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शेयर बाजार में जोरदार वापसी: कमाई के मजबूत आंकड़ों से मिला सहारा, टेक शेयरों में जबरदस्त तेजीबाज़ार
19 सित॰ 2026, 12:59 pm (28 मिनट पहले)· 0

शेयर बाजार में जोरदार वापसी: कमाई के मजबूत आंकड़ों से मिला सहारा, टेक शेयरों में जबरदस्त तेजी

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच वैश्विक शेयर बाजारों ने जोरदार वापसी की है। 35 प्रतिशत आय वृद्धि अनुमान और चिप निर्माताओं की जबरदस्त तेजी ने बाजार में नया भरोसा पैदा किया है।

ब्याज दरों में हालिया बढ़ोतरी और आने वाले दिनों में और अधिक सख्ती के संकेतों के बीच वैश्विक शेयर बाजारों ने शानदार वापसी की है। आर्थिक नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता के बावजूद कंपनियों के आय अनुमानों में सुधार और तकनीकी क्षेत्र में आक्रामक खरीदारी ने बिकवाली के दबाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया। लगातार बढ़ते 35 प्रतिशत आम सहमति आय वृद्धि अनुमान ने यह साबित किया है कि इक्विटी बाजारों में लंबी मंदी का टिके रहना बेहद मुश्किल है।

प्रमुख वैश्विक सूचकांकों में तेज उछाल

गुरुवार के कारोबारी सत्र में दुनिया भर के शेयर बाजारों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 ने 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जबकि नैस्डैक 1.7 प्रतिशत उछलकर अगस्त की शुरुआत के बाद से अपने सबसे बेहतरीन सत्र में बंद हुआ। यूरोप के सेंटॉक्स 600 सूचकांक में 0.9 प्रतिशत की मजबूती आई। वहीं एशियाई मोर्चे पर दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.7 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर कारोबार कर रहा था, जिसने क्षेत्रीय तेजी को नई ऊंचाई दी।

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चिप और सेमीकंडक्टर शेयरों का जलवा

इस ताजा तेजी में सबसे आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सौदे रहे। सेमीकंडक्टर और मेमोरी सेक्टर्स के शेयरों ने पूरे बाजार की अगुवाई की, जबकि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भी इस उछाल में मजबूत योगदान दिया। प्रमुख चिप कंपनियों जैसे इंटेल, एएमडी और माइक्रोन के शेयरों में 6 से 8 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई। निवेशक अब उन वैश्विक टेक कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं जहां लगातार कमाई का ठोस रिकॉर्ड है और मूल्यांकन भी बहुत अधिक महंगा नहीं दिखता।

बार्बेल रणनीति और औद्योगिक शेयरों पर दबाव

बाजार में जोखिम उठाने की भावना लौटने के बावजूद सभी क्षेत्रों को समान लाभ नहीं मिला। वैश्विक औद्योगिक क्षेत्र के शेयरों का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जो यह साफ संकेत देता है कि निवेशक अब बेहद सोच-समझकर पूंजी लगा रहे हैं। मूल्यांकन संतुलन को साधने के लिए एक खास बार्बेल रणनीति चर्चा में है, जिसके तहत मजबूत कमाई वाली सस्ती वैश्विक टेक कंपनियों को खरीदने और कमजोर मुनाफे वाले महंगे औद्योगिक शेयरों में निवेश घटाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुद्रा बाजारों और बॉन्ड यील्ड की चाल

करेंसी मोर्चे पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाए हुए है और शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से डॉलर के खरीदार रक्षात्मक मुद्रा में रहे। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को बढ़ाया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा मिला। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और वैश्विक राजनीतिक चिंताओं ने डॉलर की गिरावट को सीमित रखा।

बैंक ऑफ जापान का ऐतिहासिक फैसला

यूरोपीय सत्र के दौरान डॉलर बनाम येन (USD/JPY) 157.30 के दो सप्ताह के उच्च स्तर से फिसल गया। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा द्वारा मौद्रिक नीति बैठक के बाद की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयानों से येन को कुछ राहत मिली। केंद्रीय बैंक ने आश्चर्यजनक रूप से 7-2 के बहुमत से ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। एक दशक से अधिक समय तक जापान की अल्ट्रा-कम ब्याज दरों ने वैश्विक निवेशों के लिए खरबों डॉलर जुटाने में मदद की थी और येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब नीति सख्त होने के साथ ही यह स्थिति नए दौर में प्रवेश कर रही है।

कच्चे तेल में गिरावट से सोने को मिली मजबूती

कमोडिटी बाजार में सोने में लगातार दूसरे दिन खरीददारी का सिलसिला जारी रहा और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में इसने हफ्ते का नया उच्चतम स्तर छू लिया। कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट से बेलगाम महंगाई की तत्काल आशंकाएं कम हुई हैं, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कई सालों के उच्च स्तर से और गिरावट दर्ज की गई। यील्ड और डॉलर की कमजोरी ने सुरक्षित निवेश के तौर पर बुलियन को मजबूत सहारा दिया है।

सवाल-जवाब

शेयर बाजारों में अचानक इस बड़ी तेजी की मुख्य वजह क्या है?
कंपनियों के 35 प्रतिशत आय वृद्धि अनुमान और चिप व टेक शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार में जोरदार वापसी कराई।
किन प्रमुख शेयर सूचकांकों ने सबसे अधिक बढ़त हासिल की?
कोस्पी 2.7 प्रतिशत, नैस्डैक 1.7 प्रतिशत, एसएंडपी 500 1.2 प्रतिशत और सेंटॉक्स 600 0.9 प्रतिशत चढ़ा।
चिप कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
इंटेल, एएमडी और माइक्रोन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 6 से 8 प्रतिशत के बीच उछले।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी मौद्रिक नीति में क्या बदलाव किया?
केंद्रीय बैंक ने 7-2 के आश्चर्यजनक बहुमत से ब्याज दरों को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।
सोने की कीमतों में सुधार क्यों देखने को मिला?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति का डर कम हुआ और बॉन्ड यील्ड घटने से सोने में खरीददारी लौटी।
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