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फेड के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में सुस्ती, सोने की कीमतों में मामूली बढ़तबाज़ार
19 सित॰ 2026, 3:38 pm (17 मिनट पहले)· 0

फेड के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर में सुस्ती, सोने की कीमतों में मामूली बढ़त

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले डॉलर की तेजी थमने से सोने को सहारा मिला है, हालांकि मध्य पूर्व तनाव और बॉन्ड यील्ड में उछाल से बड़ा उछाल सीमित नजर आ रहा है।

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Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GC अभी $4,425 पर है, जबकि EMA20 $4,430, EMA50 $4,393 और EMA200 $4,426 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($4,393) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($4,426) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GC का RSI 50 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

GC की MACD लाइन अपने सिग्नल के नीचे है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बुधवार के शुरुआती एशियाई कारोबार में आई हल्की गिरावट के बाद सुधार देखने को मिला है। अमेरिकी डॉलर में आई हालिया तेज खरीदारी की रफ्तार सुस्त पड़ने के कारण पीली धातु को थोड़ा सहारा मिला। इसके बावजूद, सर्राफा बाजार में किसी भी बड़े और टिकाऊ उछाल की संभावनाएं काफी सीमित नजर आ रही हैं, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजे आने बाकी हैं और व्यापारी किसी भी बड़े दांव से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

ऊर्जा संकट, महंगाई का डर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव

बाजार में सोने की तेजी को सीमित करने वाला सबसे प्रमुख कारक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और उससे जुड़ी महंगाई की चिंताएं हैं। मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें 20 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने इस तेजी को हवा दी है। जब ऊर्जा लागत में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, तो अर्थव्यवस्था में महंगाई के दोबारा भड़कने का खतरा गहरा जाता है। इसी परिदृश्य ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को और सख्त करने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।

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इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर सरकारी और कॉर्पोरेट उधारी में भारी बढ़ोतरी के चलते बॉन्ड बाजार में तेज बिकवाली देखी गई। इस भारी बिकवाली के कारण 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। यह स्तर 2023 के बाद पहली बार टूटा है और बॉन्ड यील्ड अब 2007 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। बॉन्ड यील्ड में इस तरह की तेज बढ़ोतरी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों, विशेष रूप से सोने की चमक को फीका कर देती है, क्योंकि सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले पूंजीपति अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की ओर आकर्षित होते हैं।

मध्य पूर्व में गहराता संकट और लाल सागर का तनाव

भू-राजनीतिक मोर्चे पर मध्य पूर्व का संकट लगातार जटिल होता जा रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा एक सप्ताह तक किए गए हमलों के बाद सऊदी अरब ने पवित्र शहर मक्का और अपने दूसरे सबसे बड़े शहर जेद्दा सहित कई महत्वपूर्ण इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन मिसाइल और ड्रोन हमलों का कड़ा जवाब देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे इस क्षेत्रीय संघर्ष के और विकराल रूप लेने का खतरा पैदा हो गया है।

इसके अतिरिक्त, होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ईरानी समुद्री व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंधों के तहत अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 103 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदल दिया है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने कच्चे तेल की कीमतों को उच्च स्तर पर बनाए रखा है। आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव में सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन वर्तमान हालात में अमेरिकी डॉलर भी एक प्रमुख सुरक्षित ठिकाने के रूप में उभरा है। डॉलर इंडेक्स को मिल रहे इस दोहरे समर्थन के कारण सोने की ऊपर की चाल बंधकर रह गई है।

तकनीकी विश्लेषण: संकेतकों में घटती रफ्तार और अहम स्तर

चार्ट पर सोने की चाल को देखें तो यह कीमती धातु 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे जुझारूपन दिखा रही है और वर्तमान में जुलाई-अगस्त की तेजी के 50% रिट्रेसमेंट स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रही है। हालांकि, तकनीकी गति संकेतकों ने अपनी कमजोरी के संकेत देना शुरू कर दिया है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस नकारात्मक दायरे में बना हुआ है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के स्तर के ठीक नीचे संघर्ष कर रहा है।

लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, सोने की हाजिर कीमत 4,425 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई, जो पिछले बंद स्तर 4,400 डॉलर से 0.57% की बढ़त दर्शाती है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 3,664 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच है। ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.90 गुना रहा। तकनीकी रूप से, 14-दिवसीय आरएसआई 50 पर तटस्थ है, जबकि एमएसीडी -1.38 पर है जो 19.46 के सिग्नल के मुकाबले -20.83 का मंदी हिस्टोग्राम दिखा रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 4,393 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,426 डॉलर पर है, जहां डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। तात्कालिक स्तरों में पिवट 4,412 डॉलर है, जिसमें पहला प्रतिरोध 4,452 डॉलर और दूसरा प्रतिरोध 4,480 डॉलर पर है, जबकि समर्थन स्तर 4,385 डॉलर और 4,345 डॉलर पर स्थित हैं।

फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और डॉलर की भूमिका

अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक मुद्रा बाजारों की दिशा तय करने में फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फेडरल रिजर्व के दो मुख्य संवैधानिक लक्ष्य हैं: कीमतों में स्थिरता बनाए रखना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना। इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों के समायोजन को अपने प्राथमिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है।

जब महंगाई 2% के तय लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो फेडरल रिजर्व उधारी की लागत बढ़ाने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करता है। ऊंची ब्याज दरें अर्थव्यवस्था में कर्ज लेना महंगा करती हैं, जिससे उपभोक्ता खर्च और व्यावसायिक निवेश घटता है। वैश्विक निवेशकों के लिए अमेरिकी संपत्तियों पर मिलने वाला रिटर्न अधिक आकर्षक हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पूंजी अमेरिका का रुख करती है और डॉलर मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब महंगाई 2% से नीचे गिरती है या बेरोजगारी दर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि ऋण प्रवाह को बढ़ावा मिल सके, जिससे डॉलर पर दबाव बनता है।

एफओएमसी की संरचना और नीतिगत प्रक्रिया

फेडरल रिजर्व एक कैलेंडर वर्ष में कुल आठ नियमित नीतिगत बैठकें आयोजित करता है। इन बैठकों में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी आर्थिक स्थितियों का व्यापक आकलन करती है और भविष्य के नीतिगत कदमों पर अंतिम फैसला लेती है। एफओएमसी में कुल बारह मतदान अधिकारी शामिल होते हैं।

इस समिति में सात सदस्य बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के होते हैं, एक स्थायी मतदान अधिकार फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क के अध्यक्ष के पास होता है, और शेष ग्यारह क्षेत्रीय रिजर्व बैंकों में से चार अध्यक्ष एक-एक वर्ष के रोटेशन के आधार पर मतदान सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं। इन बैठकों के दौरान लिए गए फैसलों का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दुनिया भर के शेयर बाजारों, बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी की कीमतों को गहराई से प्रभावित करता है।

क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का तंत्र

अत्यधिक आर्थिक संकट या वित्तीय रुकावट के दौर में फेडरल रिजर्व गैर-पारंपरिक नीतिगत उपायों का सहारा लेता है, जिसे क्वांटिटेटिव ईजिंग कहा जाता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत केंद्रीय बैंक वित्तीय प्रणाली में ऋण के प्रवाह को तेजी से बढ़ाने का काम करता है। यह उपाय उन परिस्थितियों में लागू किया जाता है जब पारंपरिक ब्याज दरें लगभग शून्य के करीब पहुंच जाती हैं और महंगाई बेहद निचले स्तर पर होती है। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान फेड ने इसी हथियार का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। इसके तहत अधिक डॉलर जारी किए जाते हैं और वित्तीय संस्थानों से उच्च श्रेणी के बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जिससे आम तौर पर डॉलर की विनिमय दर कमजोर होती है।

दूसरी ओर, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग इसकी ठीक विपरीत प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत फेडरल रिजर्व वित्तीय संस्थानों से नए बॉन्ड खरीदना पूरी तरह बंद कर देता है और अपने बैलेंस शीट में मौजूद परिपक्व होने वाले बॉन्ड के मूलधन का पुनर्निवेश नहीं करता। इस प्रकार बाजार से नकदी को सोख लिया जाता है। तरलता की इस कमी से अमेरिकी डॉलर के मूल्य को स्वाभाविक रूप से मजबूती मिलती है।

वैश्विक मुद्राओं और अन्य परिसंपत्तियों की स्थिति

मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में भी डॉलर का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट का रुख देखा गया, जहां ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर का बचाव करते हुए अपने मासिक निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना और कच्चे तेल के कारण उत्पन्न महंगाई की चिंताओं ने डॉलर को मजबूती दी है, जिससे जोखिम वाली मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है।

वहीं, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन एशियाई सत्र में 155.00 के पार एक सप्ताह के नए शिखर पर पहुंच गया। हालांकि, निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले और गुरुवार से शुरू होने वाली बैंक ऑफ जापान की बैठक से पहले सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे यह जोड़ी 155.00 के मध्य स्तर के नीचे बनी हुई है। दशक भर से जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने वैश्विक स्तर पर खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन दुनिया का सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को कड़ा किए जाने की संभावनाओं के साथ यह दौर एक नए मोड़ पर पहुंच सकता है। दूसरी तरफ, ब्रिटिश पाउंड के लिए ब्रिटेन का कार्यालय राष्ट्रीय सांख्यिकी अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े जारी करने जा रहा है, जो बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति बैठक से पहले पाउंड में भारी उतार-चढ़ाव ला सकता है। डिजिटल संपत्तियों में, सीनेट में क्लैरिटी एक्ट आगे न बढ़ पाने के बाद एथेरियम 2,400 डॉलर पर आ गया, हालांकि खरीदार अभी भी इसमें पूंजी लगा रहे हैं। सोने का अगला बड़ा रुझान पूरी तरह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी वक्तव्य पर निर्भर करेगा।

सवाल-जवाब

सोने की कीमतों में उछाल सीमित क्यों बना हुआ है?
अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5% के पार पहुंचने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखे जाने की संभावनाओं के कारण सोने की बढ़त सीमित है।
कच्चे तेल की कीमतों का अमेरिकी डॉलर और सोने पर क्या असर पड़ा है?
कच्चा तेल 20 मई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे फेड द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदें और डॉलर मजबूत हुआ है।
मध्य पूर्व में हालिया भू-राजनीतिक तनाव का क्या कारण है?
हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दा में सुरक्षा अलर्ट जारी किया है, जबकि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 103 जहाजों का मार्ग बदल दिया है।
10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का मौजूदा स्तर क्या दर्शाता है?
यह यील्ड 2023 के बाद पहली बार 5% के स्तर को पार कर 2007 के बाद के अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो भारी वैश्विक उधारी और बिकवाली को दर्शाता है।
फेडरल रिजर्व की एफओएमसी समिति में कितने सदस्य मतदान करते हैं?
एफओएमसी में कुल बारह अधिकारी मतदान करते हैं, जिनमें सात बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष और चार रोटेटिंग क्षेत्रीय अध्यक्ष शामिल होते हैं।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान से जुड़ी क्या उम्मीदें हैं?
दशकों की अति-निम्न दरों के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को सख्त करने की उम्मीद है, जिससे येन की वैश्विक सस्ती फंडिंग का दौर बदल सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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