शुक्रवार को एशियाई व्यापारिक घंटों के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 159.00 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास एक संकीर्ण दायरे में उतार-चढ़ाव करता देखा गया। हालिया बाजार सत्रों में दोनों प्रमुख मुद्राएं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अपने कई अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं। यदि अन्य प्रमुख मुद्राओं से तुलना की जाए तो अमेरिकी डॉलर को सबसे ज्यादा नुकसान न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले झेलना पड़ा है, जबकि जापानी येन भी वैश्विक व्यापारिक पटल पर संघर्ष करता नजर आया है। वर्तमान में USD/JPY की विनिमय दर 159.00 के निकट केंद्रित होकर समेकन और ठहराव के चरण से गुजर रही है। बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों के परस्पर विरोधी मौद्रिक रुख तथा अमेरिकी राजकोषीय रणनीतियों के कारण आने वाले दिनों में इस मुद्रा जोड़ी की दिशा तय होगी।
20-दिन EMA का तकनीकी प्रतिरोध और चार्ट संकेतकों का विस्तृत विश्लेषण
दैनिक मूल्य चार्ट के अवलोकन से पता चलता है कि USD/JPY की हाजिर कीमत 158.98 के स्तर पर मंडरा रही है। यह विनिमय दर 159.59 पर मौजूद 20-दिन के घातांकीय चलती औसत (EMA) से नीचे स्थिर बनी हुई है। तकनीकी भाषा में जब तक मूल्य 20-दिन EMA के नीचे स्थित रहता है, तब तक अल्पकालिक मंदी का दबाव बाजार पर हावी माना जाता है। 159.59 पर स्थित यह गतिशील प्रतिरोध रेखा मूल्य में किसी भी संभावित उछाल को रोकने के लिए एक मजबूत दीवार की तरह कार्य कर रही है। यदि USD/JPY को अपनी हालिया गिरावट से उबरकर एक दीर्घकालिक सुधार दर्ज करना है, तो खरीदारों के लिए इस 20-दिन EMA बाधा को एक मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ पार करना अनिवार्य होगा।
मोमेंटम संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 43.50 के आसपास स्थित है। RSI का यह स्तर बाजार को एक तटस्थ यानी न्यूट्रल क्षेत्र में दर्शाता है। 43.50 की यह रीडिंग यह स्पष्ट करती है कि बाजार में अत्यधिक बिकवाली की स्थिति नहीं बनी है, बल्कि यह एक सीमित और नियंत्रित मंदी के रुझान को प्रदर्शित करती है। चार्ट पर नीचे की ओर संभावित सपोर्ट स्तरों को देखें तो 20 अगस्त का निचला स्तर जो कि 158.00 के करीब है, तात्कालिक आपूर्ति और मांग का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यदि मंदी का दबाव बढ़ता है और मूल्य 158.00 के इस स्तर से नीचे गिरता है, तो अगला प्रमुख तकनीकी समर्थन स्तर 7 अगस्त को दर्ज किया गया 156.68 का निचला स्तर होगा। इसके अतिरिक्त, 50-दिन का EMA (160.25) और 200-दिन का EMA (157.62) बाजार के व्यापक ढांचागत रुझान को रेखांकित करते हैं।
जापानी मुद्रास्फीति के आंकड़े और बैंक ऑफ जापान का सख्त मौद्रिक रुख
जापान के सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी हालिया आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ताजा खाद्य पदार्थों को छोड़कर राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI ex. Fresh Food) वार्षिक आधार पर 1.8% की दर से बढ़ा है। यह आर्थिक आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों के पूरी तरह अनुरूप रहा है तथा यह जून महीने में दर्ज की गई 1.6% की वार्षिक वृद्धि दर से तेज गति को दर्शाता है। खाद्य कीमतों के प्रभाव को अलग रखकर मापी जाने वाली इस मुख्य मुद्रास्फीति में आई तेजी यह साबित करती है कि जापानी अर्थव्यवस्था में बुनियादी मूल्य वृद्धि का दबाव धीरे-धीरे गहरा रहा है।
वित्तीय बाजार के विश्लेषकों का आकलन है कि मुद्रास्फीति के इन मजबूत आंकड़ों से बैंक ऑफ जापान (BoJ) को अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने तथा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि के रास्ते पर बने रहने का मजबूत आधार मिलेगा। जहां दुनिया के कई अन्य केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर रहे हैं, वहीं बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना जापानी येन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक अवधि में बैंक ऑफ जापान का यह सख्त रवैया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन को मजबूत कर सकता है, जिससे USD/JPY विनिमय दर पर ऊपरी स्तरों पर लगातार दबाव बना रहेगा।
अमेरिकी खजाना विभाग का बायबैक निर्णय और बढ़ते कर्ज की चिंताएं
इसके विपरीत, अमेरिकी डॉलर को राजकोषीय मोर्चे पर कई तरह की चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी खजाना विभाग (US Treasury Department) ने हाल ही में अपने नियमित पूर्व-निर्धारित कैलेंडर से अलग हटकर एक अभूतपूर्व वित्तीय कदम उठाने का फैसला किया है। बढ़ती उधार लागत और बॉन्ड प्रतिफल (bond yields) में वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से खजाना विभाग ने अपनी तरलता सहायता बायबैक पहलों की गति को दोगुना करने की योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत 10-वर्ष से 20-वर्ष तथा 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड क्षेत्रों में बायबैक की अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दिया गया है। यह नई बायबैक व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका $40 ट्रिलियन के अभूतपूर्व राष्ट्रीय ऋण के ऐतिहासिक मील के पत्थर के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। वित्तीय विश्लेषक और बाजार रणनीतिकार अर्थव्यवस्था के इस गहराते कर्ज के संकट को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। विशेष रूप से $1.4 ट्रिलियन के विशाल निजी क्रेडिट बाजार (private credit market) में बढ़ती अनिश्चितताएं और क्रेडिट जोखिम समग्र वित्तीय तंत्र के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। माइक महारे जैसे प्रख्यात वित्तीय विश्लेषकों का तर्क है कि विशाल राष्ट्रीय ऋण और बॉन्ड बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे यह बायबैक प्रयास यह दर्शाते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कर्ज का भारी बोझ है, जो अमेरिकी डॉलर की दीर्घकालिक मजबूती को सीमित कर सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार का परिदृश्य और सोने की रिकॉर्ड तेजी
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य जोड़ों पर दृष्टि डालें तो GBP/USD जोड़ी 1.3630 से 1.3620 के दायरे के भीतर स्थिर होती नजर आई। हालांकि, अमेरिकी डॉलर में आई हल्की देर से रिकवरी के कारण इसने अपनी शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा खो दिया। ब्रिटेन के आगामी महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत घोषणाओं से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपना रखा है।
इसी तरह, EUR/USD जोड़ी ने अपनी शुरुआती सभी बढ़त गंवा दी और 1.1700 के स्तर से नीचे खिसक गई। अमेरिकी सत्र के दौरान डॉलर की हल्की खरीदारी ने यूरो पर दबाव बनाया, जिससे यह जोड़ी दिन के अंत में व्यावहारिक रूप से अपरिवर्तित रही। वर्तमान में बाजार के भागीदार अटलांटिक के दोनों पार यानी अमेरिका और यूरोप से जारी होने वाले प्रारंभिक S&P ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI सूचकांकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में बहुमूल्य धातुओं, विशेषकर सोने (Gold) में जबरदस्त तेजी देखी गई है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान सोने का हाजिर मूल्य $4,544 प्रति औंस के नए बहु-महीने के उच्च स्तर को छू गया। तकनीकी रूप से सोना अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के काफी ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बेहद मजबूत बनी हुई है।
तकनीकी संकेतकों का सारांश और भविष्य की दिशा
USD/JPY के अल्पकालिक आउटलुक की समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट होता है कि जब तक मूल्य 159.59 पर स्थित 20-दिन EMA के नीचे बना रहता है, तब तक तेजी की हर कोशिश को बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ेगा। 158.00 का सपोर्ट स्तर टूटने पर 156.68 तक की गिरावट का रास्ता खुल सकता है। इसके विपरीत, यदि खरीदार 159.59 के स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लेते हैं, तो अगला लक्ष्य 50-दिन EMA (160.25) की ओर होगा। बाजार प्रतिभागी आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक बैठकों के नतीजों पर कड़ी नजर रखेंगे, जो इस मुद्रा जोड़ी की अगली बड़ी चाल तय करेंगे।



















