अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन कई अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद दबाव में कारोबार कर रहा है। सप्ताह की शुरुआत में एशियाई-प्रशांत क्षेत्र की यह मुद्रा अपने अधिकांश प्रमुख समकक्षों के मुकाबले कमजोर नजर आई। शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर जापानी मुद्रा के मुकाबले 0.17 प्रतिशत की बढ़त बनाकर 157.77 के आसपास पहुंच गया। यह स्थिति तब बनी है जब मुद्रा को मजबूत करने वाले कई अहम आर्थिक और नीतिगत संकेत पहले से मौजूद थे।
अनुकूल संकेतों के बाद भी येन में बिकवाली का दबाव
मुद्रा विनिमय बाजार में जापानी येन को कई बड़े कारकों से समर्थन मिलने की उम्मीद थी। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट प्रमुख है। तेल की कीमतों में नरमी जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी पैमाने पर आयात पर निर्भर है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक WTI कच्चे तेल की कीमत 2.6 प्रतिशत घटकर 99.50 डॉलर के करीब आ गई है। आयात बिल कम होने से आम तौर पर घरेलू मुद्रा को मजबूती मिलती है, लेकिन येन पर इसका कोई खास सकारात्मक असर नहीं दिखा।
इसके अलावा बैंक ऑफ जापान ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति घोषणा में ब्याज दरों को 1.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने के बाद भी सख्त रुख बरकरार रखने की बात दोहराई थी। केंद्रीय बैंक के इस सख्त संकेत के बावजूद बाजार में येन की बिकवाली थमती नजर नहीं आ रही है। दूसरी तरफ, टोक्यो की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर बाजार में साझा हस्तक्षेप की चेतावनी भी दी गई है। जापान की वित्त मंत्री सातसुकी कातायामा ने मुद्रा बाजार में किसी भी अस्वाभाविक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए संभावित संयुक्त हस्तक्षेप को लेकर सतर्क किया है। हालांकि इस चेतावनी का भी निवेशकों पर कोई खास असर नहीं पड़ा और येन लगातार सीमित दायरे में कमजोर बना हुआ है।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले प्रदर्शन
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन येन का प्रदर्शन अन्य प्रमुख मुद्राओं के सामने मिलाजुला रहा। एंटीपोडियन मुद्राओं को छोड़कर येन अधिकांश प्रमुख वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले नुकसान में रहा। मुद्राओं के आपसी उतार-चढ़ाव में जापानी येन स्विस फ्रैंक के सामने सबसे कमजोर साबित हुआ। इसके विपरीत, जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने ईरानी कूटनीति को लेकर बनी नई उम्मीदों के चलते अपनी शुरुआती एशियाई गिरावट की भरपाई कर ली। निवेशक मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले काफी सतर्क हैं, जिससे सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थोड़ी सीमित रही, लेकिन येन के खिलाफ यह फिर भी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर
दैनिक मूल्य चार्ट पर USD/JPY जोड़ी 157.77 पर कारोबार कर रही है, जबकि ताजा क्लोज-बेल आंकड़ों में यह 157.88 के आसपास देखी गई है, जो पिछले बंद 157.80 से 0.05 प्रतिशत ऊपर है। यह जोड़ी पिछले एक महीने से अधिक समय से सपाट चाल दिखा रही है, क्योंकि इसका 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 157.72 के आसपास स्थिर बना हुआ है। व्यापक चार्ट पर 20-दिवसीय ईएमए 157.75, 50-दिवसीय ईएमए 157.93 और 200-दिवसीय ईएमए 157.89 पर मौजूद हैं। हालांकि 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस दर्शाता है, लेकिन दीर्घकालिक प्रवृत्ति अभी भी दबाव का संकेत देती है।
दैनिक आधार पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50.81 और 14-अवधि आरएसआई 51 पर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा न्यूट्रल लाइन के ठीक करीब है, जो दर्शाता है कि बाजार की गति किसी एक दिशा में मजबूत होने के बजाय पूरी तरह संतुलित और सीमित दायरे में है। एमएसीडी 0.03 पर है जो 0.05 की सिग्नल लाइन से नीचे रहकर मंदी का पूर्वाग्रह दिखा रहा है। एडीएक्स 11 के बेहद कमजोर स्तर पर है, जिससे स्पष्ट है कि बाजार किसी मजबूत ट्रेंड में नहीं बल्कि एक दायरे में फंसा है।
गिरावट की स्थिति में इस जोड़ी के लिए सबसे बड़ा और अहम सहारा अक्टूबर का निचला स्तर 156.08 है, जबकि निकट अवधि का 20-दिवसीय सपोर्ट 156.10 और दूसरा सपोर्ट 157.18 पर है। ऊपर की तरफ, 24 सितंबर का उच्चतम स्तर 159.04 सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है, जबकि तात्कालिक प्रतिरोध स्तर 158.11 और 158.34 पर स्थित हैं। इसका 52-सप्ताह का दायरा 152.28 से 163.98 के बीच रहा है।
अन्य वित्तीय संपत्तियों का हाल
सप्ताह की शुरुआत में केवल विदेशी मुद्रा बाजार ही नहीं, बल्कि कमोडिटी और डिजिटल संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए गए। सोने ने अपनी दो दिनों की लगातार गिरावट पर रोक लगाते हुए सकारात्मक शुरुआत की। पीली धातु शुक्रवार के भारी नुकसान के बाद सुधरकर 3,900 डॉलर से नीचे के स्तर से वापस लौटी, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर था। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की चमक को थोड़ा सीमित किया, जिससे सोने को कुछ सहारा मिला। हालांकि कच्चे तेल से प्रेरित मुद्रास्फीति की चिंताओं के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं बनी हुई हैं, जो बिना ब्याज वाली इस धातु के लिए रुकावट का काम कर सकती हैं।
दूसरी ओर, अक्टूबर में लगातार चार हफ्तों की गिरावट दर्ज करने के बाद सोमवार को क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मामूली सुधार दिखा। बिटकॉइन अपने प्रमुख समर्थन क्षेत्र से संभलकर 78,462 डॉलर के पार निकल गया। वहीं एथेरियम 2,295 डॉलर के ऊपर पहुंचा, लेकिन महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे रहने के कारण इसका निकट अवधि का दृष्टिकोण अब भी मंदी का बना हुआ है।
























