शेयर बाजार का ऐतिहासिक मुकाम: BSE पूंजीकरण 5 ट्रिलियन डॉलर के पार
भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ। BSE का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45 फीसदी की बढ़त लेकर 77,155.62 अंक पर बंद हुआ। पिछले 4 सत्रों को मिलाकर देखें तो सेंसेक्स कुल 3,323.07 अंक यानी 4.50 फीसदी की छलांग लगा चुका है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
इस तेजी का सीधा असर निवेशकों की दौलत पर पड़ा। BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 22.78 लाख करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 4,75,12,374.27 करोड़ रुपये पर जा पहुंचा, जो करीब 5.03 लाख करोड़ डॉलर के बराबर है। इस तरह BSE का कुल पूंजीकरण एक बार फिर 5 ट्रिलियन डॉलर की प्रतिष्ठित सीमा पार कर गया। बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मझोली और छोटी कंपनियां भी इस तेजी में शामिल रहीं। BSE Midcap सूचकांक 1.20 फीसदी चढ़ा, जबकि BSE Smallcap में 0.31 फीसदी की बढ़त देखी गई।
ईरान-अमेरिका में शांति के संकेत बने बाजार की रफ्तार का इंजन
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की संभावनाओं ने घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इन्हीं संकेतों के बाद से इक्विटी बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। वहीं शेयर बाजार में बेहतर रिटर्न की संभावना को देखते हुए निवेशकों का रुझान सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं से हटकर इक्विटी की तरफ बढ़ा, जिसके कारण सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन मांग कमजोर रही।
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना-चांदी दोनों धड़ाम
शेयर बाजार की चमक के बीच दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के मुताबिक, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गया। मंगलवार को यही सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी का हाल भी कुछ अलग नहीं रहा। यह 5,300 रुपये की गिरावट के साथ 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गई, जबकि मंगलवार को इसका बंद भाव 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम था। कारोबारियों ने मजबूत रुपये और कमजोर वैश्विक रुख के बीच कीमती धातुओं से दूरी बनाए रखी।
Federal Reserve के फैसले से पहले सतर्क हुए निवेशक, गिरे भाव
HDFC Securities में वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने TrendKia को बताया कि बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी Federal Reserve की मौद्रिक नीति बैठक सहित कई अहम आर्थिक घोषणाओं से पहले निवेशकों का सतर्क रुख था। जब बाजार किसी बड़े फैसले का इंतजार करता है, तो सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में भी उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है।
Mirae Asset Sharekhan में जिंस विभाग के प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि Federal Open Market Committee के मौद्रिक नीति फैसले से ठीक पहले हाजिर सोने में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन अनिश्चितता के माहौल में कुछ बिकवाली का दबाव बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी भी 0.18 फीसदी की गिरावट के साथ 69.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
निवेशकों के लिए दोहरा अवसर: सोना सस्ता, बाजार बुलंद
मौजूदा हालात में निवेशकों के पास दो अलग-अलग मोर्चों पर मौका है। जो लोग लंबे समय के लिए सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे थे, उनके लिए इस एकदिनी गिरावट ने आकर्षक प्रवेश बिंदु तैयार कर दिया है। दूसरी ओर, जो इक्विटी में भरोसा रखते हैं, उनके लिए 5 ट्रिलियन डॉलर के बाजार पूंजीकरण का मील का पत्थर घरेलू बाजार की मजबूत बुनियाद का संकेत है।













