अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो ने जापानी येन के मुकाबले जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए 180.50 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े को पार कर लिया है। जर्मनी के औद्योगिक और कारोबारी माहौल से जुड़े उत्साहजनक आंकड़ों ने यूरो को यह नई मजबूती दी है। इसके विपरीत, जापान के केंद्रीय बैंक की नीतिगत दिशा को लेकर अनिश्चितता और अंदरूनी खींचतान के कारण जापानी येन को स्थानीय बॉन्ड यील्ड में आए बड़े उछाल का भी अपेक्षित सहारा नहीं मिल पा रहा है।
जर्मनी के कारोबारी विश्वास में सुधार
यूरोपीय आर्थिक महाशक्ति जर्मनी से आए ताज़ा आंकड़े बाजार के लिए राहत लेकर आए हैं। जर्मनी का प्रसिद्ध आईएफओ बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स सितंबर महीने में सुधरकर 89.9 पर पहुंच गया, जो अगस्त में 88.8 दर्ज किया गया था। वित्तीय विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का आम अनुमान 89 के स्तर का था, जिससे यह नतीजा स्पष्ट रूप से बेहतर रहा।
सर्वेक्षण के अलग-अलग उप-सूचकांकों ने भी कारोबारी धारणा में व्यापक सुधार का संकेत दिया है। मौजूदा आर्थिक स्थितियों का आकलन करने वाला करंट असेसमेंट इंडेक्स 88.5 से बढ़कर 89.5 दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, आगामी महीनों के लिए कारोबारी उम्मीदों को दर्शाने वाला एक्सपेक्टेशंस इंडेक्स 89 से छलांग लगाकर 90.4 पर आ पहुंचा। यह फरवरी के बाद से इस सूचकांक का सबसे ऊंचा स्तर है, जिससे संकेत मिलता है कि जर्मन उद्योग जगत आने वाले समय में आर्थिक नरमी से उबरने की उम्मीद कर रहा है। आज के कारोबारी सत्र में दुनिया की प्रमुख मुद्राओं में यूरो का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा, विशेष रूप से जापानी येन की तुलना में इसमें सर्वाधिक मजबूती देखी गई।
बैंक ऑफ जापान के भीतर नीतिगत मतभेद
जापान के वित्तीय मोर्चे पर स्थितियां उलझी हुई नजर आ रही हैं। बैंक ऑफ जापान ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत अल्पकालिक ब्याज दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.00% से 1.25% कर दिया था। यह 1995 के बाद से देश में ब्याज दरों का उच्चतम स्तर है और मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा था। हालांकि, यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया।
नीतिगत बोर्ड में मतदान 7-2 के अंतर से हुआ, जिसमें बोर्ड सदस्य तोइचिरो असादा और अयानो सातो ने इस बढ़ोतरी के खिलाफ असहमति जताई। इस खुले मतभेद ने वित्तीय बाजारों में यह संदेह गहरा कर दिया है कि केंद्रीय बैंक भविष्य में मौद्रिक सख्ती को किस गति से जारी रख पाएगा। निवेशकों को आशंका है कि अगर अंदरूनी सहमति नहीं बनी, तो आगे ब्याज दरें बढ़ाने की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसी अनिर्णय के चलते येन लगातार कमजोर बना हुआ है।
जापानी बॉन्ड यील्ड 30 साल के शीर्ष स्तर पर
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में पहले आई तेजी के असर से जापानी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों (यील्ड) में भी तेज हलचल देखी गई। 10-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड लगभग 9 आधार अंक बढ़कर 3.071% पर पहुंच गई, जो बीते तीन दशकों यानी 30 वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।
सामान्य परिस्थितियों में बॉन्ड यील्ड में इस तरह की तेज छलांग घरेलू मुद्रा को सहारा देती है, लेकिन जापानी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंक के अनिश्चित रुख के कारण ऐसा नहीं हो सका। दूसरी ओर, जापान की वित्त मंत्री तात्सुकी कातायामा ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जापान और अमेरिका के बीच विदेशी मुद्रा विनिमय को लेकर स्थापित सिद्धांत और नियम अब भी पूरी तरह प्रभावी हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भी जापानी मुद्रा में उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां USD/JPY एशियाई सत्र में तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए 158.00 के करीब आ गया। वहां एक तरफ बॉन्ड यील्ड और संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंका येन को नीचे से थामने की कोशिश कर रही है, वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण डॉलर दो महीने के उच्च स्तर पर टिका हुआ है।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ों पर भी आर्थिक आंकड़ों और कूटनीतिक बैठकों का असर साफ दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कमजोर होकर एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की तरफ खिसक गया। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त माह के रोजगार आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5% से बढ़कर 4.6% पर पहुंच गई। हालांकि, कुल रोजगार संख्या 39.5K दर्ज हुई जो बाजार अनुमानों से बेहतर थी, लेकिन बढ़ी हुई बेरोजगारी दर ने मुद्रा पर दबाव बना दिया।
कमोडिटी बाजार में सोने पर लगातार दूसरे दिन नकारात्मक रुख बना रहा और यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में यह 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करता दिखा। सर्राफा और मुद्रा बाजार के कारोबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के इंतजार में सतर्क हैं। इस शिखर वार्ता से किसी बड़ी व्यापक घोषणा की उम्मीद भले कम हो, लेकिन दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (रेयर अर्थ्स), तकनीकी प्रतिबंधों और दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापारिक संघर्ष विराम के विस्तार पर होने वाली प्रगति पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
यूरोप में एक अन्य प्रमुख फैसले के तहत, स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों को 0% पर जस का तस बनाए रखा, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। स्विस नेशनल बैंक ने घोषणा की कि उसके पास रखे बैंकों के साइट डिपॉजिट्स पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के हिसाब से रिटर्न दिया जाएगा। इसके साथ ही बैंक ने 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति अनुमान को पिछले 0.6% से थोड़ा बढ़ाकर 0.7% कर दिया है। बैंक का मानना है कि स्विट्जरलैंड के आर्थिक परिदृश्य के लिए सबसे बड़ा खतरा वैश्विक अर्थव्यवस्था में होने वाले घटनाक्रमों से जुड़ा है।



















