जोधपुर के एक सिनेमाघर में 'हनुमान अंश' फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों के लिए फिल्म का समापन बेहद अनोखा और यादगार बन गया। फिल्म खत्म होते ही पूरा सिनेमा हॉल भक्ति के रंग में सराबोर हो गया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ दिया।
सिनेमाघर के भीतर गूंजे भक्ति के स्वर
यह अनोखा नजारा जोधपुर के झालामंड इलाके में स्थित पेन इंडिया मॉल के पीवीआर आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स में देखने को मिला। 'हनुमान अंश' फिल्म का शो खत्म होने के बाद, थिएटर के भीतर ही भगवान हनुमान जी की विशेष पूजा-आराधना का आयोजन किया गया। इस दौरान वहां का पूरा माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और फिल्म देखने आए दर्शकों ने भी पूरी श्रद्धा और आदर के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
दर्शकों को बांटा गया प्रसाद और हनुमान चालीसा
पूजा और आरती संपन्न होने के बाद, वहां मौजूद श्रद्धालु ओमप्रकाश लोहिया ने थिएटर में उपस्थित सभी दर्शकों को प्रसाद के रूप में पेड़े बांटे। इसके साथ ही, वहां आए प्रत्येक दर्शक को उपहार स्वरूप हनुमान चालीसा की एक-एक पुस्तिका भी भेंट की गई। फिल्म देखने के बाद अचानक हुए इस आयोजन और उपहार ने दर्शकों के इस अनुभव को हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
आयोजन के पीछे की खास वजह
दरअसल, फिल्म देखने पहुंचे दर्शक ओमप्रकाश लोहिया अपने साथ भगवान हनुमान जी की एक सुंदर तस्वीर लेकर आए थे। इस आयोजन को अमली जामा पहनाने के लिए उन्होंने सिनेमाघर के प्रबंधन से पहले ही बातचीत कर ली थी और उनसे जरूरी अनुमति ले ली थी। जैसे ही फिल्म का प्रदर्शन समाप्त हुआ, उन्होंने नियमों के अनुसार भगवान हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा की। अपनी इस पहल पर बात करते हुए ओमप्रकाश लोहिया ने बताया कि हनुमान जी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा है। फिल्म देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इस मौके को सिर्फ मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसके जरिए लोगों को प्रभु की भक्ति से भी जोड़ा जाना चाहिए। इसी पवित्र भाव के साथ उन्होंने दर्शकों को प्रसाद और धार्मिक पुस्तकें भेंट कीं।
नीम करौली बाबा के जीवन मूल्यों पर आधारित है फिल्म
गौरतलब है कि 'हनुमान अंश' फिल्म की कहानी मुख्य रूप से नीम करौली बाबा के प्रति लोगों की आस्था, उनके जीवन मूल्यों और भक्ति को केंद्र में रखकर तैयार की गई है। इस फिल्म में भगवान हनुमान के प्रति अगाध श्रद्धा को दिखाने के साथ-साथ नीम करौली बाबा के पराक्रम, उनके समर्पण और धर्म के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है। यही कारण है कि इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी ज्यादा उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।



















