अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को ताजा समर्थन मिल रहा है, क्योंकि निवेशकों के बीच ऐसी संभावनाएं प्रबल हो रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया का केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी कर सकता है। मुद्रास्फीति के लगातार बने दबावों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी नीतिगत समीक्षा को लेकर बाजार की नजरें पूरी तरह टिक गई हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के अहम स्तर के ऊपर टिका हुआ है और हालिया सत्र में 0.7133 के आसपास कारोबार करता नजर आया है, जो पिछले बंद भाव 0.7115 से करीब 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
केंद्रीय बैंक के संकेत और नीतिगत सख्ती की पृष्ठभूमि
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने चालू वर्ष में अपनी आधिकारिक नकद दर को कुल 75 आधार अंक बढ़ाकर 4.35 प्रतिशत कर दिया है। नीति निर्माताओं के लिए लगातार बनी रहने वाली महंगाई दर सबसे बड़ी चिंता का कारण रही है। केंद्रीय बैंक की गवर्नर मिशेल बुलक ने हाल ही में संसदीय ट्रेजरी समिति के समक्ष अपनी उपस्थिति के दौरान सख्त मौद्रिक रुख का संकेत दिया था। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि महंगाई के जोखिम अभी भी ऊपर की तरफ झुके हुए हैं। मिशेल बुलक ने यह स्पष्ट किया कि इस समय सबसे बड़ा और मुख्य सवाल यह है कि अब तक की गई मौद्रिक सख्ती क्या महंगाई को एक उचित समय सीमा के भीतर लक्ष्य के दायरे में वापस लाने के लिए पर्याप्त साबित होगी।
अब बाजार की पूरी नजरें मिशेल बुलक की सिडनी में होने वाली फायरसाइड चैट पर टिकी हैं, जहां उनके भाषण से आगामी बैठक और आगे संभावित दर वृद्धि को लेकर नए संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है। निवेशक इस बात का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या केंद्रीय बैंक अपनी सख्त नीति को और आगे बढ़ाएगा।
रोजगार आंकड़े और मुद्रा बाजार पर असर
गुरुवार को आने वाले ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार के आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। रोजगार के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की मजबूती यह दर्शाएगी कि अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दरों का सामना करने में सक्षम है। अगर श्रम बाजार उम्मीद से बेहतर आंकड़े दिखाता है, तो इससे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को और बल मिलेगा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।
दूसरी ओर, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा अपनी लोन प्राइम दरों में यथास्थिति बनाए रखने के फैसले ने भी मुद्रा की चाल को प्रभावित किया है। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और चीनी व्यापारिक गतिविधियों के बीच गहरा संबंध होने के कारण चीन से जुड़े हर नीतिगत कदम का सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ता है।
अमेरिकी डॉलर की स्थिति और व्यापार वार्ता
अमेरिकी मुद्रा बाजार में डॉलर को भी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों से सहारा मिल रहा है, क्योंकि अमेरिकी नीति निर्माता भी मुद्रास्फीति के दबावों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर की हालिया तेजी में थोड़ा ठहराव देखा गया है, जो जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर से हल्का पीछे हटा है।
इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों पर भी वैश्विक बाजारों का ध्यान केंद्रित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में मुलाकात करने वाले हैं, जहां दोनों देशों के बीच टैरिफ व्यवस्था और व्यापारिक तनाव पर चर्चा होगी। चूंकि चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक व्यापारिक लेन-देन होता है, इसलिए वाशिंगटन में होने वाली इस बातचीत के नतीजे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के रुख के लिए काफी मायने रखेंगे।
तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण
दैनिक तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर जोड़ी में 0.7140 पर पहला प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। इसके ठीक ऊपर 200 अवधि का साधारण मूविंग एवरेज 0.7147 पर मौजूद है, जिसके बाद अगला क्षैतिज अवरोध 0.7188 के करीब आता है। लाइव आंकड़ों के अनुसार, जोड़ी का 50 अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.7107 पर और 200 अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.6956 पर स्थित है, जो एक मजबूत गोल्डन क्रॉस के साथ दीर्घकालिक बढ़त का रुख स्पष्ट करता है।
नीचे की ओर, 100 अवधि का साधारण मूविंग एवरेज 0.7120 पर पहला तात्कालिक समर्थन प्रदान करता है। यदि यह स्तर टूटता है, तो 0.7105 और 0.7075 के स्तर व्यापक मांग क्षेत्र का निर्माण करते हैं। जब तक यह मांग क्षेत्र बरकरार है, तब तक किसी बड़ी गिरावट की आशंका सीमित रहेगी, लेकिन इसके टूटने पर सुधार का दायरा और गहरा हो सकता है। फिलहाल 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 पर संतुलित बना हुआ है, जबकि बॉलिंगर बैंड्स 0.7094 से 0.7238 के दायरे में मूल्य को समेटे हुए हैं।
अन्य वैश्विक बाजारों की स्थिति
अन्य प्रमुख मुद्राओं और संपत्तियों की बात करें तो अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन में हल्की नरमी देखी गई है और यह 157.00 से नीचे कारोबार कर रहा है। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा किए गए रेट चेक के बाद संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बीच जापानी येन को सहारा मिला है। इसके अलावा बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो नीति सामान्यीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया है और यह 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ करीब 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद सोना पिछले बुधवार को छुए गए छह सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर बना हुआ है, क्योंकि व्यापारी मध्य पूर्व संकट, रूस और यूक्रेन के तनाव और इनसे जुड़ी महंगाई की चिंताओं पर नजर रखे हुए हैं।



















