अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में साझा यूरोपीय मुद्रा यूरो पर बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर के लगातार मजबूत होने से यूरो डॉलर के मुकाबले 0.55 फीसदी टूटकर 1.1135 के स्तर पर आ गया, जो कि पिछले साल मई के बाद का इसका सबसे कमजोर स्तर है। वैश्विक निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और वृद्धि करने के दांव को नए सिरे से आंक रहे हैं, जिससे अमेरिकी मुद्रा को व्यापक मजबूती मिली है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने बढ़ाई फेड की सख्ती की संभावना
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों ने बाजार विश्लेषकों को चौंका दिया है। वार्षिक आधार पर सितंबर माह में हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.7 फीसदी दर्ज की गई, जो अगस्त में 3.4 फीसदी थी। यह वृद्धि बाजार के अनुमानों से कहीं अधिक है। खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर श्रेणियों को अलग रखकर आंकी जाने वाली कोर मुद्रास्फीति भी अगस्त के 2.4 फीसदी के मुकाबले सितंबर में 2.6 फीसदी पर पहुंच गई है।
मासिक आधार पर देखें तो समग्र मूल्य वृद्धि में 0.6 फीसदी का उछाल दर्ज हुआ, जबकि मुख्य कोर महंगाई दर 0.3 फीसदी बढ़ी। ये आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मूल्य वृद्धि का दबाव अभी थमा नहीं है। फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने या अतिरिक्त बढ़ोतरी करने की आशंकाओं ने डॉलर के आकर्षण को काफी बढ़ा दिया है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ 102.70 पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 के बाद की सबसे ऊंची दर है।
ट्रेजरी यील्ड में उछाल और फ्रांस के वित्तीय संकट का दोहरा वार
अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला प्रतिफल भी निवेशकों के बदले रुख को दर्शा रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.33 फीसदी के करीब दर्ज की गई, जो महंगाई दर जारी होने से ठीक पहले लगभग 5.20 फीसदी पर थी। दीर्घकालिक ट्रेजरी प्रतिफल अक्टूबर की शुरुआत में 2002 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। निवेशक सरकारी नीलामी में नए ऋण पत्रों की रिकॉर्ड हिस्सेदारी ले रहे हैं, जिसका मुख्य कारण अन्य जोखिमों से सुरक्षा हासिल करना है। यील्ड में इस उछाल से डॉलर में निवेश का प्रतिफल अधिक आकर्षक हो गया है।
दूसरी ओर, फ्रांस के घरेलू वित्तीय हालात ने साझा मुद्रा के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फ्रांसीसी सरकार अपने घाटे में कटौती वाले बजट को संसद से पारित करा पाएगी या नहीं, इसे लेकर बाजार में संदेह बना हुआ है। इसका असर बॉन्ड बाजार पर साफ देखा जा रहा है, जहां फ्रांसीसी और जर्मन 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड के प्रतिफल का अंतर लगभग 140 आधार अंकों के करीब बना हुआ है।
तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख चार्ट स्तर
एक घंटे के समयावधि वाले तकनीकी चार्ट पर यूरो और डॉलर की जोड़ी 1.1139 पर कारोबार कर रही है, जहां लघु अवधि का रुझान मंदड़ियों के पक्ष में दिखता है। मौजूदा विनिमय दर 1.1194 पर स्थित 100-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज और 1.1209 पर स्थित 200-अवधि के साधारण मूविंग एवरेज दोनों से नीचे बनी हुई है। गिरावट के इस दौर में 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स फिसलकर 22 के निकट पहुंच गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है।
बाजार में किसी भी सुधार के प्रयास में 1.1150 पर शुरुआती रुकावट का सामना करना पड़ सकता है। इसके ऊपर 1.1194 और 1.1209 के मूविंग एवरेज प्रतिरोध का काम करेंगे। इस दायरे से ऊपर 1.1215 का मजबूत स्तर पार होने पर ही 1.1270 और 1.1312 तक रिकवरी की राह खुल सकती है। नीचे की ओर, तात्कालिक सहारा 1.1100 के स्तर पर मौजूद है, जिसके टूटने पर 1.1050 का निचला दायरा टेस्ट हो सकता है, जहां ओवरसोल्ड स्थितियों के चलते मुनाफावसूली से गिरावट की गति धीमी पड़ने की उम्मीद है।
ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सत्र के समापन पर यूरो 1.11 के स्तर पर है, जो पिछले बंद स्तर 1.12 से 0.26 फीसदी की कमजोरी दर्शाता है। लाइव तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 19 पर ओवरसोल्ड क्षेत्र में है और एमएसीडी -0.01 पर मंदड़िया रुझान दिखा रहा है। 50-अवधि का ईएमए 1.14 और 200-अवधि का ईएमए 1.16 पर डेथ क्रॉस स्थिति की पुष्टि कर रहे हैं। 14-अवधि का औसत वास्तविक दायरा 0.01 दैनिक अस्थिरता का संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय सहारा 1.11 पर और प्रतिरोध 1.15 पर केंद्रित है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और एशियाई मुद्राओं की हलचल
डॉलर के रुख का असर दुनिया के अन्य प्रमुख वित्तीय बाजारों में भी महसूस किया जा रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के निकट मजबूती से टिका रहा। चीन में महंगाई के मिले-जुले आंकड़ों और सकारात्मक व्यापार संतुलन के चलते इसे सहारा मिला। चीन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अनुमान से कम बढ़ा, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक में तेजी आई और व्यापार अधिशेष में अप्रत्याशित विस्तार देखा गया।
जापानी येन के मुकाबले डॉलर 158.50 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को समर्थन दिया और डॉलर की बढ़त पर लगाम लगाई। वहीं दूसरी ओर, सोने की कीमतों में अमेरिकी सत्र के दौरान गिरावट गहरा गई। सितंबर की मजबूत अमेरिकी महंगाई रिपोर्ट के बाद निवेशकों ने धातु के मुकाबले डॉलर को तरजीह दी। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक्सआरपी 1.36 डॉलर से ऊपर कारोबार करता रहा, जहां बुल्स 1.40 डॉलर की आपूर्ति सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरियाई पूंजी बाजारों के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की दिशा में रणनीतिक साझेदारी की है।





















