देशभर के महानगरों और प्रमुख शहरों में 1 अक्टूबर के लिए ईंधन के खुदरा भाव तय हो गए हैं, जिसके तहत विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों और भौगोलिक स्थिति के आधार पर कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। इसी तारीख को केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों से संबंधित अप्रत्याशित लाभ कर यानी विंडफॉल टैक्स की द्वि-साप्ताहिक समीक्षा लागू की है। इस समीक्षा के तहत डीजल के निर्यात पर लागू लेवी में कटौती की गई है, जबकि पेट्रोल पर इसे पूर्ववत रखा गया है। दूसरी ओर, विमानन टर्बाइन ईंधन यानी जेट फ्यूल के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी की गई है। वैश्विक कच्चे तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच यह बदलाव घरेलू और रिफाइनरी स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है।
डीजल पर विंडफॉल टैक्स में कटौती और स्पेशल एक्साइज ड्यूटी
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 20 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह संशोधन अगले 15 दिनों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी कर 0.5 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है। पेट्रोल के निर्यात पर किसी प्रकार का अतिरिक्त फेरबदल नहीं किया गया है, जबकि जेट फ्यूल के शिपमेंट पर कर भार बढ़ाया गया है। रिफाइनिंग कंपनियों के लिए डीजल निर्यात पर लेवी कम होने से उनके मार्जिन को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।
उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के महानगरों में पेट्रोल के रेट
देश के कई शहरों में पेट्रोल 105 रुपये के आंकड़े के नीचे कारोबार कर रहा है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और उससे सटे नोएडा में 1 अक्टूबर को पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर की समान दर पर बिक रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उपभोक्ताओं को पेट्रोल के लिए 102.68 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि हरियाणा के गुरुग्राम में यह दर 102.97 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पेट्रोल सबसे किफायती स्तरों में से एक 101.54 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। दूसरी तरफ, ओडिशा के भुवनेश्वर में पेट्रोल 109.03 रुपये प्रति लीटर और तमिलनाडु के चेन्नई में 107.76 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है।
110 रुपये के पार बिक रहा पेट्रोल, हैदराबाद सबसे महंगा
देश के कई बड़े उपभोग केंद्रों में पेट्रोल का खुदरा भाव 110 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 1 अक्टूबर को पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और कर्नाटक के बेंगलुरु में 111.68 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल 113.19 रुपये और बिहार के पटना में 113.37 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। सभी प्रमुख नगरों में तेलंगाना का हैदराबाद सबसे महंगा साबित हुआ है, जहां पेट्रोल का दाम 116.15 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम का स्थान है, जहां पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर पर बेचा जा रहा है।
महानगरों में डीजल के खुदरा भाव
डीजल की कीमतों पर नजर डालें तो देश के विभिन्न राज्यों में वैट और ढुलाई लागत के कारण दरों में उल्लेखनीय अंतर है। नई दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है, जबकि नोएडा में यह 95.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में डीजल की दर 97.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं जयपुर में 98.25 रुपये, पटना में 99.36 रुपये, चेन्नई में 99.55 रुपये, बेंगलुरु में 99.56 रुपये और कोलकाता में 99.82 रुपये प्रति लीटर पर डीजल मिल रहा है। पूरे देश में सबसे सस्ता डीजल चंडीगढ़ में बिक रहा है, जहां इसकी कीमत मात्र 89.47 रुपये प्रति लीटर है। इसके विपरीत, ओडिशा के भुवनेश्वर में डीजल 100 रुपये का स्तर पार कर 100.74 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। सबसे महंगे डीजल के मामले में तिरुवनंतपुरम 104.40 रुपये प्रति लीटर और हैदराबाद 104.23 रुपये प्रति लीटर के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं।
वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की खेप युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंचती दिख रही है। सऊदी अरब ने अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन की आधी क्षमता बहाल कर दी है, जिससे आपूर्ति में सुधार हुआ है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला तेल प्रवाह बढ़कर 13.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन पर पहुंच चुका है। हालांकि, ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी स्थायी समझौते के अभाव में बाजार अब भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। तेहरान और वॉशिंगटन दोनों ही इस रणनीतिक जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। इस बीच, ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि तेहरान को जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संबंध में अमेरिका से एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर, ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, इस सप्ताहांत होने वाली बैठक में ओपेक प्लस द्वारा नवंबर उत्पादन कोटा अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है।
फिजिकल मार्केट में तंग आपूर्ति और ब्रेंट क्रूड के तेवर
च्वाइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह सुधरने के बावजूद वास्तविक फिजिकल तेल बाजार हेडलाइन डेटा की तुलना में कहीं अधिक तंग बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार ब्रेंट का हाजिर भाव फ्यूचर्स की तुलना में 20 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जो निकट अवधि में आपूर्ति की भारी कमी को दर्शाता है। हाजिर और वायदा बाजार की इस संरचना के आधार पर फिजिकल मार्केट में लगभग 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन का घाटा बना हुआ है। चीनी कच्चे तेल के आयात में और गिरावट इस घाटे को कम करने वाला मुख्य कारक हो सकती है, जबकि आईईए द्वारा अतिरिक्त स्टॉक जारी किए जाने से तेल की कीमतों पर नीचे की ओर दबाव आ सकता है। इससे पहले इसी सप्ताह ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया था और महीने-दर-महीने आधार पर इसमें लगभग 17 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है।



















