गुजरात के वडोदरा में पालतू पक्षी के अचानक गुम हो जाने के बाद एक परिवार गहरे संकट और शोक में डूबा हुआ है। सेवासी रोड पर स्थित इस्कॉन हाइट्स के निवासी पारिख परिवार का छह महीने का अफ्रीकन ग्रे पैरट, जिसका नाम उन्होंने लड्डू रखा था, बीते चार दिनों से कहीं नजर नहीं आया है। इस घटना के बाद से ही पक्षी की मुख्य देखभाल करने वाली जेसिका पारिख ने अन्न ग्रहण करना पूरी तरह बंद कर दिया है।
जुलाई में मुंबई से खरीदकर लाए थे छह महीने का पक्षी
पारिख परिवार ने इस दुर्लभ प्रजाति के तोते को पिछले जुलाई के महीने में मुंबई से एक लाख दस हजार रुपये की कीमत चुकाकर खरीदा था। घर आने के बाद से ही लड्डू परिवार के सदस्यों के बीच अत्यधिक घुलमिल गया था। उसकी उचित देखभाल और परवरिश सुनिश्चित करने के लिए जेसिका पारिख ने एक निजी स्कूल में अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी, ताकि वह दिन भर उसके खानपान और सुरक्षा पर ध्यान दे सकें।
जेसिका के अनुसार यह पक्षी सुबह से लेकर रात तक उनके इर्द-गिर्द ही मंडराता रहता था। वह भोजन करते समय कभी उनके सीने पर बैठ जाता था तो कभी उनकी गोद में बैठकर दाना चुगता था। वर्तमान में घर के एक कोने में रखा उसका खाली पिंजरा देखकर पूरा परिवार लगातार भावुक हो रहा है। चार दिनों से लड्डू की कोई खोज खबर न मिलने के कारण जेसिका की शारीरिक और मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
पक्षी की शारीरिक बनावट और पहचान के संकेत
स्थानीय स्तर पर काफी खोजबीन करने के बावजूद जब लड्डू का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने आम जनता से सहयोग की गुहार लगाई है। पक्षी को सकुशल खोजकर वापस लाने वाले व्यक्ति के लिए परिवार की ओर से एक लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है। लोगों को पहचानने में आसानी हो, इसलिए परिवार ने पक्षी के विशिष्ट शारीरिक लक्षण भी साझा किए हैं।
परिवार के सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि लड्डू की एक आंख के समीप एक खास निशान मौजूद है। इसके अलावा उसकी चोंच पर खुरदरे धब्बे बने हुए हैं और उसने अपने एक पैर में धातु का कड़ा पहन रखा है। इन चिन्हों की सहायता से कोई भी सजग नागरिक इस अफ्रीकन ग्रे पैरट को पहचान सकता है और परिवार को सूचना दे सकता है।
भावुक होकर जेसिका ने की मदद की अपील
जेसिका पारिख ने भावुक होते हुए कहा, "लड्डू मेरे लिए सिर्फ एक तोता नहीं, बल्कि मेरा बेटा है।" उन्होंने आगे बताया कि वह इस बेजुबान जीव को अपने सगे बच्चे की तरह मानती रही हैं और हर पल उन्हें यही चिंता सता रही है कि इस समय वह सुरक्षित है या नहीं अथवा उसे भोजन मिला है या नहीं।
सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए जेसिका ने कहा कि कुछ लोग पालतू पशु-पक्षियों के प्रति ऐसे गहरे लगाव का उपहास उड़ाते हैं, परंतु इस पीड़ा को वही महसूस कर सकता है जिसने किसी बेजुबान जीव को निस्वार्थ स्नेह दिया हो। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस स्थिति का मजाक बनाने के बजाय पक्षी की तलाश में सक्रिय सहयोग करें, ताकि उनका लाडला जल्द से जल्द सुरक्षित घर लौट सके।



















