अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर भयंकर बिकवाली का दबाव हावी हो गया है, जिसके चलते चांदी 64 डॉलर प्रति औंस के नीचे संघर्ष करती दिखाई दे रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में आगे और सख्ती के संकेतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में जारी उछाल ने सर्राफा बाजार के रुख को कमजोर कर दिया है। इस कारोबारी हफ्ते के दौरान चांदी 3.7 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट दर्ज करने की कगार पर पहुंच चुकी है। हाजिर बाजार में XAG/USD का भाव 63.81 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है, जबकि क्लोजिंग बेल के ताजा आंकड़ों में चांदी 64.21 डॉलर पर दर्ज की गई, जो पिछले बंद स्तर 63.46 डॉलर से 1.19 प्रतिशत ऊपर है। इसके बावजूद तकनीकी और व्यापक आर्थिक संकेतकों से साफ है कि निकट अवधि में धातु पर मंदी का साया पूरी तरह गहराया हुआ है।
फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ट्रेजरी यील्ड का दोहरा दबाव
कीमती धातुओं में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक का आक्रामक मौद्रिक रुख है। फेडरल रिजर्व के नीति निर्माता पॉलसन और विलियम्स ने चालू वर्ष के अंत से पहले ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना जताई है। नीति निर्धारकों के इस सख्त रुख के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों पर पहुंच गई है। जब निश्चित ब्याज देने वाले बॉन्ड का प्रतिफल बढ़ता है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोना और चांदी में पूंजी प्रवाह घट जाता है। अमेरिकी पीएमआई आंकड़ों ने भी बहु-वर्षीय रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती आने से पहले ब्याज दरों में कटौती की संभावना बेहद कम है।
इसके साथ ही ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकलना महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दे रहा है। तेल में आई दो दिवसीय तेजी ने महंगाई के दोबारा उभरने का डर बढ़ा दिया है, जिससे ट्रेजरी यील्ड कर्व के दोनों सिरों पर प्रतिफल में तेजी आई है। अमेरिकी बाजार में ट्रेजरी नोट्स कुल विपणन योग्य ट्रेजरी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिसके कारण यील्ड में होने वाला यह उछाल अमेरिकी राजकोषीय परिदृश्य के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
चांदी का तकनीकी परिदृश्य: क्या हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न होगा सक्रिय?
दैनिक चार्ट पर चांदी का ढांचा कमजोर बना हुआ है और कीमत अपने मासिक दायरे के निचले छोर 62.20 डॉलर से 62.30 डॉलर के बेहद करीब कारोबार कर रही है। मोमेंटम संकेतक भी इस मंदी के रुख की पुष्टि कर रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 47 के स्तर पर न्यूट्रल से नरम दायरे में स्थिर है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD संकेतक शून्य से नीचे नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जहां इसका मान -0.08 और सिग्नल लाइन 0.19 पर है (हिस्टोग्राम -0.28 पर मंदी की स्थिति दर्शा रहा है)।
चार्ट विश्लेषण के अनुसार, यदि चांदी 62.20 डॉलर से 62.30 डॉलर के अहम सपोर्ट क्षेत्र को नीचे की ओर तोड़ती है (जो 10 अगस्त और 16 सितंबर के निचले स्तर रहे हैं), तो एक खतरनाक हेड एंड शोल्डर्स मंदी पैटर्न सक्रिय हो जाएगा। इस पैटर्न के सक्रिय होने से बिकवाली का दबाव कई गुना बढ़ सकता है, जिससे कीमत 6 अगस्त के निचले स्तर 60.87 डॉलर और उसके बाद 5 अगस्त के निचले स्तर 59.35 डॉलर तक फिसल सकती है। ऊपर की तरफ शुरुआती प्रतिरोध 64.60 डॉलर पर स्थित है (जो 22 सितंबर का निचला स्तर था), जिसके बाद 68.00 डॉलर के ठीक ऊपर मजबूत मासिक रेंज टॉप मौजूद है जिसने इस महीने कई बार तेजी के प्रयासों को विफल किया है। लाइव तकनीकी स्तरों में दैनिक पिवट पॉइंट 64.17 डॉलर, पहला रेजिस्टेंस 64.56 डॉलर, दूसरा रेजिस्टेंस 64.92 डॉलर और सपोर्ट क्रमशः 63.82 डॉलर व 63.43 डॉलर पर देखा जा रहा है। 50-दिवसीय घातीय मूविंग एवरेज (EMA 50) 64.94 डॉलर और 200-दिवसीय (EMA 200) 66.99 डॉलर पर है, जहां डेथ क्रॉस बना हुआ है जो दीर्घकालिक डाउनट्रेंड की पुष्टि करता है।
अन्य मुद्राओं और संपत्तियों पर डॉलर के दबदबे का असर
अमेरिकी डॉलर सूचकांक इस हफ्ते करीब दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे अन्य प्रमुख संपत्तियों पर भी गहरा असर पड़ा है। मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार के एशियाई सत्र में अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया और ओवरनाइट कारोबार में 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (SMA) को तोड़ने के बाद 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कमजोर स्थिति में नजर आया। भू-राजनीतिक जोखिमों और डॉलर की मजबूती ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि के दांवों को भी दबा दिया है।
दूसरी तरफ जापानी येन के मुकाबले डॉलर (USD/JPY) तीन हफ्ते के उच्च स्तर 159.00 तक पहुंचने के बाद शुक्रवार के एशियाई सत्र में हल्का नीचे आया, क्योंकि व्यापारियों में जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप की आशंका बढ़ गई है। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो मौद्रिक नीति को सामान्य करने की दिशा में एक कदम है। हालांकि इस कदम के बावजूद मजबूत डॉलर के कारण येन की बढ़त सीमित रहने की संभावना है। इसी तरह सोना भी पिछले दिन बने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में फंसा हुआ है, जिसे ऊंचे बॉन्ड यील्ड और आक्रामक फेड आउटलुक से कड़ी बाधा मिल रही है। चांदी का 52-सप्ताह का दायरा 43.78 डॉलर से 121.30 डॉलर के बीच रहा है, और मौजूदा संकेत यही बता रहे हैं कि 62.20 डॉलर के बचाव पर ही आगे की दिशा तय होगी।

















