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कच्चे तेल में गिरावट से कैनेडियन डॉलर कमजोर, जर्मन उपभोक्ता विश्वास में गिरावट के बाद भी यूरो ने बनाई बढ़तबाज़ार
25 सित॰ 2026, 1:17 pm (3 मिनट पहले)· 0

कच्चे तेल में गिरावट से कैनेडियन डॉलर कमजोर, जर्मन उपभोक्ता विश्वास में गिरावट के बाद भी यूरो ने बनाई बढ़त

जर्मनी के उपभोक्ता धारणा सूचकांक में भारी गिरावट के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से यूरो ने कैनेडियन डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त बरकरार रखी है।

EUR/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण25 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

EUR/USD अभी 1.14 पर है, जबकि EMA20 1.15, EMA50 1.15 और EMA200 1.16 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.15) के पास थम सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो ने कैनेडियन डॉलर के सामने अपनी तेजी को मजबूती से संभाले रखा है, भले ही यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी से निराशाजनक आर्थिक आंकड़े सामने आए हों। जर्मनी का जीएफके उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अक्टूबर महीने के लिए गिरकर नकारात्मक 30.6 पर पहुंच गया, जो मई के बाद का सबसे निचला स्तर दर्ज किया गया है। आम तौर पर घरेलू अर्थव्यवस्था में इस तरह की तेज कमजोरी राष्ट्रीय मुद्रा को भारी नुकसान पहुंचाती है, परंतु जिंसों और ऊर्जा बाजार से जुड़ी गतिविधियों ने कैनेडियन डॉलर पर कहीं अधिक भारी दबाव बना दिया, जिससे यूरो और कैनेडियन डॉलर का यह मुद्रा युग्म बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।

कच्चे तेल के दामों में गिरावट और होर्मुज जलडमरूमध्य वार्ता

कमोडिटी से जुड़ी मुद्रा होने के नाते कैनेडियन डॉलर को कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भावों में आई तेज गिरावट से नुकसान उठाना पड़ा है। ऊर्जा बाजार में यह नरमी उन राजनीतिक चर्चाओं के बाद देखी गई जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों के इतर बातचीत होने की जानकारी सामने आई। कतरी अधिकारियों की मध्यस्थता में चल रही इन वार्ताओं में चरणबद्ध समझौते के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी पाबंदियों को हटाने पर विचार किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग से तेल आपूर्ति सामान्य होने की संभावनाओं ने वैश्विक आपूर्ति संकट की आशंकाओं को कम कर दिया, जिसके चलते बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बिकवाली देखी गई।

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यूओबी समूह के वित्तीय विश्लेषकों ने अमेरिकी कच्चे तेल के कमजोर प्रदर्शन की ओर ध्यान खींचते हुए बताया कि डब्ल्यूटीआई क्रूड 94.61 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिसमें सप्ताह के दौरान 5.67 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के मध्य में आई इस तेज गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड में आंशिक सुधार देखा गया था। विश्लेषकों के अनुसार, दोनों प्रमुख बेंचमार्क के बीच का अंतर काफी चौड़ा हो गया है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए आपूर्ति में संभावित व्यवधान के जोखिम ने ब्रेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सहारा दिया, जबकि डब्ल्यूटीआई के दाम तेजी से लुढ़क गए। इस ऊर्जा गिरावट का सीधा असर कनाडा की अर्थव्यवस्था और उसकी मुद्रा पर पड़ा है।

वैश्विक वित्तीय तंत्र में यूरो की स्थिति और यूरोपीय सेंट्रल बैंक की भूमिका

यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। अमेरिकी डॉलर के बाद यह विश्व भर में दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा मानी जाती है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा बाजार के कुल दैनिक लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा विनिमय में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दुनिया में सबसे अधिक सक्रिय मानी जाती है, जो कुल वैश्विक मुद्रा लेन-देन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा रखती है। इसके पश्चात यूरो और जापानी येन की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत, यूरो और ब्रिटिश पाउंड की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत तथा यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत आती है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक यूरोज़ोन के लिए केंद्रीय रिज़र्व बैंक के रूप में कार्य करता है। यह संस्थान सदस्य देशों के लिए ब्याज दरें तय करने के साथ-साथ संपूर्ण मौद्रिक नीति का संचालन करता है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक का प्रमुख दायित्व कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है, जिसके तहत महंगाई को नियंत्रित करना अथवा आर्थिक विकास को गति देना शामिल है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक ब्याज दरों को घटाने या बढ़ाने का प्राथमिक हथियार इस्तेमाल करता है। यूरोज़ोन में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें या भविष्य में दरें बढ़ने की उम्मीदें आमतौर पर यूरो को मजबूती देती हैं, जबकि इसके विपरीत हालात में मुद्रा कमजोर होती है। बैंक की गवर्निंग काउंसिल वर्ष में आठ बार मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकें आयोजित करती है, जिसमें सदस्य देशों के केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य मतदान के जरिए फैसले लेते हैं।

आर्थिक संकेतक, महंगाई और व्यापार संतुलन का प्रभाव

यूरो की दिशा तय करने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि मुद्रास्फीति की दर बैंक के 2 प्रतिशत के वार्षिक लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो यूरोपीय सेंट्रल बैंक को कीमतों पर लगाम लगाने हेतु ब्याज दरें बढ़ाने के लिए बाध्य होना पड़ता है। वैश्विक निवेशकों के लिए यूरोज़ोन में मिलने वाला ऊंचा रिटर्न पूंजी प्रवाह को आकर्षित करता है, जिससे यूरो को सीधा समर्थन मिलता है। इसके अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई सूचकांक, रोजगार रिपोर्ट तथा उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण जैसे व्यापक आंकड़े अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का पैमाना तय करते हैं। यूरोज़ोन की कुल अर्थव्यवस्था में जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की संयुक्त हिस्सेदारी 75 प्रतिशत है, इसलिए इन चार बड़े देशों से आने वाले आंकड़े यूरो की चाल के लिए बेहद निर्णायक साबित होते हैं।

इसके साथ ही व्यापार संतुलन के आंकड़े भी मुद्रा के मूल्य निर्धारण में अहम स्थान रखते हैं। यह सूचकांक किसी निश्चित समयावधि में किसी देश द्वारा निर्यात से की गई कमाई और आयात पर किए गए कुल खर्च के बीच के वास्तविक अंतर को प्रदर्शित करता है। यदि किसी अर्थव्यवस्था द्वारा तैयार किए जाने वाले सामान और सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग होती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं के भुगतान के लिए स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ जाती है, जिससे मुद्रा का आंतरिक मूल्य बढ़ता है। परिणामस्वरूप, सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सीधे तौर पर मजबूत करता है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन उसके मूल्य पर दबाव डालता है।

वैश्विक बाजार, बॉन्ड प्रतिफल और अन्य मुद्राओं का परिदृश्य

व्यापक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों का सीधा असर दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और 200 दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे फिसलने के बाद 0.7000 के स्तर के आसपास कमजोर दिखाई दिया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और तेल की कीमतों में आई हालिया दो दिवसीय तेजी ने महंगाई की चिंताएं दोबारा बढ़ा दी हैं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इन कारकों के साथ भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के शिखर पर पहुंचा दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदें भी फीकी पड़ गई हैं।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन के बीच का विनिमय भाव शुक्रवार के एशियाई सत्र में मामूली रूप से नीचे आया और 159.00 के तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर जाकर ठहर गया। येन में बिकवाली करने वाले ट्रेडर सरकारी हस्तक्षेप के डर से सतर्क हो गए हैं। हालांकि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और बॉन्ड प्रतिफल की मजबूती से अमेरिकी डॉलर का रुझान अभी भी तेज बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत किए जाने के फैसले के बावजूद मौद्रिक रुख में अत्यधिक नरमी ने येन की बढ़त को सीमित रखा है। इस बीच, सोने की कीमतें भी अपने साप्ताहिक निचले स्तर के पास स्थिर बनी हुई हैं। अमेरिकी राजकोषीय परिदृश्य में ट्रेजरी नोट्स कुल विपणन योग्य ट्रेजरी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं, और ऊर्जा की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने तथा मजबूत पीएमआई आंकड़ों के बाद दोनों सिरों पर बॉन्ड प्रतिफल का बढ़ना सरकारी कर्ज लागत पर भारी पड़ रहा है।

लाइव बाजार आंकड़े: यूरो और अमेरिकी डॉलर की तकनीकी स्थिति

लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, यूरो और अमेरिकी डॉलर का विनिमय भाव 1.14 के स्तर पर बना हुआ है, जो पिछले बंद भाव 1.14 की तुलना में 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाता है। 52 सप्ताह की अवधि में इस जोड़ी का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है, जबकि वर्तमान कारोबारी आयतन 20 दिवसीय औसत आयतन के बराबर 1.00 गुना देखा गया है। 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 27 के स्तर पर आ चुका है, जो यह स्पष्ट संकेत देता है कि यह मुद्रा जोड़ी वर्तमान में ओवरसोल्ड दायरे में कारोबार कर रही है। तकनीकी संकेतकों में एमएसीडी शून्य के नीचे नकारात्मक बना हुआ है जो मंदी के रुझान की पुष्टि करता है।

मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20 दिवसीय और 50 दिवसीय ईएमए 1.15 पर स्थित हैं, जबकि 200 दिवसीय ईएमए 1.16 पर मौजूद है। इसके अलावा 50 दिवसीय एसएमए 1.15 और 200 दिवसीय एसएमए 1.16 पर बना हुआ है। लंबी अवधि के चार्ट पर 50 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज का 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे होना डेथ क्रॉस संरचना का निर्माण करता है, जिससे दीर्घकालिक रुझान में कमजोरी साफ दिखाई देती है। बॉलिंजर बैंड्स 1.14 के निचले स्तर से 1.17 के ऊपरी स्तर के बीच फैले हैं और मध्य रेखा 1.15 पर है, जहां वर्तमान कीमत बैंड के भीतर बनी हुई है। एडीएक्स सूचकांक 33 पर होने के कारण एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की ओर इशारा करता है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 10 और सिग्नल लाइन 14 पर चल रही है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला एटीआर 0.01 पर है जिसे स्टॉप लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 20 दिवसीय समर्थन स्तर 1.14 और प्रतिरोध 1.17 के आसपास आंका गया है। आगामी सत्रों के लिए मुख्य पिवट स्तर 1.14 पर है, जबकि प्रतिरोध आर1 और आर2 1.14 तथा समर्थन एस1 और एस2 1.14 पर केंद्रित हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यूरो और अमेरिकी डॉलर का भाव 1.1350 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब आर-पार की स्थिति में खड़ा है।

सवाल-जवाब

जर्मनी के उपभोक्ता विश्वास सूचकांक में कितनी गिरावट आई?
जर्मनी का जीएफके उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अक्टूबर महीने के लिए गिरकर नकारात्मक 30.6 पर आ गया, जो मई के बाद का सबसे निचला स्तर है।
कैनेडियन डॉलर पर दबाव क्यों देखने को मिला?
कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई तेज गिरावट के कारण कमोडिटी से जुड़ी मुद्रा कैनेडियन डॉलर पर भारी बिकवाली का दबाव बना।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और बंदरगाह प्रतिबंधों को हटाने के लिए कतर की मध्यस्थता में चल रही वार्ताओं की खबरों से तेल के भाव गिरे।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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