राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित तीर्थ नगरी पुष्कर में 10 नवंबर से अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले का भव्य आगाज होने जा रहा है। दुनिया भर से आने वाले सैलानियों के बीच इस वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। मेले की रौनक बढ़ाने के लिए जहां ऊंटों और घोड़ों का पारंपरिक श्रृंगार आकर्षण का केंद्र बनता है, वहीं स्थानीय धार्मिक रीति रिवाज, ठेठ ग्रामीण रहन सहन और राजस्थानी लोक परंपराएं विदेशी पर्यटकों को सबसे अधिक लुभाती हैं। इस समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने इस बार विदेशी सैलानियों के लिए विशेष तौर पर 'बेस्ट फोटोग्राफी प्रतियोगिता' आयोजित करने का फैसला किया है।
विदेशी सैलानियों के लिए विशेष प्रतियोगिता
इस प्रतियोगिता के जरिए मेले में पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों को राजस्थानी लोक जीवन के खूबसूरत और जीवंत पलों को अपने कैमरों में सहेजने का मौका मिलेगा। प्रशासन द्वारा आयोजित इस मुकाबले में विदेशी पर्यटकों द्वारा खींची गई तस्वीरों में से सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली तस्वीर का चयन किया जाएगा। चयनित विजेता को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे यहां की लोक संस्कृति और ग्रामीण परिवेश की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ ले जा सकें।
महीनों पहले से जुटने लगे विदेशी टूर ऑपरेटर
मेला अधिकारी डॉ. नवीन परिहार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्कर मेले के प्रति सैलानियों में भारी दीवानगी रहती है। इस आयोजन की तैयारियों, तारीखों और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विदेशी टूर ऑपरेटर तीन से चार महीने पहले से ही लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। वे मेले की निश्चित तिथियों, विभिन्न प्रतियोगिताओं और निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूरी जानकारी ले रहे हैं। महीनों पहले से शुरू हुई इस सक्रियता को देखते हुए स्पष्ट है कि इस वर्ष भी भारी तादाद में विदेशी सैलानी पुष्कर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
ठेठ ग्रामीण जीवन और पारंपरिक दिनचर्या का सम्मोहन
डॉ. परिहार ने स्पष्ट किया कि पुष्कर आने वाले विदेशी मेहमानों का आकर्षण केवल सजे-धजे पशुओं तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि वे यहां के सहज ग्रामीण जीवन को बेहद करीब से देखना पसंद करते हैं। मेले के पड़ावों में जब पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा पहने पशुपालक ऊंटनी का दूध निकालते हैं और ग्रामीण महिलाएं मिट्टी के पारंपरिक चूल्हों पर गर्म रोटियां सेकती हैं, तो ये दृश्य सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। विदेशी मेहमान इन सहज और सांस्कृतिक पलों को अपने कैमरे के लेंस में कैद करने के लिए विशेष रूप से उत्सुक नजर आते हैं।





















