मूलांक 1 राशिफल 29 अक्टूबर: सूर्य की ऊर्जा से चमकेगा करियर, रचनात्मकता देगी लाभरिपब्लिकन पार्टी की आखिरी हफ्तों में बढ़ी चिंता, मजबूत सीटों पर भी करनी पड़ रही है पैसों की बारिशनागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपराजस्थान के झालावाड़ में दंपति के झगड़े में दखल देना पड़ा महंगा, चचेरे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमलाबिहार विधानपरिषद चुनाव में नीरज कुमार की जीत, अनंत सिंह पर कसा तंजत्रिपुरा में जल्द खुलेगा नया चाय नीलामी केंद्र, मुख्यमंत्री माणिक साहा 29 अक्टूबर को करेंगे शुभारंभमहिला पहलवानों की अपील पर कोर्ट सख्त, बृजभूषण शरण सिंह को जवाब के लिए मिला अंतिम अवसरमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तारमिजो विरासत को सहेजने के लिए खुला मिजोरम स्टेट म्यूजियम, मंत्री सी. लालसाविवुंगा ने युवाओं से की खास अपील
अहमदाबाद में पकड़ा गया गोल्डी बराड़ का गुर्गा आरिफ उर्फ पिस्तौल, दिल्ली और गुजरात पुलिस ने मिलकर दबोचागुजरात
24 सित॰ 2026, 1:52 pm (35 दिन पहले)· 3

अहमदाबाद में पकड़ा गया गोल्डी बराड़ का गुर्गा आरिफ उर्फ पिस्तौल, दिल्ली और गुजरात पुलिस ने मिलकर दबोचा

अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके में दिल्ली पुलिस और गुजरात पुलिस के साझा अभियान में गोल्डी बराड़ गिरोह का प्रमुख शूटर आरिफ उर्फ पिस्तौल गिरफ्तार हो गया है। आरोपी पर हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के 11 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।

संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, अहमदाबाद ग्रामीण स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देर रात एक सटीक और गोपनीय कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर आरिफ उर्फ पिस्तौल को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यह गिरफ्तारी गुजरात के वेजलपुर इलाके से हुई है, जहाँ आरोपी अपनी पहचान छिपाकर शरण लिए हुए था। पकड़ा गया बदमाश कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा हुआ है और उसके नेटवर्क के लिए मैदानी स्तर पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था।

11 से ज्यादा गंभीर मुकदमों में थी तलाश

जांच अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहा था। उस पर हत्या के प्रयास, खुलेआम गोलीबारी और बड़े पैमाने पर रंगदारी वसूलने जैसे 11 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और अपनी असल पहचान गोपनीय रखकर नए-नए ठिकानों में छिपता फिर रहा था। खुफिया सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के सटीक विश्लेषण के बाद सुरक्षाबलों ने वेजलपुर में जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।

ये भी पढ़ें

दुबई रूट से रंगदारी और सिंडिकेट संचालन

आरिफ इस गिरोह के वित्तीय और ऑपरेशनल ढांचे की एक बेहद अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था। वह गोल्डी बराड़ के इशारे पर कारोबारियों और अन्य लोगों को धमकाने के काम में शामिल था। जांच में यह बात सामने आई है कि वह दुबई के जरिए आने वाली धमकी भरी कॉल्स को प्रबंधित करने और जबरन वसूली से मिलने वाले धन के वितरण में सक्रिय भूमिका निभाता था। यह सिंडिकेट बड़े पैमाने पर व्यवसायियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की मांग करता था, जिसके लिए आरिफ जमीनी स्तर पर दहशत फैलाने और वसूली का नेटवर्क संभालने का जिम्मा उठाता था।

गोल्डी बराड़ का नेटवर्क और 200 करोड़ की रंगदारी का मामला

गोल्डी बराड़ का वास्तविक नाम सतिंदरजीत सिंह है और वह मूल रूप से पंजाब के मुक्तसर साहिब का निवासी है। वह छात्र वीजा पर कनाडा गया था और माना जाता है कि वह वहीं बैठकर अपने आपराधिक सिंडिकेट की बागडोर संभाल रहा है। भारत सरकार ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया हुआ है। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता भी रहा है। इसके अलावा हाल ही में उसका नाम 200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगने के एक मामले में भी सुर्खियों में आया था। पंजाब सरकार ने विदेश में बैठे इस भगोड़े समेत कई अन्य अपराधियों पर पांच लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के नकद इनाम की घोषणा विज्ञापनों के जरिए की थी।

नेटवर्क और वित्तीय कड़ियों की संयुक्त जांच

आरिफ की गिरफ्तारी को इस आपराधिक सिंडिकेट के वित्तीय तंत्र और रंगदारी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दिल्ली और गुजरात पुलिस की टीमें अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि गुजरात में उसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने पनाह दी थी और उसके पास किन माध्यमों से पैसे पहुंच रहे थे। संयुक्त पूछताछ के दौरान गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों, हथियारों की आपूर्ति और आगामी योजनाओं के बारे में अहम खुलासे होने की संभावना है।

सवाल-जवाब

आरिफ उर्फ पिस्तौल को किन पुलिस टीमों ने मिलकर गिरफ्तार किया?
उसे अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, अहमदाबाद ग्रामीण स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान में पकड़ा।
आरिफ को किस इलाके से पकड़ा गया और उस पर कितने मामले दर्ज हैं?
उसे गुजरात के अहमदाबाद स्थित वेजलपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया, और उस पर हत्या के प्रयास, फायरिंग और रंगदारी के 11 से ज्यादा केस दर्ज हैं।
गोल्डी बराड़ गिरोह में आरिफ की क्या भूमिका थी?
वह गिरोह के लिए महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी था, जो दुबई के जरिए धमकी भरी कॉल करवाने और बड़े पैमाने पर रंगदारी रैकेट संचालित करने में मदद करता था।
गोल्डी बराड़ कौन है और उसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है, जिसे भारत सरकार ने UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया हुआ है और वह कनाडा में रहता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·33 दिन पहले

विदेश में बैठकर देश में आपराधिक नेटवर्क चलाना बड़ी चुनौती बन गया है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग बिना इन गैंगस्टर्स पर लगाम कसना मुश्किल होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

दिल्ली और गुजरात पुलिस ने मिलकर बहुत बढ़िया काम किया है। ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसना बेहद ज़रूरी था, वरना ये लोग खुलेआम दहशत फैलाते रहेंगे। उम्मीद है इसके बाकी साथियों तक भी पुलिस जल्द पहुँचेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रविकेश जी, बात सही है आपकी, पर मुझे लगता है कि दुबई वाले कनेक्शन तक पहुँचना आसान नहीं होगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

दिल्ली और गुजरात पुलिस ने बहुत सही समय पर धर दबोचा इसे, गोल्डी बराड़ का नेटवर्क अब कमजोर होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

करण भाई, आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। जब मैं पिछले साल पश्चिमी यूपी में एक व्यापारी से मिलने गया था, तो वह भी ऐसे ही फोन कॉल्स से बहुत डरा हुआ था।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp