बराबरी और साझेदारी का नया दौर, करवा चौथ पर पतियों के उपवास रखने की अनूठी परंपराडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बैंक की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की तैयारीपहाड़ी धाम की थाली का गौरव: बिना प्याज़-टमाटर ऐसे तैयार करें क्रीमी और सुगंधित हिमाचली चना मदराबिहार के ऐतिहासिक प्रतीकों को कबाड़ से जीवंत बना रहे भोजपुर के इंजीनियर प्रशांतअमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलचांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दामआईआईटी मद्रास ने जारी किया गेट 2027 का पूरा शेड्यूल, रोबोटिक्स समेत नए बदलावों के साथ इस दिन से शुरू होंगे आवेदनफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
दो साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर कमाई का गणित, सरकारी बैंकों की ब्याज दरों में सीधा मुकाबलामनी
22 सित॰ 2026, 5:00 am (38 दिन पहले)· 0

दो साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर कमाई का गणित, सरकारी बैंकों की ब्याज दरों में सीधा मुकाबला

दो वर्ष की मियादी जमा योजना पर भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की ब्याज दरों की तुलना करके समझें कि सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कहां ज्यादा मुनाफा है।

सुरक्षित निवेश के साथ बिना किसी बाजार जोखिम के तय रिटर्न हासिल करने के मामले में मियादी जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट आज भी देश के आम परिवारों की पहली पसंद बनी हुई है। देश के बैंकिंग तंत्र में करोड़ों जमाकर्ता अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख वित्तीय संस्थानों पर भरोसा जताते हैं। जब बात मध्यम अवधि यानी चौबीस महीने के लिए पैसे जमा करने की आती है, तो सही बैंक का चुनाव सीधे तौर पर आपकी कुल कमाई को प्रभावित करता है।

भारतीय स्टेट बैंक में दो साल की मियादी जमा पर ब्याज ढांचा

सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक चौबीस महीने की परिपक्वता अवधि वाली मियादी जमा योजनाओं पर अपने ग्राहकों को उनकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग रिटर्न दे रहा है। इस योजना के तहत बैंक 6.40 प्रतिशत से लेकर 7.05 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज की पेशकश कर रहा है। आयु वर्ग के अनुसार तैयार किए गए इस नियम के तहत उन सभी आम नागरिकों को 6.40 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है जिनकी उम्र 59 वर्ष तक है।

ये भी पढ़ें

वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित स्लैब की बात करें तो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले खाताधारकों को दो साल की मियादी जमा पर 6.96 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा बैंक अति वरिष्ठ नागरिकों यानी 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले जमाकर्ताओं को अतिरिक्त लाभ देते हुए 7.05 प्रतिशत की दर से प्रतिफल दे रहा है। यह पूरा ब्याज ढांचा तीन करोड़ रुपये से कम की कुल जमा राशि पर ही प्रभावी माना जाता है।

पंजाब नेशनल बैंक में दो वर्ष के निवेश पर उपलब्ध विकल्प

सार्वजनिक क्षेत्र का एक अन्य प्रमुख बैंक चौबीस महीने की अवधि के लिए अपनी मियादी जमा योजनाओं पर 6.30 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक ब्याज प्रदान कर रहा है। 59 वर्ष तक के सामान्य जमाकर्ताओं को दो वर्ष के लिए राशि जमा करने पर 6.30 प्रतिशत वार्षिक दर से रिटर्न दिया जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि इस बैंक में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी दो साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.30 प्रतिशत ही रखी गई है। हालांकि 80 वर्ष और उससे अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ नागरिकों के वर्ग में यह बैंक 7.10 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज दे रहा है। सामान्य ग्राहकों की तरह ही यह दरें भी तीन करोड़ रुपये से कम के कुल डिपॉजिट पर लागू होती हैं।

दोनों प्रमुख बैंकों के प्रतिफल का सीधा आकलन

यदि सामान्य श्रेणी के जमाकर्ताओं की तुलना की जाए तो चौबीस महीने की अवधि पर पहले बैंक की 6.40 प्रतिशत की दर दूसरे बैंक की 6.30 प्रतिशत की दर से दस बेसिस पॉइंट ज्यादा प्रतिफल देती है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले वरिष्ठ नागरिकों के मामले में भी पहला संस्थान 6.96 प्रतिशत का बेहतर रिटर्न दे रहा है, जबकि दूसरा बैंक इस वर्ग को 6.30 प्रतिशत ही प्रदान कर रहा है।

दूसरी ओर अति वरिष्ठ नागरिकों के मामले में तस्वीर बदल जाती है। 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले ग्राहकों के लिए दूसरा बैंक 7.10 प्रतिशत की दर पेश कर रहा है, जो पहले संस्थान के 7.05 प्रतिशत से पांच बेसिस पॉइंट अधिक है। इसलिए निवेशकों को अपनी आयु सीमा और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही खाता खोलना चाहिए। ब्याज दरों के इतिहास को देखें तो सबसे बड़े सरकारी बैंक ने पिछली बार दिसंबर 2025 में अपनी मियादी जमा दरों में संशोधन किया था, जिसके बाद से उसकी ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ है।

सवाल-जवाब

भारतीय स्टेट बैंक में दो साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को कितना ब्याज मिल रहा है?
भारतीय स्टेट बैंक में 59 साल तक की उम्र के सामान्य नागरिकों को दो साल की एफडी पर 6.40 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज मिल रहा है।
पंजाब नेशनल बैंक में वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को दो साल की एफडी पर क्या दर मिलती है?
पंजाब नेशनल बैंक में 60 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 6.30 प्रतिशत और 80 वर्ष या अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.10 प्रतिशत ब्याज मिलता है।
60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए दोनों में से कौन सा बैंक ज्यादा रिटर्न दे रहा है?
60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए भारतीय स्टेट बैंक 6.96 प्रतिशत ब्याज दे रहा है, जो पंजाब नेशनल बैंक के 6.30 प्रतिशत से ज्यादा है।
क्या यह ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से अधिक के डिपॉजिट पर भी लागू हैं?
नहीं, यह सभी ब्याज दरें केवल 3 करोड़ रुपये से कम की खुदरा जमा राशि के लिए मान्य हैं।
भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी एफडी ब्याज दरों में आखिरी बार कब बदलाव किया था?
भारतीय स्टेट बैंक ने आखिरी बार दिसंबर 2025 में अपनी एफडी योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Michael Anderson@michael-anderson·38 दिन पहले

इन थोड़े से फ़ीसदी अंतर के लिए बैंक बदलना मुझे तो ज़्यादा झंझट लगता है। आख़िर में जाकर दस-बीस रुपए ज़्यादा मिल भी गए, तो कागज़ी कार्रवाई और चक्कर काटने की थकान उसकी कीमत वसूलने नहीं देती।

Rohan Gupta@rohan-gupta·38 दिन पहले

माइकल, बात दस-बीस रुपए की नहीं है। अगर अमाउंट बड़ा हो, तो ये छोटे से फ़ीसदी अंतर भी साल के अंत में अच्छी-खासी बचत बना देते हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp