए कोई तय समयसीमा तय की गई है या नहीं, तो गोविंददास कोंथौजम ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई समयसीमा तय नहीं है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों के पुनर्वास और स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार इस मामले की समीक्षा करेगी।
सरकार ने दोहराई अपनी प्रतिबद्धता
अपने जवाब के अंत में गृह मंत्री ने दोहराया कि संकट से प्रभावित नागरिकों के कल्याण और पुनर्वास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, हालांकि उन्होंने मुआवजे को लेकर विस्थापितों को कोई ठोस तारीख नहीं दी। सदन में मौजूद सदस्यों को यह भी बताया गया कि फिलहाल विस्थापितों के पुनर्वास पर ही सरकार का पूरा ध्यान केंद्रित है।





















