दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल और मध्य पूर्व के बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण व्यापक बिकवाली देखने को मिल रही है। अमेरिका और जापान में सरकारी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान घटा है। इस स्थिति के चलते अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कच्चा तेल लगातार मजबूती दिखा रहा है।
सरकारी बॉन्ड यील्ड में रिकॉर्ड उछाल का बाजारों पर असर
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 4.8 बेसिस पॉइंट की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 4.80% के स्तर पर पहुंच गई, जो 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान यह यील्ड बढ़कर 4.81% तक पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके साथ ही जापान में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 30 वर्षों में पहली बार 3% के आंकड़े को पार कर गई है। वास्तविक और नाममात्र यील्ड में इस बढ़ोतरी ने इक्विटी बाजारों के मूल्यांकन पर भारी दबाव डाला है, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम वाली संपत्तियों में गिरावट आई।
वाल स्ट्रीट और अमेरिकी टेक शेयरों में तेज गिरावट
बॉन्ड यील्ड के उच्च स्तर पर पहुंचने का सबसे सीधा असर अमेरिकी शेयर बाजारों पर पड़ा। प्रमुख इंडेक्स एसएंडपी 500 में 0.71% की गिरावट आई, जबकि टेक-प्रधान नैस्डैक इंडेक्स 1.03% टूट गया। मैग 7 कहे जाने वाले प्रमुख टेक दिग्गजों के शेयरों में भी औसतन 0.72% की कमजोरी देखी गई। सबसे बड़ा झटका फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर स्टॉक एक्सचेंज इंडेक्स को लगा, जो 2.14% की बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। रात में हुई बिकवाली के बाद फ्यूचर्स मार्केट में भी सुस्ती रही, जहां एसएंडपी फ्यूचर्स में 0.10% और नैस्डैक फ्यूचर्स में 0.26% की गिरावट दर्ज की गई।
यूरोपीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन और भू-राजनीतिक परिस्थितियां
यूरोप के बाजारों में कारोबार बंद होने तक ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए सैन्य हमलों की खबरें पूरी तरह से सामने नहीं आई थीं, लेकिन इसके बावजूद वहां के सूचकांकों में नरमी का रुख रहा। यूरोप के व्यापक स्टॉक्स 600 इंडेक्स में 0.56% की गिरावट आई। ब्रिटेन के एफटीएसई 100 में 0.32% और फ्रांस के सीएसी 40 में 0.39% की नरमी दर्ज की गई। वहीं जर्मनी का डैक्स इंडेक्स 1.10% टूटकर क्षेत्र में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। सुबह के सत्र में स्टॉक्स फ्यूचर्स भी लगभग आधा प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और दबाव
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जहां जापान और दक्षिण कोरिया के सूचकांक नुकसान की अगुवाई कर रहे थे। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.95% फिसल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.79% की भारी गिरावट का शिकार हुआ। चीन और हांगकांग के बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा, जहां सीएसआई 300 में 1.25%, शंघाई कंपोजिट में 0.82% और हैंग संग इंडेक्स में 0.96% की गिरावट दर्ज की गई।
सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर मजबूत
विदेशी मुद्रा बाजार में मध्य पूर्व की अनिश्चितता के कारण अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल रहा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों में ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले डॉलर मजबूत होकर 1.3500 के स्तर के करीब पहुंच गया। पाउंड पर दबाव बना हुआ है और बाजार प्रतिभागी अब शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
इसी तरह यूरो के मुकाबले भी डॉलर ने अपनी बढ़त बनाए रखी है। फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक नीति रुख और भू-राजनीतिक तनावों के बीच यूरो-डॉलर जोड़ी घटकर 1.1575 के स्तर के आसपास आ गई। मुद्रा व्यापारियों की नजर अब शुक्रवार को जारी होने वाले यूरोज़ोन रिटेल सेल्स आंकड़ों और अमेरिकी रोजगार डेटा पर टिकी हुई है।
कच्चे तेल में तेजी, डीजल रिकॉर्ड स्तर पर और सोने में गिरावट
कमोडिटी बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल और मजबूत होते डॉलर के कारण सोने की कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है। बुधवार को सोने में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशक अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी एडीपी अगस्त एम्प्लॉयमेंट चेंज आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
इसके विपरीत कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल लगातार तीसरे दिन चढ़कर बंद हुआ। पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिनों में इसमें सकारात्मक बदलाव आया है और यह 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस बीच अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी डब्ल्यूटीआई पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया और इसने $102.00 से अधिक का इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर छू लिया।
क्रिप्टो करेंसी बाजार में सुस्ती और मंदी के संकेत
डिजिटल एसेट बाजार भी वैश्विक बिकवाली के प्रभाव से अछूता नहीं रहा। अगस्त महीने में जोरदार तेजी दर्ज करने के बाद प्रमुख क्रिप्टो करेंसी पर दबाव बढ़ गया है। तकनीकी संकेतक शुरुआती कमजोरी के संकेत दे रहे हैं। बिटकॉइन यानी BTC में मंदी के शुरुआती लक्षण दिख रहे हैं। एथेरियम यानी ETH $2,500 के स्तर से नीचे आने के बाद अपनी गिरावट को बढ़ा चुका है। वहीं रिपल यानी XRP अपने प्रमुख सपोर्ट स्तर से नीचे बना हुआ है, जिससे क्रिप्टो निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।



















