भारतीय रेलवे ने यात्री सेवाओं में रफ्तार का नया कीर्तिमान स्थापित करने के बाद अब माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत कर दी है। देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू मालगाड़ी ने अहमदाबाद और मुंबई सेंट्रल के बीच आयोजित ट्रायल रन के दौरान 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जबरदस्त रफ्तार हासिल करके इतिहास रच दिया है। वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई सेंट्रल सेक्शन पर किया गया यह हाई-स्पीड परीक्षण रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की प्रत्यक्ष देखरेख में संपन्न हुआ। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में निर्मित यह 16 कोच वाली स्व-संचालित मालगाड़ी देश में पारंपरिक और धीमी गति की मालगाड़ियों के मुकाबले एक आधुनिक और सुपरफास्ट विकल्प बनकर उभरेगी।
ट्रायल रन की समयसारणी और परिचालन मानक
अहमदाबाद रेलवे डिवीजन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विशेष फ्रेट रैक को परीक्षण के लिए आईसीडी साबरमती में पूरी तरह तैयार किया गया था। इस ट्रेन ने 12 सितंबर की सुबह लगभग 9 बजे अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के लिए अपनी पहली यात्रा शुरू की, जबकि इसकी वापसी का मूल्यांकन परीक्षण 13 सितंबर को पूरा किया गया। इस प्रायोगिक दौर में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के लिए ट्रेन को उसकी क्षमता के 50 प्रतिशत पेलोड और 20.32 टन के एक्सल लोड के साथ चलाया गया। इस भारित परीक्षण से पहले, वेस्ट सेंट्रल रेलवे के कोटा डिवीजन में खाली स्थिति के दौरान यह ट्रेन 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज कर चुकी है, जबकि इसकी अधिकतम डिजाइन स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
लॉजिस्टिक्स बाजार और कार्गो का प्रकार
कोयला या खनिजों जैसी भारी सामग्री ढोने वाली पारंपरिक मालगाड़ियों से अलग, इस वंदे भारत फ्रेट ट्रेन को विशेष रूप से समयबद्ध व्यावसायिक माल की आवाजाही के लिए बनाया गया है। रेलवे प्रशासन ने इसे आधुनिक ई-कॉमर्स पार्सल, कूरियर पैकेट, कीमती इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, जीवन रक्षक दवाइयों और कोल्ड-चेन उत्पादों की तुरंत डिलीवरी के लिए तैयार किया है। अपनी तीव्र गति और तेज लोडिंग-अनलोडिंग क्षमता के बल पर यह ट्रेन सड़क परिवहन पर निर्भर व्यापारिक कंपनियों को एक सुरक्षित, किफायती और पूरी तरह समयबद्ध विकल्प प्रदान करेगी, जिससे दो बड़े औद्योगिक शहरों के बीच माल पहुंचाना आसान हो जाएगा।
तकनीकी विशेषताएं और सुरक्षा उपकरण
सामान की सुरक्षा और शीघ्र हैंडलिंग के उद्देश्य से इस फ्रेट ईएमयू में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। जल्द खराब होने वाले फल, सब्जियों और तापमान-संवेदनशील दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए पार्सल डिब्बों में रेफ्रिजरेटेड यानी रीफर वैन शामिल किए गए हैं। इसके अलावा सामान को तेजी से चढ़ाने और उतारने के लिए डिब्बों में चौड़े ऑटोमैटिक दरवाजे और पैलेट लोडिंग के लिए विशेष रोलर फ्लोरिंग दी गई है। यात्रियों वाली वंदे भारत की तर्ज पर ही इसमें स्वचालित डोर-लॉकिंग सिस्टम, आग की पहचान करने वाली अत्याधुनिक प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और भारत की स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' स्थापित की गई है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से अलग भूमिका
ट्रेन के परिचालन संबंधी दायरे को स्पष्ट करते हुए रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यह फ्रेट रैक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर चलने वाली भारी मालगाड़ियों का स्थान नहीं लेगा। इसे मुख्य रूप से यात्री रेल मार्गों पर अधिक गति से छोटे, बहुमूल्य और समय-संवेदनशील कार्गो को पहुंचाने के लिए विकसित किया गया है। वेस्टर्न रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस सफल स्पीड ट्रायल से भारतीय रेलवे के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए रास्ते खुलेंगे और उद्योगों को एक विश्वसनीय और तीव्र माल ढुलाई सेवा प्राप्त होगी। आरडीएसओ के विशेषज्ञ इस ट्रायल रन के दौरान एकत्र किए गए सभी तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं, जो भविष्य में इसके व्यावसायिक परिचालन को हरी झंडी देने में मदद करेगा।



















