वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की रफ्तार धीमी होने और लंबी अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के चलते इंडोनेशियाई रुपया (IDR) को राहत मिलती दिख रही है। बैंक इंडोनेशिया (BI) ने अपनी हालिया नीतिगत बैठक में मुख्य ब्याज दर को 5.75% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक का प्राथमिक ध्यान करेंसी की स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है। ब्याज दरों में बदलाव न करते हुए बैंक इंडोनेशिया विदेशी पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने और फॉरेक्स बाजार को मजबूत करने के लिए नॉन-रेट साधनों पर निर्भरता बढ़ा रहा है। इसमें एफएक्स हेजिंग इंसेंटिव्स और एसआरबीआई जैसे वित्तीय उपाय शामिल हैं।
बैंक इंडोनेशिया का फैसला और करेंसी स्थिरता के उपाय
इंडोनेशिया के केंद्रीय बैंक ने मुद्रा विनिमय दरों को स्थिर रखने के अपने संकल्प को दोहराया है। रणनीतिकार सिम मोह सियोन और क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में आंशिक कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से रुपया को सहारा मिल रहा है। बैंक इंडोनेशिया ने कहा है कि वह बाजार में तरलता बनाए रखने और विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए अपने गैर-दर उपकरणों का दायरा बढ़ा रहा है। नीतिगत दर को 5.75% पर बनाए रखकर बैंक अर्थव्यवस्था में संतुलन साधने का प्रयास कर रहा है।
USD/IDR के तकनीकी स्तर और बाजार संकेतक
करेंसी पेयर USD/IDR पिछला कारोबार 17,830 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि लाइव ट्रेडिंग आंकड़ों में यह 17,807 के आसपास बना हुआ है। डेली चार्ट पर बियरिश मोमेंटम बरकरार है और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 42 के स्तर पर सपाट स्थिति दर्शा रहा है। निकट अवधि में दोतरफा कारोबार की संभावना जताई जा रही है। 20-दिन का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 17,881 और EMA50 17,866 पर दर्ज किया गया है।
तकनीकी चार्ट पर प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर निम्नलिखित हैं
- प्रारंभिक सपोर्ट स्तर: 17,760 तथा लाइव पिवट आधारित S1 सपोर्ट 17,747 पर स्थित है।
- गहरा सपोर्ट स्तर: 16,630 का स्तर, जो 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (DMA) और 2026 के निचले से उच्च स्तर का 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर प्रस्तुत करता है।
- रेजिस्टेंस स्तर: 17,940 का स्तर, जहां 21-दिन और 50-दिन के मूविंग एवरेज (DMAs) का प्रतिरोध देखने को मिल रहा है। इसके अतिरिक्त R1 रेजिस्टेंस 17,842 पर है।
अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा कदम और यील्ड में स्थिरता
अमेरिकी वित्त विभाग ने बॉन्ड बाजार में लिक्विडिटी सहायता बढ़ाने के लिए एक अप्रत्याशित कदम उठाया है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर घोषित इस निर्णय के अनुसार, 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष के दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड बायबैक की अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी। इस तरलता सहायता के कारण हाल ही में यील्ड में आई भारी तेजी को थामने में मदद मिली है। इसके बाद 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड संभलकर 4.672% पर स्थिर हुई है।
वैश्विक फॉरेक्स बाजार: पाउंड और यूरो का रुख
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर के सीमित सुधार के बावजूद ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अपनी दैनिक बढ़त को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, हालांकि यह कुछ हद तक पीछे हटकर 1.3630 से 1.3620 के दायरे में कारोबार कर रहा है। निवेशक यूके के आगामी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) 1.1700 के ऊपरी स्तर से फिसलकर 1.1670 के आसपास मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है।
सोने में रिकवरी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी
कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में तेजी का माहौल देखा जा रहा है। सोने की कीमतें अपनी पुरानी स्थिति बहाल करते हुए $4,500 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण आंकड़े के पार निकल गई हैं। ट्रेजरी यील्ड में आए उतार-चढ़ाव के बीच पीली धातु को निवेशकों का समर्थन मिल रहा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी चौतरफा मजबूती दर्ज की गई है
- बिटकॉइन (BTC): $70,000 के स्तर से ऊपर पहुंचकर तेजी की अगुवाई कर रहा है।
- एथेरियम (ETH): $2,200 के स्तर से ऊपर बना हुआ है और बुलिश रुझान पेश कर रहा है।
- रिपल (XRP): $1.15 के स्तर से ऊपर रिकवर कर चुका है, जिससे खरीदारों की पकड़ मजबूत हुई है।



















