केरल राज्य लॉटरी विभाग की ओर से रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को राजधानी तिरुवनंतपुरम में समृद्धि एसएम-76 ड्रॉ का औपचारिक आयोजन पूरा किया गया। इस विशेष लॉटरी में किस्मत आजमाने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण 1 करोड़ रुपये का पहला नकद पुरस्कार रखा गया है। इसके अलावा, दूसरे स्थान पर आने वाले भाग्यशाली टिकट धारक के लिए 25 लाख रुपये तथा तीसरे पायदान के लिए 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि तय की गई है। इस लॉटरी में भाग लेने वाले सभी नागरिकों को विभाग द्वारा जारी अधिकृत विवरण से अपने टिकट का मिलान करने को कहा गया है।
नतीजों की प्रामाणिक जांच और जरूरी सावधानी
लॉटरी का ड्रॉ समाप्त होने के बाद विभाग अपनी आधिकारिक परिणाम तालिका सार्वजनिक करता है। किसी भी प्रकार का दावा पेश करने से पहले टिकट धारकों को चाहिए कि वे अपने पास मौजूद पर्ची के पूरे नंबर और उसकी संबंधित सीरीज का मिलान विभागीय सूची से अच्छी तरह कर लें। आधिकारिक पीडीएफ दस्तावेज की जांच किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी हो सकता है।
डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले स्क्रीनशॉट, फॉरवर्ड किए गए संदेश या अपुष्ट दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए। प्रतिभागियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे जिस परिणाम को देख रहे हैं, वह वास्तव में 11 अक्टूबर 2026 की तारीख और ड्रॉ संख्या 76 यानी समृद्धि एसएम-76 से ही जुड़ा हुआ हो। केरल सरकार का आधिकारिक राजपत्र भी इन नतीजों की पुष्टि का एक बेहद भरोसेमंद माध्यम है।
टिकट की सुरक्षा और शुरुआती औपचारिकताएं
जैसे ही किसी टिकट का मिलान आधिकारिक सूची में दर्ज विजयी क्रमांक से हो जाता है, सबसे पहला कदम मूल टिकट पर अपने हस्ताक्षर करना होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में लॉटरी टिकट फटा, मुड़ा हुआ या संदिग्ध अवस्था में नहीं होना चाहिए, क्योंकि जांच प्रक्रिया के दौरान विकृत टिकटों को अतिरिक्त पड़ताल से गुजरना पड़ सकता है। जब तक सत्यापन का पूरा काम खत्म नहीं हो जाता, तब तक मूल पर्ची को पूरी हिफाजत से संभालकर रखना जरूरी है।
नियमों के तहत ड्रॉ की तारीख से 30 दिनों के भीतर इनाम का दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। इस समय सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में अपनी अर्जी पहुंचाने के लिए विजेताओं को लॉटरी विभाग के अद्यतन दिशा-निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर लेना चाहिए।
दावा पेश करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इनाम की राशि के आधार पर उसे हासिल करने का प्रशासनिक तरीका अलग-अलग निर्धारित है। छोटी रकम के पुरस्कार आमतौर पर अधिकृत लॉटरी एजेंटों के जरिए प्राप्त किए जा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, 1 करोड़ रुपये के शीर्ष पुरस्कार सहित बड़ी धनराशि के दावों के लिए राज्य लॉटरी निदेशालय से सीधे संपर्क साधना पड़ता है।
दावा दर्ज कराते समय विजेता को पूरी तरह भरा हुआ आवेदन फॉर्म, मूल टिकट, पैन कार्ड का विवरण, पहचान पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होता है। इसके साथ ही निर्धारित आकार की पासपोर्ट फोटो और विभाग द्वारा मांगी गई अतिरिक्त कागजी औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती हैं।
आयकर कटौती और शुद्ध प्राप्त राशि
लॉटरी में जीती गई कुल रकम पर मौजूदा आयकर कानूनों के तहत टैक्स की कटौती की जाती है। इस वजह से विजेता को मिलने वाली वास्तविक रकम विज्ञापित पुरस्कार राशि की तुलना में कम हो सकती है। कागजी कार्रवाई आगे बढ़ाने से पूर्व कर कटौती और विभागीय नियमों की विस्तृत जानकारी सक्षम अधिकारियों से ले लेना हितकर रहता है।


















