वैश्विक बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों की जबरदस्त मांग ने ताइवान के निर्यात को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इसके चलते सितंबर महीने में ताइवान का व्यापार अधिशेष 23.6 अरब अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर दर्ज किया गया। निर्यात में सालाना आधार पर 60.9 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस शानदार व्यापारिक प्रदर्शन के बावजूद मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ताइवान डॉलर दबाव में दिखा, हालांकि केंद्रीय बैंक के संभावित कदमों और प्रत्यक्ष विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप ने इस गिरावट को सीमित बनाए रखा है।
रिकॉर्ड व्यापार अधिशेष और निर्यात का मजबूत प्रदर्शन
सितंबर माह के दौरान दर्ज किया गया 23.6 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार अधिशेष विश्लेषकों के अनुमानों से कहीं बेहतर रहा है। वित्तीय बाजार आम तौर पर 19.0 अरब अमेरिकी डॉलर के अधिशेष का अनुमान लगा रहे थे, जबकि अगस्त महीने में यह आंकड़ा 22.3 अरब डॉलर रहा था। इस ताजा उछाल के बाद जनवरी से सितंबर तक की अवधि में कुल संचयी व्यापार अधिशेष सालाना आधार पर 61.9 प्रतिशत बढ़कर 160.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है।
यह आंकड़ा अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि नौ महीनों के भीतर दर्ज किया गया 160.6 अरब डॉलर का यह व्यापार अधिशेष वर्ष 2025 के पूरे बारह महीनों के कुल अधिशेष यानी 157.1 अरब अमेरिकी डॉलर को पहले ही पार कर चुका है। तकनीकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हार्डवेयर और उन्नत चिप्स की मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग ने इस निर्यात वृद्धि को मुख्य गति प्रदान की है।
मुद्रा बाजार का रुख और केंद्रीय बैंक की कार्रवाई
विदेशी मुद्रा बाजार में USD/TWD की विनिमय दर 0.3 प्रतिशत बढ़कर 31.90 के स्तर पर पहुंच गई। पिछले एक महीने के दौरान इस मुद्रा जोड़े में 31.65 से 31.95 के सीमित दायरे में कारोबार देखा गया है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बावजूद ताइवान डॉलर में आगे बड़ी गिरावट आने की संभावना सीमित मानी जा रही है। इसका मुख्य कारण सेंट्रल बैंक ऑफ द रिपब्लिक ऑफ चाइना की बाजार में सक्रियता है।
केंद्रीय बैंक ने सितंबर में विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने का खुलासा किया है। अनुमानों के मुताबिक केंद्रीय बैंक ने स्थानीय मुद्रा को स्थिरता देने के लिए बाजार में लगभग 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक की बिकवाली की हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुद्रास्फीति का रुख ऊपर की ओर बना रहता है, तो केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त या आक्रामक रुख की तरफ मोड़ सकता है, जिससे ताइवान डॉलर को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने शुक्रवार को वापसी के संकेत दिए हैं। AUD/USD अपने साप्ताहिक निचले स्तर से संभलकर 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रहा है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रातोंरात आई नरमी के कारण अमेरिकी डॉलर अपने 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे बना हुआ है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को राहत मिली है। इसके साथ ही रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदें भी इस जोड़ी को सहारा दे रही हैं।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी 158.00 के आसपास अपनी बढ़त को थामे हुए है। जापान के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है, जिसने जापानी येन को कमजोर किया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर पर कुछ दबाव है, जो फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बावजूद इस मुद्रा जोड़े की किसी भी बड़ी गिरावट को रोक रहा है।
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में शुरुआती तेजी के बाद नरमी देखने को मिली है। पीली धातु अपने साप्ताहिक उच्च स्तर को छूने की कोशिश के बाद फिसलकर शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे आ गई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी परिपक्वता अवधियों में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूत गति ने सोने की आगे की तेजी पर कड़ा दबाव बना रखा है।

















