भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निपथ योजना के जरिए शामिल हुए सैनिकों के सेवा नियमों में केंद्र सरकार ने एक अहम बदलाव को मंजूरी दी है। नए प्रावधान के तहत अग्निवीरों को अपनी तय 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद अतिरिक्त 2 साल तक सेना में कार्य करने का अवसर मिलेगा। इस निर्णय के लागू होने से चयनित सैनिकों का कुल सेवाकाल 4 साल से बढ़कर 6 साल हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए इस फैसले की जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साझा की।
पहले बैच के सैनिकों को बड़ी राहत
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था के अंतर्गत पहले बैच के करीब 75 फीसदी अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से उन सैनिकों के लिए राहत भरा है, जिनका 4 वर्ष का निर्धारित कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होने जा रहा था और जिन्हें नियमानुसार सेवामुक्त होना था। अब वे 2 और वर्षों तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे।
सेवा विस्तार पूरी तरह स्वैच्छिक
सशस्त्र बलों ने स्पष्ट किया है कि यह 2 साल का सेवा विस्तार अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह से संबंधित अग्निवीर की व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करेगा। किसी भी जवान को अतिरिक्त 2 साल तक बल में बने रहने के लिए विवश नहीं किया जाएगा। जो जवान अपनी सेवा आगे नहीं बढ़ाना चाहेंगे, वे निर्धारित 4 साल के बाद मुक्त हो सकेंगे।
नियमित कैडर में शामिल होने के अवसर
अतिरिक्त 2 वर्ष की सेवा पूरी कर कुल 6 साल का कार्यकाल समाप्त करने के बाद भी जवानों के सामने भविष्य के अवसर खुले रहेंगे। ऐसे अग्निवीर इंडियन डिफेंस सर्विसेज के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जो जवान नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक होंगे और निर्धारित चयन मापदंडों पर खरे उतरेंगे, उन्हें स्थायी कैडर में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

















