वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में हल्की बढ़त देखने को मिली है, जिससे USD/CHF जोड़ी पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले डॉलर इंडेक्स में नरमी देखी गई, जिसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों का रुख किया। हालांकि अमेरिकी मुद्रा की यह गिरावट सीमित रह सकती है, क्योंकि पिछले सप्ताह जारी हुए अप्रत्याशित रूप से मजबूत महंगाई आंकड़ों ने केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों को सख्त बनाए रखने की उम्मीदों को काफी मजबूत कर दिया है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर और CME फेडवॉच के आंकड़े
वित्तीय बाजारों में इस बात की व्यापक संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर सकता है। यदि यह बढ़ोतरी होती है, तो मानक ओवरनाइट ब्याज दर बढ़कर 3.75% से 4.00% के दायरे में पहुंच जाएगी। सीएमई फेडवॉच टूल के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, डेरिवेटिव व्यापारी इस 25 बीपीएस की वृद्धि की लगभग 92.4% संभावना मानकर चल रहे हैं। इसके साथ ही बाजार यह भी अनुमान लगा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में भी अतिरिक्त दर वृद्धियों का संकेत दे सकता है, जिससे लंबी अवधि में डॉलर को पुनः सहारा मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
UOB समूह का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
मुद्रा रणनीतिकारों के अनुसार, पिछले सप्ताह के अंत में डॉलर के प्रति सकारात्मक रुख बना था और ऊपर की ओर गति में सुधार देखा जा रहा है। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह गति डॉलर को 0.8205 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर तक ले जाने के लिए पर्याप्त होगी या नहीं। 14 सितंबर को जब स्पॉट स्तर 0.8165 पर था, उसके बाद USD/CHF बढ़कर 0.8195 तक पहुंच गया था, जो सुधरते रुझान को दर्शाता है। विश्लेषकों का कहना है कि ओवरबॉट स्थितियों को देखते हुए, डॉलर को 0.8245 तक बढ़ने के लिए 0.8205 के स्तर को तोड़कर उसके ऊपर टिकना होगा। दूसरी ओर, तेजी के रुख को बनाए रखने के लिए डॉलर का 0.8130 से नीचे न फिसलना अनिवार्य है, जबकि इससे पहले मजबूत सपोर्ट स्तर 0.8110 पर देखा गया था।
ओईसीडी का स्विट्जरलैंड विकास अनुमान और सुधारों की मांग
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) ने स्विट्जरलैंड के आर्थिक विकास दर के अपने अनुमान को 1.1% से संशोधित कर 2% कर दिया है। विकास दर में यह उल्लेखनीय संशोधन दूसरी तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बाद आया है, जब आर्थिक विस्तार 1.5% पर पहुंच गया था। यह पिछले पांच वर्षों में दूसरी तिमाही का उच्चतम स्तर है, जिसे मुख्य रूप से कमजोर स्विस फ्रैंक से समर्थन मिला था जिसने घरेलू निर्यातकों को काफी बढ़ावा दिया। हालांकि, इस वृद्धि के बावजूद ओईसीडी ने जोर देकर कहा है कि तेजी से बुजुर्ग होती आबादी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण सरकारी खर्च का दबाव बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए दीर्घकालिक राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कर और पेंशन प्रणाली में तत्काल ढांचागत सुधारों की आवश्यकता है।
स्विस फ्रैंक की प्रकृति, यूरो से संबंध और सुरक्षित निवेश का दर्जा
स्विस फ्रैंक (CHF) स्विट्जरलैंड की आधिकारिक मुद्रा है और यह दुनिया की शीर्ष दस सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में शामिल है, जिसका व्यापारिक दायरा देश की घरेलू अर्थव्यवस्था के आकार से कहीं अधिक बड़ा है। इसका मूल्य बाजार की धारणा, देश के आर्थिक स्वास्थ्य और स्विस नेशनल बैंक (SNB) के नीतिगत फैसलों से निर्धारित होता है। 2011 से 2015 के बीच स्विस फ्रैंक को यूरो (EUR) के साथ आंशिक रूप से पेग किया गया था, लेकिन इस पेग को अचानक हटाने से फ्रैंक के मूल्य में 20% से अधिक का उछाल आया था और वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई थी। हालांकि अब यह पेग प्रभावी नहीं है, फिर भी पड़ोसी यूरोज़ोन पर स्विट्जरलैंड की भारी आर्थिक निर्भरता के कारण फ्रैंक और यूरो के बीच का सह-संबंध 90% से अधिक या लगभग पूर्ण माना जाता है। स्विस फ्रैंक को एक प्रमुख सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) माना जाता है क्योंकि देश की राजनीतिक तटस्थता, भारी विदेशी मुद्रा भंडार, मजबूत निर्यात क्षेत्र और स्थिर अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर में निवेशकों को आकर्षित करती है।
स्विस नेशनल बैंक की नीति और व्यापक आर्थिक प्रभाव
स्विस नेशनल बैंक साल में केवल चार बार, यानी हर तिमाही में एक बार मौद्रिक नीति तय करने के लिए बैठक करता है, जो कई अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में कम है। केंद्रीय बैंक का प्राथमिक लक्ष्य वार्षिक मुद्रास्फीति को 2% से नीचे बनाए रखना है। जब महंगाई इस लक्ष्य से अधिक हो जाती है या बढ़ने की आशंका होती है, तो बैंक दरों में वृद्धि करता है, जिससे फ्रैंक में निवेश आकर्षक हो जाता है और मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत, कम ब्याज दरें फ्रैंक को कमजोर करती हैं। स्विट्जरलैंड एक खुली और छोटी अर्थव्यवस्था होने के कारण यूरोज़ोन की आर्थिक स्थिरता पर बहुत निर्भर है, इसलिए यूरोपीय संघ के व्यापक आंकड़े भी फ्रैंक के मूल्य को सीधे प्रभावित करते हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजार: AUD/USD और USD/JPY का हाल
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) पर लगातार तीसरे दिन नकारात्मक दबाव देखा गया और यह 0.7100 के स्तर का बचाव करते हुए अपने मासिक निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल के कारण बढ़ती महंगाई की आशंकाओं और संभावित फेड दर वृद्धि ने अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बनाए रखा है, जिससे डॉलर को मजबूती मिली है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी जोखिम वाली मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मांग को सहारा दिया है। दूसरी तरफ, USD/JPY जोड़ी बढ़कर 155.00 के पार एक सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले और गुरुवार से शुरू हो रही बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीतिगत बैठक से पहले सतर्क बने हुए हैं, जिससे यह जोड़ी 155.00 के मध्य स्तर से नीचे बनी रही।
कमोडिटी, क्रिप्टो और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम
सोना बुधवार को शुरुआती कारोबार में पुनः $4,300 के ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, और इसकी अगली बड़ी दिशा देर शाम आने वाले फेडरल रिजर्व के निर्णय पर निर्भर करेगी। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, सीनेट में क्लैरिटी एक्ट के आगे न बढ़ पाने के कारण एथेरियम गिरकर $2,400 पर आ गया, लेकिन संभावित फेड दर वृद्धि के बावजूद खरीदारों ने पिछले कुछ दिनों में बिकवाली के दबाव को संभाले रखा है और ताजा पूंजी का प्रवाह जारी रहा। इस बीच, यूनाइटेड किंगडम का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय बुधवार को अगस्त का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा जारी करने वाला है, जिससे बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले से ठीक एक दिन पहले ब्रिटिश पाउंड में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, जापान की लंबे समय से चली आ रही अत्यंत कम ब्याज दरों ने वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बन गया था। बैंक ऑफ जापान द्वारा इस सप्ताह नीति सख्त किए जाने की संभावना के साथ यह दौर अब एक नए चरण में प्रवेश कर सकता है।



















