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चूड़ाचांदपुर में मुठभेड़, सेना और असम राइफल्स ने मार गिराए यूकेएनए के दो उग्रवादी, दो घायलमणिपुर
6 सित॰ 2026, 3:51 pm (2 घंटे पहले)· 2

चूड़ाचांदपुर में मुठभेड़, सेना और असम राइफल्स ने मार गिराए यूकेएनए के दो उग्रवादी, दो घायल

मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले के फाइबोंग गांव में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूकेएनए के दो उग्रवादी मारे गए और दो घायल हुए, वहीं मौके से हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ।

मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के दो कैडर मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। यह झड़प भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीम द्वारा फाइबोंग गांव में चलाए गए एक अभियान के दौरान हुई, अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

अभियान कैसे शुरू हुआ और कैसे आगे बढ़ा

अधिकारियों के मुताबिक, हेंगलेप उपमंडल के फाइबोंग गांव में यूकेएनए कैडरों के एक कैंप में मौजूद होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। बताया गया कि सुरक्षाबलों ने 29 अगस्त की रात से ही संदिग्ध कैंप पर नजर रखनी शुरू कर दी थी ताकि हमले से पहले पूरी जानकारी जुटाई जा सके। असम राइफल्स ने एक्स पर लिखा कि यह संयुक्त अभियान 29 अगस्त 2026 की रात मिली ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर चूड़ाचांदपुर के हेंगलेप उपमंडल स्थित फाइबोंग गांव में शुरू किया गया था। इसके बाद 2 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे अभियान अपने सक्रिय चरण में पहुंचा, जब जवान कैंप की ओर बढ़ने लगे। करीब 5:30 बजे उग्रवादियों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की। इस मुठभेड़ के बाद असम राइफल्स ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि यूकेएनए के दो कैडर मारे गए जबकि दो अन्य घायल हुए।

कैंप से भारी मात्रा में हथियार बरामद

मुठभेड़ के बाद जब सुरक्षाबलों ने कैंप की तलाशी ली तो वहां से हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। इनमें दो MA राइफलें, एक AK-56 राइफल, एक लेथोड गन और सात लेथोड ग्रेनेड शामिल थे। इसके अलावा 15 AK मैगजीन, AK-56 के 371 राउंड, MA राइफल के 601 राउंड और SLR के 172 राउंड भी बरामद किए गए। हथियारों के साथ ही 15 कॉम्बैट यूनिफॉर्म और सात एम्युनिशन पाउच भी मिले, जिससे पता चलता है कि कैंप में मौजूद कैडर पूरी तरह लैस थे।

यूकेएनए एसओओ समझौते से बाहर क्यों

यूकेएनए केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कई कुकी व जोमी सशस्त्र संगठनों के बीच हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) समझौते में शामिल नहीं है। इस समझौते से बाहर होने की वजह से यूकेएनए के कैडर और उसके कैंप सीधे सुरक्षाबलों की कार्रवाई के दायरे में आते हैं, जबकि समझौते से जुड़े संगठनों के खिलाफ इस तरह की सीधी कार्रवाई नहीं होती।

आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान जारी

असम राइफल्स के मुताबिक मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल हेंगलेप उपमंडल से सटे जंगली इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि इलाके में मौजूद बाकी कैडरों और छिपे हथियारों का भी पता लगाया जा सके।

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सवाल-जवाब

चूड़ाचांदपुर मुठभेड़ में कितने यूकेएनए उग्रवादी मारे गए?
यूकेएनए के दो कैडर मारे गए और दो अन्य घायल हुए।
यह मुठभेड़ कहां हुई?
यह मुठभेड़ मणिपुर के चूड़ाचांदपुर जिले के हेंगलेप उपमंडल स्थित फाइबोंग गांव में हुई।
यह अभियान कब चलाया गया?
सुरक्षाबलों ने 29 अगस्त की रात से निगरानी शुरू की थी, जबकि अभियान का सक्रिय चरण और गोलीबारी 2 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे और 5:30 बजे हुई।
कैंप से क्या-क्या हथियार बरामद हुए?
दो MA राइफलें, एक AK-56 राइफल, एक लेथोड गन, सात लेथोड ग्रेनेड, 15 AK मैगजीन, AK-56 के 371 राउंड, MA राइफल के 601 राउंड, SLR के 172 राउंड, 15 कॉम्बैट यूनिफॉर्म और सात एम्युनिशन पाउच बरामद हुए।
क्या यूकेएनए एसओओ शांति समझौते का हिस्सा है?
नहीं, यूकेएनए केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कई कुकी व जोमी सशस्त्र संगठनों के बीच हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (एसओओ) समझौते का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।
क्या इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है?
हां, असम राइफल्स के मुताबिक मुठभेड़ स्थल के आसपास के जंगली इलाकों में तलाशी अभियान लगातार जारी है।
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