अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान कीमती धातु $4,544 के स्तर को पार कर गई, जबकि हाजिर बाजार में यह $4,597 प्रति औंस के नए शिखर पर पहुंच चुकी है। पिछले सत्र के $4,516 के बंद स्तर के मुकाबले इसमें 1.79 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें घटने से निवेशकों का रुख एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की तरफ तेजी से बढ़ा है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण मुद्रास्फीति का खतरा बना हुआ है, जिससे अमेरिकी बांड यील्ड को सहारा मिल रहा है, फिर भी सोने का समग्र तकनीकी ढांचा बेहद मजबूत नजर आ रहा है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक गतिरोध ने वित्तीय बाजारों में जोखिम प्रीमियम को बढ़ा दिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बने अनिश्चितता के माहौल के बीच यमन के ईरान समर्थित हूथी समूह ने दावा किया है कि जुलाई के अंत में सऊदी जहाजरानी पर समुद्री नाकाबंदी की घोषणा के बाद से उन्होंने आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें गुरुवार को तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। कच्चे तेल में आई इस तेजी ने मुद्रास्फीति के दबाव को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड उच्च स्तर पर बनी हुई है।
अमेरिका का $40 ट्रिलियन कर्ज और क्रेडिट बाजार की चुनौतियां
अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर पहुंच रही है जहां उसका कुल राष्ट्रीय कर्ज जल्द ही $40 ट्रिलियन के अभूतपूर्व आंकड़े को छू सकता है। इस भारी-भरकम कर्ज को विश्लेषक आर्थिक तंत्र का ब्लैक होल करार दे रहे हैं। इसके साथ ही $1.4 ट्रिलियन के विशाल प्राइवेट क्रेडिट मार्केट में भी वित्तीय अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी नियमित समय सारणी से हटकर एक बड़ा निर्णय लिया है। ट्रेजरी ने घोषणा की है कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष के दीर्घकालिक बांड्स के लिए तरलता सहायता बायबैक परिचालन को दोगुना करेगी। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन किया जाएगा। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
तकनीकी संकेत: फिबोनाची स्तर और मूविंग एवरेज
सोने का निकट अवधि का तकनीकी ढांचा काफी सकारात्मक बना हुआ है। 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर $4,529 से ऊपर की मजबूती ने आगे की तेजी का मार्ग प्रशस्त किया है। यहां से अगला प्रमुख रेजिस्टेंस 78.6 प्रतिशत फिबोनाची स्तर $4,687 पर स्थित है, जिसके बाद नजरें साइकिल के उच्चतम स्तर $4,889 पर होंगी। नीचे की तरफ पहला मजबूत सपोर्ट $4,529.03 पर है, जिसके टूटने पर 200-दिवसीय एसएमए $4,514.16 और 50 प्रतिशत फिबोनाची स्तर $4,417 के पास सहारा मिलेगा। और अधिक गिरावट की स्थिति में 38.2 प्रतिशत स्तर $4,306.50, 23.6 प्रतिशत स्तर $4,168 और मुख्य निचला स्तर $3,946 पर समर्थन मौजूद है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 73 के स्तर पर पहुंच गया है, जो ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) 102.62 के स्तर पर 69.88 की सिग्नल लाइन से ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत तेजी का संकेत देता है। 20-दिवसीय ईएमए $4,330, 50-दिवसीय ईएमए $4,279 और 200-दिवसीय ईएमए $4,316 पर है। दैनिक अस्थिरता एटीआर (ATR) 81.43 दर्ज की गई है। मुख्य पिवट प्वाइंट $4,588 पर है, जबकि रेजिस्टेंस स्तर R1 $4,610 और R2 $4,622 तथा सपोर्ट स्तर S1 $4,575 और S2 $4,553 बने हुए हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजार: जीबीपी, यूरो और डॉलर इंडेक्स का हाल
अमेरिकी डॉलर सूचकांक तीन महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। आज के मुद्रा व्यापार में अमेरिकी डॉलर ने जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है। वहीं जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) जोड़ी गुरुवार को डॉलर की मामूली वापसी के बावजूद 1.3630 से 1.3620 के दायरे में मजबूती से टिकी रही। ब्रिटेन के आने वाले आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। दूसरी ओर, यूरो/यूएसडी (EUR/USD) जोड़ी अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सकी और 1.1700 के स्तर से नीचे आ गई। अमेरिका और यूरोप दोनों ओर से आने वाले एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर बाजार की पैनी नजर है।



















