फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बैठक से पहले वैश्विक बॉन्ड यील्ड में हलचल, डॉलर मजबूत होने से सोने और प्रमुख मुद्राओं पर दबावअसम में सरकारी बसों का कायाकल्प, यात्रियों की सुरक्षा के लिए शुरू होगा स्मार्ट ट्रैकिंग और पैनिक बटन सिस्टमउत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़, अखिलेश यादव का सॉफ्ट हिंदुत्व कार्ड और योगी आदित्यनाथ का नया चक्रव्यूहपंजाब के कई जिलों पर बलूचिस्तान का दावा, नया राष्ट्रीय नक्शा जारी कर 64 प्रतिशत क्षेत्रफल का किया ऐलानपश्चिम एशिया में गहराते सैन्य तनाव के बीच क्रूड ऑयल में उछाल, डब्ल्यूटीआई $99 के पार पहुंचासीमा विवाद के बीच मुकरोह में असम का सर्वे रुका, निवासी मेघालय का हिस्सा होने का दावा करते हैंकच्चे तेल की कीमतों में लगी आग से वैश्विक बाजारों में हड़कंप, ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर के पारराजस्थान निकाय चुनाव में जीत की गूंज दिल्ली तक: गणपति पूजन में पीएम मोदी ने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से पूछा- जश्न है? जानें सभी जिलों का पूरा हालजोधपुर के सिनेमाघर में 'हनुमान अंश' फिल्म के बाद गूंजे भक्ति के सुर, दर्शकों को बांटी गई हनुमान चालीसा और प्रसादएक रुपये की गिट्टी से शुरुआत कर कोटा की द्वारिका गौड़ ने खड़ा किया सफल बुटिक, आज 17 महिलाओं को दे रहीं रोजगार
अमेरिकी डॉलर की मजबूती से फिसला यूरो, 1.1490 के स्तर तक गिरावट की आशंकाबाज़ार
15 सित॰ 2026, 4:16 pm (1 घंटे पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर की मजबूती से फिसला यूरो, 1.1490 के स्तर तक गिरावट की आशंका

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और आगामी फेडरल रिजर्व बैठक से पहले डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे यूरो टूटकर 1.1490 के स्तर की ओर बढ़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त मजबूती के सामने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है। यूरोप की साझा मुद्रा यूरो में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह अपने अहम तकनीकी स्तरों को तोड़कर नीचे आ चुकी है। बाजार में आई इस भारी उथल-पुथल के बीच तकनीकी संकेत बताते हैं कि यूरो के लिए आने वाले दिनों में गिरावट का दायरा और बढ़ सकता है तथा यह 1.1490 के स्तर तक लुढ़क सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उपजी महंगाई की चिंताओं ने डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिसका सीधा असर अन्य वैश्विक संपत्तियों पर पड़ रहा है।

यूरो के तकनीकी स्तर और दैनिक कारोबार का रुख

यूरो के दैनिक कारोबार का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पिछले शुक्रवार को यह तेजी से गिरकर 1.1568 पर आ गया था, जिसके बाद हल्की रिकवरी देखने को मिली थी। इसके बाद जब एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में यूरो 1.1590 पर ट्रेड कर रहा था, तब 1.1565 के प्रमुख सपोर्ट स्तर का परीक्षण होने की पूरी संभावना बन रही थी। हालांकि उस समय इस स्तर के नीचे एक स्पष्ट ब्रेकडाउन की उम्मीद अपेक्षाकृत कम आंकी जा रही थी, लेकिन बाजार में बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि यूरो ने 1.1565 के सपोर्ट को तोड़ दिया और सीधे 1.1522 के निचले स्तर तक गोता लगा दिया।

ये भी पढ़ें

निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने के बाद यूरो थोड़ा संभला और दिन के अंत में 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.1547 पर बंद हुआ। इस आंशिक सुधार के बावजूद यह गिरावट अभी पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक अधिक टिकाऊ सुधार की उम्मीद करने से पहले यूरो के एक बार फिर 1.1520 के स्तर तक नीचे जाने की संभावना बनी हुई है। हालांकि अगले प्रमुख सपोर्ट 1.1490 के तत्काल टूटने का खतरा फिलहाल कम दिखाई देता है। ऊपर की ओर, यूरो के लिए 1.1565 पर पहला कड़ा प्रतिरोध मौजूद है, जिसके बाद अगला प्रतिरोध 1.1580 के स्तर पर बना हुआ है।

मध्यम अवधि का परिदृश्य और अहम प्रतिरोध स्तर

एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के नजरिए से देखें तो स्थिति यूरो के लिए काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पिछले शुक्रवार 11 सितंबर को जब हाजिर भाव 1.1625 पर था, तब यह रेखांकित किया गया था कि यदि यूरो 1.1585 के नीचे बंद होता है, तो 1.1565 के प्रमुख सपोर्ट के टूटने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। बाजार में उम्मीद से कहीं ज्यादा नकारात्मक गति देखी गई, जिसके चलते यूरो ने 1.1565 के स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ा और 1.1522 के निचले स्तर को छू लिया।

डाउनवर्ड मोमेंटम में आई इस तेज बढ़त से संकेत मिलता है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में यूरो गिरकर 1.1490 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। तकनीकी रूप से यूरो पर यह मंदी का रुख तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि यह 1.1600 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता। पहले मजबूत प्रतिरोध का स्तर 1.1635 पर तय था, जिसे अब संशोधित कर 1.1600 कर दिया गया है। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक बाजार में हर तेजी पर बिकवाली का दबाव हावी रह सकता है।

जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कमजोरी का सिलसिला

डॉलर के दबदबे का असर केवल यूरो तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और वैश्विक मुद्राएं भी इसकी चपेट में आ गई हैं। मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा। यह स्तर पिछले कारोबारी दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठक से पहले अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहुवर्षीय उच्च स्तर पर टिकी हुई है। इसके साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का जोखिम बढ़ने के कारण डॉलर लगातार मजबूत बना हुआ है। दूसरी तरफ, अगस्त महीने के लिए चीन से आए मिश्रित आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया।

अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी यानी यूएसडी जेपीवाई मंगलवार की सुबह लगातार बढ़त दर्ज करते हुए 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती दिखाई दी। विदेशी मुद्रा कारोबारी इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने या बढ़ाने के कयासों तथा कच्चे तेल जनित महंगाई जोखिमों से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल रहा है, जिससे यूएसडी जेपीवाई जोड़ी को मजबूती मिल रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाने की संभावना जापानी येन को कुछ सहारा दे सकती है, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित रहने के आसार भी हैं।

फेड बैठक से पहले सोने की कीमतों पर दबाव

कमोडिटी बाजार में भी अमेरिकी डॉलर की तेजी और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का स्पष्ट नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। बहुमूल्य धातु सोना लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। मंगलवार को यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोने के भाव 0.80 प्रतिशत टूटकर 4,265 डॉलर से 4,264 डॉलर के दायरे में आ गए।

यह कीमती धातु सोमवार को छुए गए एक महीने से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब बनी हुई है। निवेशक और कारोबारी मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय महत्वपूर्ण एफओएमसी नीतिगत बैठक के नतीजों को लेकर काफी सतर्क हैं। ब्याज दरों में लंबे समय तक सख्ती बने रहने की आशंकाओं के चलते बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति जैसे सोने की मांग पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके कारण निवेशक फिलहाल नई खरीदारी से बच रहे हैं।

सवाल-जवाब

यूरो में गिरावट का अगला संभावित लक्ष्य क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, यूरो के नीचे गिरकर 1.1490 के स्तर तक जाने की संभावना जताई गई है।
यूरो के लिए तात्कालिक सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
यूरो के लिए तात्कालिक सपोर्ट 1.1520 और 1.1490 पर है, जबकि रेजिस्टेंस स्तर 1.1565 और 1.1580 पर स्थित हैं।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई की चिंताएं, बहुवर्षीय उच्च स्तर पर पहुंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड की बैठक से पहले ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना इसके मुख्य कारण हैं।
सोने की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
सोने के भाव यूरोपीय सत्र में 0.80 प्रतिशत गिरकर 4,265 से 4,264 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गए।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी आंकड़ों का क्या संबंध रहा?
अगस्त महीने के लिए चीन के मिश्रित आर्थिक गतिविधि आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई समर्थन नहीं मिला और यह 0.7150 के नीचे बना रहा।
यूएसडी जेपीवाई करेंसी पेयर किस स्तर की ओर बढ़ रहा है?
यूएसडी जेपीवाई की जोड़ी 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आ रही है, हालांकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख से इसकी बढ़त सीमित हो सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR