पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चल रहे एक मामले का फैसला आने तक हरियाणा सरकार ने ग्रुप 'ए' और ग्रुप 'बी' के पदों पर तैनात अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने वाले प्रावधान को फिलहाल लागू न करने का फैसला किया है.
क्या है पूरा विवाद
यह पूरा मामला 'कमलजीत सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य' के नाम से अदालत में चल रहा है. पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 1 अप्रैल 2025 को दिए अपने आदेश में हरियाणा सरकार की उस नीति को सही ठहराया था, जिसके तहत अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है. हालांकि अदालत ने साथ ही यह भी कहा था कि इस आरक्षण का फायदा उठाते समय 'क्रीमी लेयर' में आने वाले कर्मचारियों को इसके दायरे से बाहर रखा जाए.
सरकार ने अदालत के आदेश को दी चुनौती
राज्य सरकार को उच्च न्यायालय की यह शर्त मंजूर नहीं थी, इसलिए उसने इसके खिलाफ 'लेटर्स पेटेंट अपील' यानी एलपीए दाखिल कर दी, जो फिलहाल अदालत में लंबित है. इसी अपील का हवाला देते हुए मानव संसाधन विभाग ने नए निर्देश जारी किए हैं, जो 19 दिसंबर 2023 को इसी विषय पर जारी हुए पुराने आदेशों की जगह लेंगे. सोमवार शाम जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अब उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक 7 अक्टूबर 2023 की नीति के तहत आरक्षण का लाभ देकर कोई भी पदोन्नति नहीं दी जाएगी.
अप्रैल में जारी हुए थे रोस्टर बनाने के निर्देश
इससे पहले अप्रैल महीने में हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति के कर्मचारियों के लिए आरक्षण नीति को सही तरीके से लागू करने के मकसद से सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निर्देश दिए थे कि वे ग्रुप 'ए' और 'बी' पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर तैयार करें और उन्हें सत्यापित भी कराएं. इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आरक्षण का पूरा फार्मूला भी सार्वजनिक किया था.
क्या था अनुराग रस्तोगी का फार्मूला
अनुराग रस्तोगी ने बताया था कि अगर किसी प्रमोशन कैडर में अनुसूचित जाति के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व 20 प्रतिशत से कम है, तो वहां खाली पदों पर सबसे पहले अनुसूचित जाति के कर्मचारी को पदोन्नति देने पर विचार किया जाएगा. वहीं जिन विभागों या कैडर में अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व पहले से ही 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा है, वहां पदोन्नति में सामान्य नियम ही लागू होंगे, यानी वहां आरक्षण का अलग से कोई फायदा नहीं मिलेगा.
अब चूंकि अदालत का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है, इसलिए राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय इस एलपीए पर अपना फैसला नहीं सुना देता, तब तक ग्रुप 'ए' और 'बी' के पदों पर आरक्षण के आधार पर कोई पदोन्नति नहीं दी जाएगी.



















