रांची से बोकारो तक झारखंड में आज भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट25 मिलियन टोकन अनलॉक से ZRO पर 25% गिरावट का खतरा, डेरिवेटिव बाजार का रुझान बदलावैश्विक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और विदेशी पूंजी की निकासी से रुपया धड़ाम, कच्चा तेल $82 के पारआज का राशिफल 21 जुलाई 2026: मंगल के नक्षत्र में चंद्रमा, वृषभ सहित 6 राशियों को सतर्क रहने की सलाह, धन हानि के आसारकीवी डॉलर ने पकड़ी रफ्तार, अमेरिकी महंगाई घटने से फेडरल रिजर्व के रेट हाइक की उम्मीदें हुईं कमबिहार में आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज़, कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की आशंकादिल्ली-पंजाब की नौकरी छोड़ गांव लौटे सुरेंद्र राम, अब एक एकड़ में भिंडी उगाकर रोज कमा रहे ₹3,000रेट अंतर से येन के मुकाबले चढ़ा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, पर जापान की दखल की चेतावनी बनी अड़चनदिल्ली पुलिस का हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कड़ा एक्शन, 70 लोग हिरासत में, कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्जएंडी बर्नहैम के डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचते ही चढ़ा पाउंड, लेकिन कॉमर्ज़बैंक ने दी सावधानी की चेतावनी
हफ्ते की शुरुआत में डगमगाया बाजार, सेंसेक्स 468 अंक फिसलकर 77,683 पर, निफ्टी 24,207 के करीबबाज़ार
18 घंटे पहले· 1

हफ्ते की शुरुआत में डगमगाया बाजार, सेंसेक्स 468 अंक फिसलकर 77,683 पर, निफ्टी 24,207 के करीब

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बिकवाली हावी रही।

नए हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और बीएसई सेंसेक्स 450 अंक टूटकर खुला। इसके बाद बिकवाली और तेज हुई तो इंडेक्स 468 अंक लुढ़ककर 77,683 के स्तर पर आ गया। दूसरी तरफ निफ्टी 50 भी 126.50 अंक की गिरावट के साथ 24,207 पर खुला।

बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह विदेशों से मिल रहे कमजोर संकेत और दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। इसी माहौल में निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में सतर्क रुख अपनाया और मुनाफावसूली की।

ये भी पढ़ें

सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, छोटे शेयर भी लुढ़के

गिरावट का असर केवल दिग्गज कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 0.02 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसका मतलब यह रहा कि छोटे और मझोले शेयरों में भी खरीदारों की दिलचस्पी कम रही।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

सेक्टर के लिहाज से देखें तो सबसे ज्यादा चोट निजी बैंकों को लगी। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक इंडेक्स पर भी बिकवाली का दबाव साफ दिखा। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयरों में कमजोरी अक्सर पूरे बाजार का मूड तय करती है, इसलिए इनकी गिरावट ने सूचकांकों को और नीचे खींचा।

बाजार पर क्यों बना हुआ है दबाव

पिछले कुछ हफ्तों से घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। कभी सेंसेक्स और निफ्टी जोरदार तेजी के साथ खुलते हैं, तो कभी वैश्विक संकेतों की वजह से लाल निशान में चले जाते हैं। खबरों के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसे कारक भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं, जिसके चलते बाजार में बार-बार गिरावट देखने को मिल रही है।

सवाल-जवाब

सोमवार को सेंसेक्स कितने अंक गिरा?
सेंसेक्स 468 अंक गिरकर 77,683 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि यह शुरुआत में 450 अंक की गिरावट के साथ खुला था।
निफ्टी 50 किस स्तर पर खुला?
निफ्टी 50 126.50 अंक टूटकर 24,207 के स्तर पर खुला।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही?
कमजोर वैश्विक संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को बाजार पर दबाव की मुख्य वजह माना जा रहा है।
किस सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई?
निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही, साथ ही निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक पर भी बिकवाली का दबाव दिखा।
क्या छोटे शेयरों पर भी असर पड़ा?
हां, निफ्टी मिडकैप 0.02 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR