अगस्त महीने का आरंभ संपूर्ण भारत में मानसूनी गतिविधियों के अत्यधिक उग्र और आक्रामक होने के साथ होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 अगस्त की तारीख हेतु देश के अनेक प्रमुख सूबों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी घोषित की है। इस देशव्यापी मौसमी बदलाव की प्रमुख वजह दक्षिण-पूर्व राजस्थान एवं उससे सटे भूभाग में निर्मित एक मजबूत निम्न दबाव प्रणाली है। यद्यपि मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि यह वायुमंडलीय चक्र आगामी 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा, तथापि इसका व्यापक असर उत्तर भारत, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, मध्य भारत, पूर्वोत्तर राज्यों तथा दक्षिण भारत के विस्तृत हिस्सों पर साफ तौर पर नजर आएगा।
देश भर में खराब मौसम की चेतावनी और मौसमी प्रणाली का व्यापक प्रभाव
मौसम केंद्र द्वारा जारी अलर्ट के मुताबिक, रविवार के दिन देश के विभिन्न भागों में मूसलाधार वर्षा के साथ तेज आंधी, कड़कती आकाशीय बिजली तथा तूफानी हवाओं की प्रबल संभावना है। इस अनवरत वर्षा के कारण संवेदनशील इलाकों में जलभराव, पर्वतीय अंचलों में भूस्खलन और नदी घाटियों में अचानक बाढ़ जैसी विकट स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2 अगस्त को राजस्थान, केरल, मिजोरम, तटीय कर्नाटक, नगालैंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न स्थानों पर मूसलाधार वर्षा का अनुमान है। इसके अलावा गुजरात राज्य के चुनिंदा क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी दी गई है।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से सुहावना मौसम और यातायात चुनौतियां
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में रविवार को पूरे दिन घने बादलों का पहरा रहेगा। शहर के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज होगी, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस बारिश के आगमन से दिल्ली निवासियों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, सुबह और शाम के व्यस्त समय सड़कों पर पानी भरने से भारी ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
आईएमडी ने दिल्ली और समीपवर्ती एनसीआर क्षेत्रों में बादल गरजने व बिजली चमकने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि आगामी 24 घंटों के दौरान अधिकतम पारे में किसी विशेष बड़े फेरबदल की संभावना नहीं है। परंतु वर्षा के दौरान बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए आम जन को खुले में निकलने से बचने की हिदायत दी गई है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा की सिफारिशें
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। 2 अगस्त के दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जनपदों में भारी बारिश की आशंका है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी वर्षा का दायरा बढ़ेगा। पूर्वांचल के जिलों में कड़कती बिजली, बादलों की गर्जना और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश से जलस्तर में वृद्धि हो सकती है, जिसे देखते हुए निचले मैदानी इलाकों के निवासियों तथा किसानों को सावधान रहने को कहा गया है।
उत्तराखंड राज्य के लिए आगामी 24 घंटे अत्यधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन होने, चट्टानें खिसकने और सड़कें बंद होने का खतरा है। चारधाम यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने का परामर्श दिया गया है। इसके अलावा नदियों तथा बरसाती नालों के किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बिहार और झारखंड में वज्रपात तथा तेज हवाओं का प्रकोप
बिहार में रविवार के दिन मानसून पूर्ण रूप से सक्रिय रहेगा। राज्य के अनेक हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिसके साथ ही वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश से कई जिलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
झारखंड में भी 2 अगस्त को अच्छी मानसूनी वर्षा के आसार हैं। राज्य के कई जनपदों में बादलों की कड़क के संग 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन ने लोगों से पक्के स्थानों पर रहने तथा गैर-जरूरी यात्राएं टालने का अनुरोध किया है।
तटीय क्षेत्र, दक्षिण भारत और समुद्र में मछुआरों के लिए रेड एडवाइजरी
दक्षिण भारत में केरल के अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तटीय कर्नाटक के इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। वहीं पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात एवं सौराष्ट्र-कच्छ के अंचलों में भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय क्षेत्रों में वर्षा के साथ समुद्र में तेज हवाएं चलेंगी। इसी जोखिम को देखते हुए मौसम विभाग ने केरल, गुजरात, लक्षद्वीप, कर्नाटक और कोंकण-गोवा के मछुआरों को गहरे पानी में उतरने से पूरी तरह मना किया है।
समग्र रूप से 2 अगस्त को देश के कई राज्यों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक समेत बड़े क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सभी से पक्के मकानों में रहने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



















