अमेरिकी इक्विटी बाजारों में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले सुस्ती का माहौल देखा गया। सूचकांकों से जुड़े फ्यूचर्स अनुबंधों ने अपने शुरुआती लाभ गंवा दिए और वे लाल निशान में फिसल गए। निवेशकों की नजरें मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के ताजा आंकड़ों पर टिकी हैं, जो देश के केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों की भावी दिशा को समझने के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
बीते सत्र में प्रमुख सूचकांकों का प्रदर्शन
फ्यूचर्स अनुबंधों में आई यह गिरावट बीते दिन के कमजोर सत्र के बाद देखने को मिली है। पिछले सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 180.45 अंक यानी 0.4 प्रतिशत गिरकर 51,670.10 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं टेक शेयरों वाले नैस्डैक कंपोजिट में 41.52 अंक या 0.15 प्रतिशत की नरमी आई और यह 27,204.38 पर समाप्त हुआ था। व्यापक स्तर का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 भी 1.8 अंक की मामूली गिरावट दर्ज करते हुए 7,805.45 पर बंद हुआ था।
बाजार की इस सुस्ती के पीछे मुख्य रूप से चिप निर्माता कंपनियों और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में देखा गया दबाव रहा। इन दोनों ही प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली का माहौल बनने के कारण सभी तीनों प्रमुख सूचकांकों पर सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और निवेशकों ने नए सौदे करने से दूरी बनाए रखी।
मुद्रास्फीति के अनुमान और ब्याज दरों की चिंता
बुधवार का कारोबारी दिन आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। बाजार का अनुमान है कि सितंबर 2026 में सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 3.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो पिछले महीने 3.4 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज की गई थी। मासिक आधार पर भी इस सूचकांक में 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है, जो पिछले पांच महीनों के दौरान देखा जाने वाला सबसे ऊंचा स्तर होगा।
इसके अलावा खाद्य और ईंधन की अस्थिर कीमतों को हटाकर आंकी जाने वाली कोर मुद्रास्फीति की वार्षिक दर 2.4 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। यदि मूल्य सूचकांक में यह तेजी वास्तविकता में बदलती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका प्रबल हो जाएगी, जिससे इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दौर और तेज हो सकता है।
अन्य आर्थिक संकेतकों पर भी टिकी नजरें
मुद्रास्फीति के आंकड़ों के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख आर्थिक रिपोर्ट भी जारी होने वाली हैं। इनमें मॉर्गेज बैंकर्स एसोसिएशन के तहत आने वाले एमबीए मॉर्गेज एप्लिकेशन्स की संख्या शामिल है, जो आवास बाजार के स्वास्थ्य को दर्शाती है। इसके अलावा वास्तविक औसत साप्ताहिक आय और वास्तविक औसत प्रति घंटा आय के आंकड़े भी यह बताएंगे कि क्या श्रमिकों की कमाई महंगाई की रफ्तार से तालमेल बैठा पा रही है।
इसी दिन फेडरल रिजर्व की 'बेज बुक' रिपोर्ट भी जारी की जाएगी, जो देश भर के बारह फेड जिलों में वास्तविक आर्थिक गतिविधियों और व्यावसायिक स्थितियों का आकलन प्रस्तुत करती है। इन सभी आंकड़ों के संगम से निवेशकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है या फिर उसमें अब भी अतिरिक्त सख्ती झेलने की क्षमता बची हुई है।
कॉर्पोरेट आय के मोर्चे पर बड़ा दिन
आर्थिक संकेतकों के अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे भी शेयर बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। बुधवार को कई दिग्गज वित्तीय और औद्योगिक कंपनियों के आंकड़े सामने आने हैं। इनमें बैंक ऑफ अमेरिका, ब्लैकरॉक, फास्टेनल, मॉर्गन स्टेनली, प्रोग्रेसिव और स्टेट स्ट्रीट जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन बहुराष्ट्रीय वित्तीय दिग्गजों की आय रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि उधारी लागत में अनिश्चितता के बीच कॉरपोरेट लाभप्रदता किस दिशा में आगे बढ़ रही है।



















