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तमिलनाडु में नवजातों को 1 ग्राम सोने की अंगूठी, चेन्नई में भाव बदलने पर सरकारी खजाने पर क्या पड़ेगा असरमनी
6 अक्तू॰ 2026, 2:23 pm (27 मिनट पहले)· 0

तमिलनाडु में नवजातों को 1 ग्राम सोने की अंगूठी, चेन्नई में भाव बदलने पर सरकारी खजाने पर क्या पड़ेगा असर

तमिलनाडु सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए 1 ग्राम सोने की अंगूठी योजना शुरू की है। चेन्नई में सर्राफा दरों के उतार-चढ़ाव से लाभार्थियों को कोई अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना होगा क्योंकि इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सीजे विजय ने राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के स्वागत के लिए एक विशेष कल्याणकारी पहल की शुरुआत की है। 28 सितंबर 2026 से प्रभावी हुई इस योजना को थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम नाम दिया गया है। यह पूरी पहल तमिल समाज की पारंपरिक संस्कृति थाई मामन सीर की भावना पर आधारित है। तमिल परंपरा के अनुसार बच्चे का मामा अपने भांजे या भांजी के जन्म पर उपहार देकर उसका इस दुनिया में स्वागत करता है। यह उपहार किसी भी रूप में हो सकता है, जिसमें पारंपरिक तौर पर सोना देना बेहद शुभ माना जाता है। इसी सांस्कृतिक रीति को अपनाते हुए टीवीके सरकार राज्य के सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं का स्वागत मामा बनकर कर रही है, जहां राज्य की प्रत्येक महिला को बहन का दर्जा दिया गया है।

पात्रता नियम और कट-ऑफ तारीख का विवरण

इस योजना की औपचारिक शुरुआत भले ही 28 सितंबर को हुई हो, लेकिन सरकार ने उन सभी नवजातों को इसमें शामिल किया है जिनका जन्म 22 जून 2026 के बाद हुआ है। योजना का सबसे मुख्य और अनिवार्य नियम यह है कि बच्चे का जन्म तमिलनाडु सरकार के किसी भी सरकारी अस्पताल या सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में होना चाहिए।

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शिशु की माता का तमिलनाडु की स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही उसका पंजीकरण गर्भावस्था एवं शिशु निगरानी मूल्यांकन यानी पीआईसीएमई (PICME) प्रणाली के तहत होना अनिवार्य है। इसके अलावा माता के पास आरसीएच (RCH) पहचान पत्र होना भी जरूरी है ताकि पात्रता की पुष्टि की जा सके।

योजना के नियमों में निजी अस्पतालों को पूरी तरह बाहर रखा गया है। यदि किसी बच्चे का जन्म किसी निजी अस्पताल में हुआ है, तो वह इस योजना के दायरे में नहीं आएगा। यहां तक कि अगर निजी अस्पताल में जन्म के बाद बच्चे को आगे के इलाज या देखभाल के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया हो, तब भी उसे इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।

22 कैरेट सोने की अंगूठी और वितरण की कार्यप्रणाली

इस कल्याणकारी योजना के तहत नवजात शिशु को 22 कैरेट सोने से बनी 1 ग्राम की अंगूठी प्रदान की जाती है। आम नागरिकों के लिए इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई अलग से आवेदन प्रक्रिया या जटिल फॉर्म भरने की व्यवस्था नहीं रखी गई है। 28 सितंबर 2026 के बाद पैदा होने वाले सभी पात्र बच्चों को यह उपहार सीधे अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध कराया जाता है।

जैसे ही नवजात शिशु पात्रता की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है, सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली स्वचालित रूप से बच्चे की पहचान दर्ज कर लेती है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन के माध्यम से 1 ग्राम सोने का उपहार तैयार कर लिया जाता है और अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही नवजात के परिजनों को अंगूठी सौंप दी जाती है। यह पूरी सुविधा केवल और केवल सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ही लागू होती है।

वहीं जिन बच्चों का जन्म 22 जून 2026 के बाद और 28 सितंबर 2026 से पहले हुआ है, उनके लिए सरकार ने एक विशेष अभियान चलाया है। ऐसे नवजातों के परिजनों को निर्धारित वितरण केंद्रों के माध्यम से सोने की अंगूठी वितरित की जा रही है। वितरण के दौरान माता-पिता को अपनी पहचान और तमिलनाडु का स्थायी निवासी होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है। इसमें आधार, पीआईसीएमई पंजीकरण और आरसीएच आईडी का ई-केवाईसी सत्यापन किया जाता है। सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही लाभार्थी को अंगूठी सौंपी जाती है।

चेन्नई में सोने के भाव में गिरावट और योजना से संबंध

मंगलवार को बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोने की दर 100 ग्राम पर 1,600 रुपये गिरकर 14,90,200 रुपये पर आ गई, जबकि 10 ग्राम पर 160 रुपये की कमी के साथ भाव 1,49,020 रुपये रहा। इस श्रेणी में 1 ग्राम सोने का दाम 16 रुपये फिसलकर 14,902 रुपये दर्ज किया गया।

इसके अलावा 18 कैरेट सोने के वर्ग में 100 ग्राम की कीमत 1,500 रुपये घटकर 11.22 लाख रुपये रह गई और 10 ग्राम की दर 150 रुपये टूटकर 1,12,200 रुपये पर आ गई। इस शुद्धता के 1 ग्राम सोने का भाव 15 रुपये घटकर 11,220 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि 24 कैरेट और 18 कैरेट के दामों में आए इस बदलाव का इस सरकारी योजना पर सीधा कोई प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि नवजातों को दी जाने वाली अंगूठी 22 कैरेट सोने से तैयार की जाती है।

बाजार में 22 कैरेट सोने की दर में भी मंदी देखी गई, जहां 100 ग्राम पर भाव 1,500 रुपये घटकर 13,66,000 रुपये पर आ गया और 10 ग्राम पर 150 रुपये गिरकर 1,36,600 रुपये दर्ज हुआ। इसी तरह 22 कैरेट के 1 ग्राम सोने का भाव 15 रुपये घटकर 13,660 रुपये रहा। चेन्नई या राज्य के अन्य शहरों में 22 कैरेट सोने के भाव में आने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा संबंध सरकारी खरीद लागत से है, लेकिन इसका कोई भी वित्तीय असर लाभार्थी परिवारों पर नहीं पड़ता।

सरकारी बजट, खरीद टेंडर और जोयालुक्कास व कल्याण ज्वैलर्स की हिस्सेदारी

विजय सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के संचालन के लिए सालाना 755.83 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन घोषित किया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने अंगूठियों की खरीद हेतु एक निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी, जिसमें दो प्रमुख आभूषण निर्माताओं जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स ने आपूर्ति का अनुबंध हासिल किया।

इस खरीद प्रक्रिया में आपूर्ति का अनुपात 70 और 30 तय किया गया, जिसमें 70 प्रतिशत हिस्सा जोयालुक्कास को और 30 प्रतिशत हिस्सा कल्याण ज्वैलर्स को मिला। अनुबंध के अनुसार कल्याण ज्वैलर्स कुल 38,550 सोने की अंगूठियों की आपूर्ति करेगा, जबकि जोयालुक्कास द्वारा 89,949 सोने की अंगूठियों की आपूर्ति की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया के दौरान इन दोनों कंपनियों ने मात्र 1 पैसे की बोली लगाकर यह अनुबंध जीता था।

योजना के तहत पात्र माता-पिता को 1 ग्राम सोने की अंगूठी लेने के लिए इन ज्वेलर्स के किसी शोरूम में जाने की जरूरत नहीं होती। तमिलनाडु सरकार सीधे इन आभूषण विक्रेताओं से अंगूठियों की थोक खरीद करती है। निविदा में जोयालुक्कास की ओर से लगाई गई 1 पैसे की बोली निर्माण लागत, बीमा, परिवहन, पैकेजिंग और बीआईएस हॉलमार्किंग जैसे अतिरिक्त खर्चों के लिए है, न कि स्वयं सोने के धातु मूल्य के लिए।

बाजार दरों का सरकारी खरीद लागत पर प्रभाव

इस व्यवस्था के चलते जब भी राज्य में सोने की दरों में तेजी या मंदी आती है, तो सरकार के लिए इन अंगूठियों की खरीद लागत भी उसी अनुपात में घटती या बढ़ती है। चेन्नई में सोने के दाम बढ़ने पर सरकारी खरीद का खर्च बढ़ जाता है, जबकि दाम घटने पर सरकार की खरीद लागत कम हो जाती है। पूर्व के आकलनों के अनुसार प्रचलित बाजार भावों के आधार पर 1 ग्राम सोने की अंगूठी की खरीद लागत 13,600 रुपये से लेकर 14,900 रुपये प्रति अंगूठी के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था। 6 अक्टूबर 2026 को 22 कैरेट में 1 ग्राम सोने की कीमत 13,660 रुपये दर्ज की गई है। इस तरह सर्राफा बाजार के किसी भी उतार-चढ़ाव का पूरा वित्तीय दायित्व राज्य सरकार के खजाने पर ही रहेगा और पात्र नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह उपहार मिलता रहेगा।

सवाल-जवाब

तमिलनाडु में थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम योजना कब से लागू हुई है?
यह योजना 28 सितंबर 2026 से प्रभावी हुई है, लेकिन 22 जून 2026 के बाद जन्मे बच्चे इसके लिए पात्र हैं।
योजना के तहत किस प्रकार का उपहार दिया जा रहा है?
पात्र नवजात शिशुओं को 22 कैरेट सोने से बनी 1 ग्राम की अंगूठी उपहार में दी जाती है।
क्या निजी अस्पताल में पैदा हुए बच्चे इस योजना के पात्र हैं?
नहीं, निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चे इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं, चाहे उन्हें बाद में सरकारी अस्पताल में ही क्यों न लाया गया हो।
अंगूठियों की आपूर्ति कौन सी कंपनियां कर रही हैं?
कल्याण ज्वैलर्स 38,550 अंगूठियों और जोयालुक्कास 89,949 अंगूठियों की आपूर्ति 70:30 के अनुपात में कर रहे हैं।
सोने की कीमतें बदलने पर क्या माता-पिता को अतिरिक्त भुगतान करना होगा?
नहीं, बाजार में सोने के भाव घटने या बढ़ने का असर केवल सरकारी खरीद लागत पर पड़ेगा, लाभार्थियों को कोई भुगतान नहीं करना है।
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