मेघालय के दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले में छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के मकसद से एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शिलांग कार्यालय ने मंगलवार को मावकिरवाट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) टाउनहॉल बैठक बुलाई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और मौजूदा इकाइयों का विस्तार करने के लिए उपलब्ध बैंकिंग विकल्पों, संस्थागत मदद और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराना था।
प्रशासनिक परिसर में जुटा वित्तीय तंत्र
यह महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के उपायुक्त कार्यालय स्थित बहुउद्देशीय सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स की उपायुक्त ऐतिनोलिन एल मावलॉन्ग ने उद्घाटन भाषण दिया और जमीनी स्तर पर उद्यमशीलता को बढ़ावा देने पर बल दिया। वहीं, आरबीआई शिलांग के महाप्रबंधक (प्रभारी) ओल्डन नोंगप्लुह ने अपने बीज वक्तव्य में छोटे उद्योगों के आर्थिक महत्व और उन्हें मिलने वाली प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
विभिन्न वित्तीय संस्थानों ने साझा की विस्तृत योजनाएं
बैठक के दौरान विभिन्न वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए चल रही नीतियों का खाका पेश किया। आरबीआई शिलांग का प्रतिनिधित्व जुबानलाक खोंगवीर ने किया, जबकि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की ओर से ईडन ग्रेस राजी उपस्थित रहीं। इसके साथ ही एमएसएमई विकास और सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ) से विकास वर्मा ने केंद्र सरकार की उद्यमिता पहलों पर एक विशेष प्रस्तुति दी।
स्थानीय स्तर पर उद्योग विस्तार की रणनीतियों को साझा करते हुए दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स के जिला वाणिज्य एवं उद्योग केंद्र (डीसीआईसी) के महाप्रबंधक एम वार ने मार्गदर्शन दिया। जिला पशुपालन एवं पशु चिकित्सालय कार्यालय के डॉ. एएन मराक, मेघालय ग्रामीण बैंक (एमआरबी) शिलांग के राणा ए लिंगदोह और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) शिलांग के सहायक महाप्रबंधक (एसएमई) मनीष मधुकर ने भी उद्यमियों को कर्ज हासिल करने और व्यवसाय प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
सफल उद्यमियों के अनुभव और सीधा संवाद
इस आयोजन में केवल संस्थागत भाषण ही नहीं हुए, बल्कि जमीनी हकीकत से जुड़े प्रेरणादायक अनुभव भी सामने आए। सफल उद्यमी एंटीसी इयावफ्नियाव, कितारलैंड लिंगदोह और जून रॉबर्ट लिंगखोई ने अपनी व्यावसायिक यात्रा और चुनौतियों से पार पाने की कहानियां प्रतिभागियों के साथ साझा कीं। इसके बाद एक खुला संवाद सत्र आयोजित हुआ, जिसमें मौजूद उद्यमियों और भविष्य में व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों ने कर्ज प्रक्रिया, ब्याज दरों और प्रशासनिक सहायता से जुड़े सवाल पूछे और अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। कार्यक्रम का औपचारिक समापन आरबीआई शिलांग के प्रबंधक बोंगोनी राकेश द्वारा दिए गए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।





















