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बाजार की तेजी के बीच रेलवे स्टॉक IRFC 5% टूटा, सरकार की हिस्सेदारी बिक्री बनी असली वजहबाज़ार
24 जून 2026, 12:50 pm (46 दिन पहले)· 2

बाजार की तेजी के बीच रेलवे स्टॉक IRFC 5% टूटा, सरकार की हिस्सेदारी बिक्री बनी असली वजह

सरकारी रेलवे कंपनी IRFC के शेयर बुधवार को 5.40% गिरकर 93.35 पर आ गए, जबकि सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़ा हुआ था। गिरावट के पीछे सरकार की 1% हिस्सेदारी बेचने वाली OFS योजना मानी जा रही है।

सरकारी रेलवे कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) के शेयरों ने बुधवार को निवेशकों को झटका दिया। यह स्टॉक 5.40% तक लुढ़क गया, जो जून महीने की इसकी सबसे तेज गिरावट रही। बाजार खुलने के कुछ ही मिनट बाद शेयर 98.96 के ऊंचे स्तर से फिसलकर 93.35 तक पहुंच गया। हैरानी की बात यह रही कि जिस दिन सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर हरे निशान में मजबूती से डटा था, ठीक उसी दिन IRFC बाजार की चाल के बिल्कुल उल्टा चल रहा था।

चार्ट पर कमजोर पड़ता सेंटिमेंट

बाजार के साथ चलने के बजाय IRFC का शेयर विपरीत दिशा में भागा और चार्ट पर इसका कमजोर रुख साफ झलक रहा था। एक विश्लेषक पहले ही अनुमान जता चुके थे कि यह रेलवे स्टॉक आखिरकार 92 के दायरे तक फिसल सकता है। अगर इसके बाद शेयर में नई जान नहीं आई, तो 90 के स्तर से नीचे जाने की आशंका भी बनी हुई है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के चलते मार्च के आखिर में यह शेयर 87 के अपने सालाना निचले स्तर तक गिर चुका है।

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आखिर क्यों टूटा IRFC का शेयर

IRFC रेलवे की एक सरकारी कंपनी है, जिसमें सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है। इसी साल की शुरुआत में सरकार ने एक 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) का ऐलान किया था, जिसके तहत 91 के फ्लोर प्राइस पर अपनी 1% हिस्सेदारी बेचने की योजना है। इस कदम से शेयर का फ्री फ्लोट और लिक्विडिटी बढ़ेगी, साथ ही सरकार की विनिवेश मुहिम रिटेल निवेशकों को इस स्टॉक में हिस्सा लेने का मौका देती है। चूंकि शेयर की कीमत 100 रुपये से कम है, इसलिए IRFC आम खुदरा निवेशकों के बीच खासा लोकप्रिय बना हुआ है।

OFS के तहत सरकार 13.06 करोड़ IRFC शेयर बेचने की योजना बना रही है, और इसके साथ अतिरिक्त 1% यानी 13.06 करोड़ शेयर और बेचने का विकल्प भी रखा गया है। इसी बिकवाली के दबाव ने रेलवे की इस दिग्गज कंपनी के शेयर में तीखी गिरावट ला दी। जानकारों का मानना है कि यह करेक्शन सामान्य है और OFS पूरी तरह निपटने के बाद कीमत में स्थिरता आ सकती है। मौजूदा स्तर पर शेयर जुटाना या 80 के ऊपर वाले दायरे में गिरावट पर खरीदारी फायदेमंद साबित हो सकती है। पूरा सौदा निपटने के बाद इसमें तेजी लौटने की संभावना भी अच्छी मानी जा रही है।

सवाल-जवाब

बुधवार को IRFC का शेयर कितना गिरा?
IRFC का शेयर 5.40% तक लुढ़क गया, जो जून महीने की इसकी सबसे तेज गिरावट रही।
गिरावट के बाद शेयर किस स्तर पर पहुंचा?
बाजार खुलने के कुछ मिनट बाद शेयर 98.96 के ऊंचे स्तर से फिसलकर 93.35 पर आ गया।
IRFC के गिरने की असली वजह क्या रही?
सरकार की OFS योजना के तहत हिस्सेदारी बेचने के दबाव से शेयर में तीखी गिरावट आई।
OFS में सरकार कितने शेयर बेच रही है?
सरकार 13.06 करोड़ शेयर बेच रही है और अतिरिक्त 1% यानी 13.06 करोड़ शेयर और बेचने का विकल्प रखा है, फ्लोर प्राइस 91 है।
क्या यह गिरावट चिंता की बात है?
जानकारों के मुताबिक यह करेक्शन सामान्य है और OFS पूरी होने के बाद कीमत स्थिर हो सकती है।
क्या उसी दिन बाजार भी गिर रहा था?
नहीं, उसी दिन सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़ा हुआ था, जबकि IRFC उल्टी चाल चल रहा था।
IRFC का सालाना निचला स्तर क्या रहा है?
मार्च के आखिर में अमेरिका-ईरान टकराव के चलते यह शेयर 87 के सालाना निचले स्तर तक गिरा था।
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