ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक सधी हुई मजबूती के मूड में बना हुआ है, और यूओबी के करेंसी रणनीतिकारों का कहना है कि यह तेजी तब तक दांव पर बनी रहेगी जब तक जोड़ी 0.6950 के स्तर का बचाव करती रहती है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक 21 जुलाई को कारोबार बंद होने पर AUD/USD 0.7011 पर रहा, जो पिछले बंद भाव 0.6979 के मुकाबले 0.46 प्रतिशत ऊपर है।
दरअसल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल इस समय दो पहलुओं से देखी जा रही है, एक बहुत नजदीकी और दूसरी अगले एक से तीन हफ्ते की। दोनों में एक ही बात केंद्र में है, और वह है 0.6950 का सहारा।
अगले 24 घंटे की तस्वीर
पिछले गुरुवार को यह जोड़ी 0.6986 और 0.7012 के बीच बिना किसी साफ दिशा के घूमती रही। शुक्रवार के लिए यूओबी को यही उम्मीद थी कि कारोबार दायरे में ही रहेगा और उसने 0.6980 से 0.7015 का बैंड बताया था। लेकिन भाव इस अनुमान पर नहीं चला और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिसलकर 0.6966 के निचले स्तर तक चला गया। खास बात यह रही कि इस गिरावट के बावजूद बिकवाली का दबाव किसी बड़े रूप में नहीं बढ़ा। मौजूदा सत्र के लिए यूओबी का आकलन है कि जोड़ी 0.6960 और 0.7000 के बीच सिमटी रह सकती है।
एक से तीन हफ्ते का बड़ा नजरिया
अगर थोड़ा पीछे चलें तो बुधवार 15 जुलाई को, जब भाव 0.6975 के आसपास था, यूओबी ने कहा था कि ऊपर की ओर गति बनने लगी है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7015 के अहम अवरोध को पार कर पाएगा या नहीं। इसके बाद जोड़ी चढ़कर 0.7021 तक पहुंची, और गुरुवार 16 जुलाई को, जब भाव 0.7005 था, बैंक ने माना कि गति में आई तेज बढ़त 0.7045 तक की चाल का रास्ता खोल सकती है।
लेकिन यह बढ़त आगे नहीं टिकी। शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिर लुढ़ककर 0.6966 के निचले स्तर पर आ गया। अब गति ठंडी पड़ने लगी है। इसके बावजूद यूओबी जोर देकर कहता है कि तेजी वाला परिदृश्य तब तक बचा हुआ है जब तक 0.6950 का स्तर नहीं टूटता। यह मजबूत सहारे का स्तर पहले जैसा ही बना हुआ है, और सिर्फ इसके साफ तौर पर नीचे जाने पर ही यह संकेत मिलेगा कि 0.7045 की ओर की चाल फिलहाल टल गई है।
अभी भाव कहां खड़ा है
लाइव आंकड़ों के हिसाब से जोड़ी की मौजूदा स्थिति अवरोध के ठीक नीचे बनी हुई है। 14 दिन का RSI 55 पर है, यानी न बहुत गर्म न बहुत ठंडा। शॉर्ट टर्म का EMA20 0.6972 पर, EMA50 0.7011 पर और लंबी अवधि का EMA200 0.6876 पर है, जो दर्शाता है कि लंबी अवधि का रुझान अब भी तेजी का है और यहां गोल्डन क्रॉस जैसी स्थिति बनी है। नजदीकी सहारा करीब 0.6866 और अवरोध करीब 0.7016 के आसपास देखा जा रहा है। पिछले 52 हफ्तों में यह जोड़ी 0.6415 से 0.7277 के बीच घूमी है। कुल मिलाकर लाइव तस्वीर यूओबी के इसी नजरिए से मेल खाती है कि जब तक 0.6950 सुरक्षित है, ऊपर की ओर का जोखिम कायम है।
बाकी बाजार का माहौल
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की यह चाल अकेली नहीं चल रही, बल्कि पूरे करेंसी और जोखिम बाजार के मूड से जुड़ी है। सोमवार के यूरोपीय सत्र में ब्रिटिश पाउंड यानी GBP/USD 1.3450 के ऊपर हल्की खरीदारी के सहारे टिका रहा, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में सुस्ती बनी हुई थी। बाजार सप्ताहांत की झड़प के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को तौल रहे हैं। मंगलवार को यूके का रोजगार आंकड़ा नजरों में रहेगा।
यूरो यानी EUR/USD की बात करें तो यह 1.1450 की ओर आई अपनी ताजा बढ़त गंवाता दिखा, क्योंकि अमेरिका-ईरान टकराव से आई सतर्कता ने यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) से जुड़ी सख्त उम्मीदों को दबा दिया। माना जा रहा है कि ECB इस गुरुवार ब्याज दरें स्थिर रखेगा, लेकिन युद्ध के असर से ऊर्जा कीमतों पर बढ़ते महंगाई के खतरे को देखते हुए सितंबर में दर बढ़ाने का संकेत दे सकता है।
सोना 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास लगभग सपाट कारोबार करता रहा और अपनी हल्की इंट्राडे बढ़त को भुना नहीं पाया। बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रही हैं, जिससे सोने की तेजी पर रोक लगती है और मंदड़ियों को बढ़त मिलती है।
क्रिप्टो में इथेरियम ने बीते हफ्ते बाकी बड़ी करेंसियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और दहाई अंकों में बढ़त दर्ज की, बिटकॉइन, XRP और सोलाना को पीछे छोड़ते हुए, इससे पहले कि गुरुवार से व्यापक बाजार में सुधार शुरू हो। हालांकि सतह के नीचे के अहम आंकड़े बताते हैं कि यह तेजी अभी नाजुक है। उधर कार्डानो (ADA) एक हल्के रिबाउंड के बाद 0.165 डॉलर पर अटका रहा। शनिवार को वैन रोसेम हार्ड फोर्क चालू हुआ, जो पूरी तरह ऑनचेन गवर्नेंस से मंजूर हुआ कार्डानो का पहला प्रोटोकॉल अपग्रेड रहा और इसके साथ प्रोटोकॉल वर्जन 11 आया, जिसका मकसद स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लागत घटाना है।
महंगाई के मोर्चे पर जून का CPI महीने दर महीने 0.4 प्रतिशत गिरा, जो अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इसने सालाना दर को मई के 4.2 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत पर ला दिया और लगातार तीन महीने की तेजी का सिलसिला तोड़ दिया। कोर कीमतें कहीं नहीं हिलीं, महीने के आधार पर सपाट और सालाना आधार पर घटकर 2.6 प्रतिशत पर, दोनों ही अनुमानों से नीचे रहीं। यही मिला-जुला माहौल तय करेगा कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6950 का किला बचाकर 0.7045 की ओर बढ़ पाता है या नहीं।



















