बुधवार, 7 अक्टूबर को शेयर बाजार के कारोबार में एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयरों में अचानक जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई वह सूचना रही, जिसमें बताया गया कि कंपनी का निदेशक मंडल आगामी 12 अक्टूबर को फंड जुटाने के एक बड़े प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बैठक करने जा रहा है। पिछले कई महीनों से लगातार बिकवाली के भारी दबाव से जूझ रहे इस पेनी स्टॉक में इस आधिकारिक घोषणा के बाद निवेशकों ने नए सिरे से रुचि दिखाई है।
12 अक्टूबर की बोर्ड बैठक में तय होंगे पूंजी जुटाने के तौर-तरीके
कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एलीटकॉन इंटरनेशनल का निदेशक मंडल जरूरी मंजूरियों के अधीन इक्विटी शेयर या अन्य पात्र प्रतिभूतियों को जारी करके पूंजी जुटाने की संभावनाओं की समीक्षा करेगा। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने प्रस्तावित पूंजी जुटाने की कुल राशि या इसके सटीक ढांचे को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया है। 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस बैठक में इश्यू के आकार, प्रतिभूतियों के मूल्य निर्धारण, जारी किए जाने वाले इंस्ट्रूमेंट्स के प्रकार, समय और फंड जुटाने के सटीक माध्यम पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इन विभिन्न माध्यमों से फंड जुटाने के विकल्पों पर विचार
निदेशक मंडल के सामने पूंजी जुटाने के लिए कई संभावित रास्ते खुले हुए हैं। कंपनी एक या एक से अधिक माध्यमों के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकती है
- संस्थागत और तरजीही विकल्प: कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP), प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए संसाधन जुटा सकती है।
- मौजूदा और नए शेयरधारकों के लिए रास्ते: इसमें राइट्स इश्यू, फर्दर पब्लिक ऑफर (FPO) या फिर कर्ज से जुड़े डेट इश्यू के विकल्पों को भी शामिल किया जा सकता है।
- परिवर्तनीय प्रतिभूतियां: निदेशक मंडल प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर्स, वारंट्स और अन्य ऐसी प्रतिभूतियों पर भी विचार कर सकता है जिन्हें आगे चलकर इक्विटी शेयरों में बदला या एक्सचेंज किया जा सके।
बुधवार के कारोबारी सत्र में शेयर का प्रदर्शन
बीएसई पर बुधवार के शुरुआती कारोबार में एलीटकॉन इंटरनेशनल का शेयर 7.25 रुपये पर खुला। इसके बाद खरीदारी का दायरा लगातार बढ़ता गया और शेयर 7.62 रुपये के इंट्राडे हाई स्तर को छूने में कामयाब रहा। इस उच्चतम स्तर पर पहुंचते ही काउंटर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया और दिन के बाकी हिस्से में ट्रेडिंग इसी स्तर पर बंधी रही। इस उछाल ने उन निवेशकों का ध्यान खींचा है जो लंबे समय से इस काउंटर में स्थिर वॉल्यूम और दबाव देख रहे थे।
लंबे समय में भारी बिकवाली और अब डाइल्यूशन की चिंताएं
बुधवार की एकदिनी तेजी के बावजूद, लंबी अवधि में इस काउंटर ने बहुत भारी गिरावट दर्ज की है। आंकड़ों के अनुसार, एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर पिछले एक सप्ताह में 4.91 प्रतिशत, दो सप्ताह में 17.29 प्रतिशत, एक महीने में 8.47 प्रतिशत, तीन महीने में 16.56 प्रतिशत और पिछले छह महीनों की अवधि में 31.87 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि साल-दर-साल (YTD) आधार पर इस शेयर में 92.62 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस गंभीर पृष्ठभूमि में पूंजी जुटाने का यह फैसला मौजूदा शेयरधारकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। बाजार के प्रतिभागी अब इस बात पर करीबी नजर रखेंगे कि फंड जुटाने का कौन सा रास्ता चुना जाता है, निर्गम मूल्य क्या तय होता है और क्या नई प्रतिभूतियों के जारी होने से मौजूदा इक्विटी में भारी डाइल्यूशन की स्थिति बनेगी।

















