अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को अमेरिकी डॉलर में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई, जिससे यह जुलाई के आखिर के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त बनाए रखने की संभावनाओं ने बाजार में चर्चा को तेज कर दिया है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अमेरिकी मुद्रा की मांग को मजबूत सहारा दिया है।
डॉलर इंडेक्स में उछाल और अहम अमेरिकी आंकड़ों पर नजर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) चढ़कर 101.30 से 101.40 के दायरे में पहुंच गया है, जो इसके लगभग तीन महीने के उच्च स्तर के बेहद करीब है। मुद्रा बाजार के कारोबारी अब टिकाऊ सामानों के ऑर्डर (ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स) के आंकड़ों और मिशिगन विश्वविद्यालय (U-Mich) के उपभोक्ता धारणा सूचकांक के अंतिम आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अधिकारी विलियम्स, श्मिड और हैमैक के आगामी बयानों पर भी निवेशकों की कड़ी नजर टिकी हुई है, जिससे ब्याज दरों के भावी रुख के संकेत मिल सकते हैं।
ब्रिटिश पाउंड और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव
अमेरिकी मुद्रा में मजबूती के कारण अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर दबाव देखा गया। ब्रिटिश पाउंड बनाम अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) गिरकर नए तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निकट भविष्य में इसके 1.3200 के समर्थन स्तर को चुनौती मिलने की संभावना बन गई है। ब्रिटेन की तरफ से बाजार को प्रभावित करने वाला एकमात्र प्रमुख आंकड़ा जीएफके (GfK) उपभोक्ता विश्वास सूचकांक होगा।
वहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में आई गिरावट 0.7000 के अहम स्तर से ठीक पहले थम गई, हालांकि यह दो महीने के निचले स्तर के दायरे में बना हुआ है। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बढ़ा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया की अगस्त रोजगार रिपोर्ट में बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5% के मुकाबले बढ़कर 4.6% पर आ गई। हालांकि इसी दौरान कुल रोजगार में 39,500 की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर रही। इसके अलावा आगामी ट्रंप-शी बैठक को लेकर भी मुद्रा कारोबारियों में सतर्कता और घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में अगली बड़ी नीतिगत घटना रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का ब्याज दरों पर 29 सितंबर को आने वाला फैसला होगा।
बैंक ऑफ जापान ने बढ़ाई ब्याज दरें, येन में सुधार
जापानी बाजार में बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो देश की मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है और यह निर्णय व्यापक रूप से हफ्तों से लगाई जा रही बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा।
अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) तीन हफ्ते के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए एशियाई सत्र में 158.00 के करीब आ गया। जापान में सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को समर्थन दिया है। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्च स्तर के आसपास मजबूत बना हुआ है।
कच्चे तेल में तेजी और सोने में भारी गिरावट
जिंस बाजार में पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए तनाव और अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल को मजबूती मिली। फ्रंट-मंथ डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में तेजी लौटी और यह उछलकर 96.00 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया। तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं ने ऊर्जा बाजार में कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है।
इसके विपरीत कीमती धातुओं में भारी बिकवाली का रुख देखा गया। सोना लुढ़ककर सात हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है और अब यह 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिकी कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में सोना 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसलने के बाद हल्की वापसी की कोशिश करता दिखा, लेकिन यह प्रयास कमजोर साबित हुआ। अमेरिकी डॉलर में लगातार बढ़त, पूरी यील्ड कर्व पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों ने सोने पर भारी दबाव बना रखा है।



















