एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूरोपीय और जापानी मुद्रा का युग्म EUR/JPY लगातार दूसरे दिन अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा है और फिलहाल 186.00 के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। दैनिक चार्ट का व्यापक तकनीकी विश्लेषण यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह करेंसी पेयर एक बढ़ते हुए चैनल पैटर्न यानी असेंडिंग चैनल के भीतर लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। यह मूल्य संरचना बाजार में तेजी के सकारात्मक रुख यानी बुलिस बायस के बने रहने की ओर मजबूत इशारा करती है, क्योंकि विदेशी मुद्रा बाजार में निवेशक जापानी येन की तुलना में यूरो परिसंपत्तियों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
तकनीकी संकेतकों से मिल रहा तेजी का निरंतर समर्थन
तकनीकी दृष्टिकोण से देखें तो EUR/JPY क्रॉस का निकट भविष्य का तेजी का रुख पूरी तरह से बरकरार है। यह करेंसी पेयर अल्पकालिक और मध्यमकालिक एक्सपोनेंशियल मूविंग एवेरजेस (EMAs) दोनों के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है। विशेष रूप से, यह स्पॉट रेट अपने 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) दोनों के ऊपर बना हुआ है, जो मौजूदा तेजी के रुझान को एक ठोस आधार प्रदान करता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी इस तेजी के रुख की पुष्टि कर रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI वर्तमान में 60.85 के स्तर के आसपास बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषण में 60 के आसपास का RSI ओवरबॉउट स्थिति के बजाय एक संतुलित और मजबूत तेजी का संकेत माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि इस करेंसी पेयर में अत्यधिक खरीदारी या तकनीकी थकान के बिना आगे और ऊपर जाने की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है।
प्रतिरोध स्तर और ऑल-टाइम हाई का ऐतिहासिक लक्ष्य
चार्ट पर ऊपरी स्तरों की बात करें तो EUR/JPY के लिए पहला और प्राथमिक तकनीकी प्रतिरोध 187.00 के आसपास बढ़ते हुए चैनल की ऊपरी सीमा पर स्थित है। तेजी का रुख बनाए रखने वाले व्यापारियों के लिए यह स्तर तात्कालिक बाधा बना हुआ है।
यदि यह करेंसी पेयर इस चैनल की ऊपरी सीमा के पार ब्रेकआउट देने में सफल होता है, तो तेजी का रुझान और अधिक मजबूत हो जाएगा। यह ब्रेकआउट करेंसी पेयर को ऊपरी क्षेत्रों की खोज करने और 17 अप्रैल को दर्ज किए गए अपने 187.95 के ऑल-टाइम हाई के ऐतिहासिक स्तर को चुनौती देने का रास्ता साफ कर सकता है। इस ऑल-टाइम हाई स्तर को पार करने पर वैश्विक फॉरेक्स ट्रेडिंग डेस्क पर नई खरीदारी देखी जा सकती है।
महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर और संगम सपोर्ट ज़ोन
दूसरी तरफ, यदि बाजार में मुनाफावसूली या बिकवाली का दबाव आता है, तो EUR/JPY को प्राथमिक सपोर्ट 184.79 पर स्थित 9-दिवसीय EMA के पास मिलने की उम्मीद है। यदि कीमत इससे नीचे फिसलती है, तो 50-दिवसीय EMA का 184.64 का स्तर और चैनल की निचली सीमा का 184.70 का स्तर द्वितीयक सपोर्ट प्रदान करेंगे।
यह 184.64 से 184.79 का दायरा एक मजबूत संगम सपोर्ट जोन यानी कॉनफ्लूएंस सपोर्ट बनाता है। यदि इस संगम सपोर्ट जोन के नीचे कोई टिकाऊ गिरावट होती है, तो तेजी का तकनीकी परिदृश्य समाप्त हो जाएगा और बियरिश रुख फिर से हावी हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिकवाली का दबाव करेंसी पेयर को 3 अगस्त को दर्ज किए गए 179.37 के 9 महीने के निचले स्तर की तरफ धकेल सकता है।
मुद्रा हीटमैप और व्यापक फॉरेक्स बाजार की हलचल
विदेशी मुद्रा बाजार के हीटमैप और क्रॉस-करंसी प्रदर्शन का विश्लेषण दर्शाता है कि यूरो आज मुख्य मुद्राओं के मुकाबले काफी मजबूत रहा। व्यक्तिगत तुलना में यूरो अमेरिकी डॉलर के खिलाफ सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के रूप में उभरा। फॉरेक्स हीटमैप के जरिए विभिन्न आधार और उद्धृत मुद्राओं के बीच प्रतिशत बदलाव का सटीक आकलन किया जा सकता है।
संबद्ध फॉरेक्स जोड़ों में GBP/USD गुरुवार को 1.3630 से 1.3620 के दायरे तक थोड़ा पीछे खिसकने के बावजूद अपनी दैनिक बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर में आए मामूली उछाल के बावजूद पाउंड में यह मजबूती बनी रही, क्योंकि निवेशक शुक्रवार को जारी होने वाले ब्रिटेन के प्रमुख आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर EUR/USD अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर 1.1700 के निचले क्षेत्र में आ गया। उत्तरी अमेरिकी सत्र के अंत में अमेरिकी डॉलर में आए सुधार ने EUR/USD पर दबाव डाला, जिससे यह फ्लैट बंद हुआ। अब कारोबारी दोनों महाद्वीपों से आने वाले प्रारंभिक S&P ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMIs के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
कीमती धातुओं में तेजी: सोना नए बहु-मासिक उच्चतम स्तर पर
व्यापक वित्तीय बाजारों में कीमती धातुओं में जोरदार तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,544 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचकर जून की शुरुआत के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। सोना अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है और इसमें लगातार तेजी का रुख देखा जा रहा है।
सोने में यह उछाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और विभिन्न केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों के बीच निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
अमेरिकी राष्ट्रीय कर्ज और प्राइवेट क्रेडिट बाजार का जोखिम
वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला एक अन्य प्रमुख कारण अमेरिका का बढ़ता राजकोषीय घाटा है। संयुक्त राज्य अमेरिका 40 ट्रिलियन डॉलर के अभूतपूर्व राष्ट्रीय कर्ज के ऐतिहासिक आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है।
वित्तीय विश्लेषक माइक महारे ने अर्थव्यवस्था के इस "कर्ज के ब्लैक होल" के प्रति आगाह किया है। उन्होंने विशेष रूप से 1.4 ट्रिलियन डॉलर के विशाल प्राइवेट क्रेडिट बाजार में छिपे जोखिमों को रेखांकित किया, जो छाया बैंकिंग प्रणाली के भीतर तरलता की समस्याओं और वित्तीय अस्थिरता का कारण बन सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी का तरलता हस्तक्षेप
बाजार में तरलता को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया। ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह 10 से 20 साल और 20 से 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए बायबैक संचालन की सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करेगी। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक चलेगी।
नई दिल्ली स्थित फॉरेक्स विश्लेषक अख्तर फारुकी का कहना है कि मुद्रा, बांड और कमोडिटी बाजारों में एक साथ हो रही ये हलचलें अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए रणनीतिक अवसर और जोखिम दोनों पैदा कर रही हैं।



















