नवंबर के आगमन के साथ ही राजस्थान की आबोहवा में बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। दिन चढ़ने के साथ खिलने वाली खिली धूप तापमान को सामान्य बनाए रखती है, लेकिन भोर और देर रात के वक्त सिहरन भरी गुलाबी ठंड का असर लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा दैनिक मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 नवंबर को भी राजस्थान भर में मौसम का यह दोहरा मिजाज पूरी तरह कायम रहने वाला है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले एक पूरे सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसका सीधा अर्थ है कि आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही या बारिश की किसी भी तरह की संभावना बिल्कुल नहीं है।
मौसम विभाग का चेतावनी मानचित्र और ग्रीन जोन की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर द्वारा जारी किए गए ताजा बुलेटिन और चेतावनी मानचित्र में राजस्थान के दोनों प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान, को पूरी तरह शांत और सामान्य दिखाया गया है। विभाग ने 5 नवंबर की सुबह 8:30 बजे तक की वैधता के साथ जारी नक्शे में किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। पूर्वी राजस्थान के 28 जिलों और पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों समेत कुल मिलाकर राज्य के सभी जिलों को ग्रीन जोन यानी 'नो वार्निंग' श्रेणी में रखा गया है। न तो कहीं तेज आंधी या झक्कड़ हवाओं का पूर्वानुमान है और न ही कहीं अचानक मेघगर्जन या बौछारें पड़ने की आशंका जताई गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे सभी प्रमुख शहरों में आसमान पूरी तरह साफ और खुला बना रहेगा।
पूर्वी राजस्थान के जिलों में धूप और रात की ठंडक
पूर्वी राजस्थान के सभी जिलों में 5 नवंबर को मौसम पूरी तरह शुष्क और स्थिर बना रहेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक, इस पूरे संभाग में बारिश की कोई भी हलचल दर्ज नहीं होगी। दिन के समय धूप निकलने से वातावरण सुहावना रहेगा, जबकि सुबह के शुरुआती घंटों और रात के समय हल्की ठंड का अहसास लोगों को गर्म कपड़ों की याद दिलाएगा। जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर के समूचे मैदानी और वन क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। इसके अतिरिक्त अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, टोंक, सीकर, झुंझुनूं और कोटपूतली बहरोड़ जैसे क्षेत्रों में भी बादलों का नामोनिशान नहीं दिखाई देगा।
हाड़ौती अंचल की बात करें तो कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के पूरे कृषि और पठारी इलाके में वातावरण शुष्क रहेगा और किसी तरह के मौसमी व्यवधान के आसार नहीं हैं। इसी प्रकार दक्षिण राजस्थान के जनजातीय और अरावली से घिरे उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और सलूम्बर में भी दिन में चटक धूप और सुबह शाम ठंडी हवाओं का प्रभाव देखा जाएगा। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के किसी भी हिस्से के लिए आंधी, बारिश या तेज हवाओं को लेकर कोई चेतावनी नहीं दी है, जिससे जनजीवन सामान्य गति से चलता रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों का हाल
पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तान से जुड़े विशाल भूभाग में भी 5 नवंबर को शुष्कता पूरी तरह प्रभावी रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने स्पष्ट किया है कि पश्चिमी हिस्से के किसी भी जिले में वर्षा से जुड़ी कोई भी गतिविधि नहीं होगी। दिनभर खुला आसमान और खिली हुई तेज धूप देखने को मिलेगी, जिससे दोपहर में हल्की गरमाहट महसूस हो सकती है। जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा और फलौदी के मरुस्थलीय इलाकों में मौसम पूरी तरह शांत और शुष्क बना रहेगा।
उत्तरी सीमा से सटे बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के नहरी तथा कृषि क्षेत्रों में भी बारिश की दूर दूर तक कोई गुंजाइश नहीं है। इसके अलावा नागौर, डीडवाना कुचामन, पाली और जालौर में भी आसमान साफ रहने का ही अनुमान लगाया गया है। पश्चिमी राजस्थान के इन सभी तेरह जिलों के लिए मौसम केंद्र ने किसी किस्म का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। इस तरह आगामी एक सप्ताह तक पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों और बस्तियों में मौसम का सूखा और शांत दौर लगातार जारी रहेगा।
तापमान का उतार चढ़ाव और दिन रात का मिजाज
नवंबर के शुरुआती पखवाड़े में कदम रखते ही राजस्थान में सर्दी के आगमन की रफ्तार धीमी मगर तयशुदा गति से आगे बढ़ रही है। दिन के समय सूर्य की सीधी किरणों के चलते धूप काफी तीखी महसूस होती है, जिससे दिन का अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है। इस वजह से दोपहर के समय लोगों को हल्की गर्मी का अहसास बना रहेगा। हालांकि, जैसे ही सूरज ढलता है, विकिरण तेजी से घटता है और रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाने का अनुमान है।
तापमान के इस भारी अंतर के चलते खासकर तड़के घर से काम पर निकलने वाले मजदूरों, मार्निंग वॉक करने वाले बुजुर्गों, विद्यार्थियों और दोपहिया वाहन चालकों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ेगा। दिन और रात के तापमान में करीब 14 से 16 डिग्री सेल्सियस का यह अंतर मौसम के बदलने का स्पष्ट संकेत है।
प्रदेश के प्रमुख पांच शहरों में मौसमी परिस्थितियां
राजधानी जयपुर में 5 नवंबर को आसमान पूरी तरह खुला रहेगा, दिन में पर्याप्त धूप खिलेगी और सुबह शाम हल्की ठंडक का अहसास बना रहेगा। यहां बारिश की संभावना शून्य है। अजमेर में भी आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, मौसम शुष्क रहेगा और किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी प्रभावी नहीं है। कोटा में मौसम सामान्य और शुष्क दर्ज किया जाएगा, जहां बारिश की कोई संभावना नहीं है और सुबह रात हल्की ठंडक महसूस होगी। पश्चिमी संभाग के केंद्र जोधपुर में मौसम पूरी तरह साफ और खुला रहेगा, जहां बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। वहीं बीकानेर में मौसम शुष्क रहेगा, दिन में चटक धूप निकलेगी और बारिश को लेकर किसी भी स्तर का अलर्ट नहीं है।
राजस्थान के मौसम से जुड़े मुख्य बिंदु
5 नवंबर को पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का पुख्ता पूर्वानुमान है। पूर्वी राजस्थान के सभी 28 जिलों में बारिश की कोई संभावना नहीं बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान के सभी 13 जिलों में भी आसमान साफ और वातावरण शुष्क बना रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस तथा रात का न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए ग्रीन जोन लागू करते हुए कोई चेतावनी जारी नहीं की है और अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही सूखा मौसम बना रहेगा।

















