मिजोरम सरकार ने सोमवार को आठ बैंकों के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए, जिसके तहत 'वन डिपार्टमेंट, वन बैंक' (ODOB) नाम की नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसका मकसद अलग अलग विभागों में सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर वित्त विभाग की पैनी और तेज नजर बनाए रखना है। यह समझौता मुख्यमंत्री कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुआ, जहां मुख्यमंत्री लालडुहोमा और वित्त एवं योजना विभाग के मुख्यमंत्री सलाहकार टीबीसी लालवेनछुंगा मौजूद रहे।
कैग की रिपोर्ट में सामने आई गड़बड़ी
लालडुहोमा ने बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ऑडिट रिपोर्टों में बार-बार यह बात सामने आई कि आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDO) के खातों में सरकार का बड़ा पैसा जमा रहता है, जबकि वित्त विभाग को इसकी भनक तक नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब विभाग ऐसे फंड की जानकारी मांगता है, तो कई बार पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा, "हमने 'वन डिपार्टमेंट, वन बैंक' व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।" उनके मुताबिक इससे सरकारी फंड की निगरानी पहले से कहीं बेहतर हो सकेगी।
पहले चरण में आठ विभाग शामिल
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले चरण में यह व्यवस्था आठ विभागों पर लागू होगी और आगे जरूरत के हिसाब से और विभागों को इसमें जोड़ा जाएगा। किस विभाग का खाता किस बैंक में रहेगा, इसका ब्योरा अभी तय होना बाकी है और अधिकारियों के मुताबिक इसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। इस व्यवस्था से जुड़े आठ बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, मिजोरम रूरल बैंक और मिजोरम कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक शामिल हैं।
कुछ योजनाएं इस दायरे से बाहर रह सकती हैं
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि कुछ योजनाओं के लिए पहले से ही अपनी अलग मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तय है, जो बताती है कि उनका पैसा किस तरह इस्तेमाल और स्थानांतरित होगा। जहां मौजूदा व्यवस्था के चलते किसी योजना को ODOB में शामिल करना मुश्किल होगा, वहां उसे इस नई व्यवस्था से बाहर ही रखा जा सकता है।
क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो बढ़ाने का लक्ष्य
लालडुहोमा ने इस मौके पर मिजोरम के क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो का भी जिक्र किया, जो राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे बना हुआ है। कार्यक्रम में बताए गए आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में यह अनुपात असम में 73.52 प्रतिशत, नागालैंड में 61.1 प्रतिशत और त्रिपुरा में 61 प्रतिशत रहा, जबकि मिजोरम में सिर्फ 55.83 प्रतिशत। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस आंकड़े को 2028-29 तक कम से कम 67 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है और इसके लिए उन्होंने मिजोरम में काम कर रहे बैंकों से मिलकर प्रयास करने की अपील की।





















